मौजूदा IPL कई मायनों में खास है। विश्व कप से ठीक पहले शुरू हुआ यह टूर्नामेंट कई खिलाड़ियों के लिए अपना फॉर्म, क्लास और खेल दिखाने का सुनहरा मौका था। कई युवाओं ने प्रभावी खेल से दुनिया को अपना परिचय दिया। ऊंची बोली में बिकने वाले बहुतेरे ऐसे भी थे, जो बुरी तरह फ्लॉप हुए। न गेंद से प्रभावी रहे और न बल्ले से रंग जमा पाए। अब जब IPL के लीग राउंड खत्म हो चुके हैं और प्लेऑफ शुरू होने वाला है, ऐसे में एक नजर उन खिलाड़ियों पर भी डालते हैं जो फिसड्डी साबित हुए।
IPL 2019 के फ्लॉप 11 खिलाड़ी, इकट्ठा करते ही खड़ी हो जाएगी फिसड्डियों की नई टीम
1. पृथ्वी शॉ (दिल्ली)
पृथ्वी शॉ ने कोलकाता के खिलाफ 99 रन की पारी खेली थी। इस अर्धशतक के बाद मानो शॉ के बल्ले को जंग ही लग गई। पूरे टूर्नामेंट भर यह खिलाड़ी रन के लिए तरसता रहा। पृथ्वी को टीम इंडिया का भविष्य माना जाता है। ऐसे में 12वें सीजन के 14 मुकाबलों में महज 292 रन शॉ के शो को फ्लॉप बनाता है। 2018 के अपने डेब्यू सीजन में हर किसी को प्रभावित करने वाला यह खब्बू बल्लेबाज शानदार फॉर्म में चल रहे अपने साथी सलामी बल्लेबाज शिखर धवन का साथ नहीं निभा पाया। हालांकि 7 साल बाद दिल्ली के प्लेऑफ में पहुंचने के बाद अब पृथ्वी के पास खुद को साबित करने के लिए एक मौका तो मिलेगा ही।
2. शेन वॉटसन (चेन्नई)
2008 में मैन ऑफ द टूर्नामेंट रहे शेन वॉटसन बल्ले के साथ-साथ गेंद से भी कमाल करना जानते हैं। पिछले साल फाइनल में शतक ठोकने वाले वॉटसन ने 'बूढा' कहने वाले ट्रोलर्स के मुंह पर तमाचा भी मारा था। कुछ ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद इस बार भी यैलो आर्मी ने उनसे लगाई थी, लेकिन 37 वर्षीय यह खिलाड़ी अबतक उस रंग में नजर नहीं आया जितनी क्षमता अपने पास रखता है। हैदराबाद के खिलाफ एक मैच में 96 रन की पारी छोड़ दी जाए तो 14 मुकाबलों में वॉटसन 152 रन ही बना पाए। पूरे सीजन शेन का स्ट्राइक रेट भूतल पर ही रहा। अब महेंद्र सिंह धोनी वॉटसन से एलिमिनेटर में ऑलराउंड खेल की उम्मीद करेंगे।
3. अंबाती रायुडू (चेन्नई)
चेन्नई की टीम ने भले ही पॉइंटस टेबल को टॉप 2 पोजिशन पर फिनिश किया हो, लेकिन उनके स्टार बल्लेबाजों का खराब फॉर्म किसी खतरे की घंटी से कम नहीं। पिछले सीजन में अपने दमदार खेल से सीधे टीम इंडिया में एंट्री पाने वाले रायुडू इस बार बेरंग ही नजर आए। अंबाती इस सीजन में अबतक सिर्फ 261 रन ही बना पाए। स्ट्राइक रेट 100 से भी कम रहा (93.54)। अर्धशतक भी सिर्फ एक ही आया। विश्व कप टीम में जगह न मिलने के बाद जरूर यह समय किसी उनके लिए निराशा और हताशा भरा होगा, लेकिन लहरों के विपरित तैरने वाला ही मंजिल पाता है यह बात भी उन्हें गांठ बांध लेनी चाहिए।
4. विजय शंकर (हैदराबाद)
विजय शंकर को विश्व कप के लिए टीम इंडिया में यह कहकर शामिल किया गया कि वो टीम को थ्री डायमेंशनल विकल्प मुहैया कराएंगे। हैदराबाद के लिए खेल रहे विजय शंकर को टीम मैनेजमेंट मे सभी 14 मैचों में खेलने का मौका दिया है। लेकिन उन्होंने टीम को लगातार निराश किया है। 14 मैच में 2 बार नाबाद रहते हुए विजय केवल 219 रन बना सके हैं। ये रन उन्होंने 19.90 की औसत और 120.32 की स्ट्राइक रेट से बनाए हैं। शंकर के बल्ले से एक बड़ी पारी निकली है वो एक बार नाबाद 40 रन की पारी खेल सके हैं। वहीं गेंदबाजी में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले हैं। 14 मैच में उन्होंने महज 48 गेंदें फेंकी है जिसमें उन्होंने 70 रन खर्च करके महज 1 विकेट हासिल किया है। गेंजबाजी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 11 रन देकर 1 विकेट रहा है।