INDW vs AUSW: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दबाव में होगी भारतीय गेंदबाजी, क्लीन स्वीप से बचना चाहेगी टीम इंडिया
भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच तीसरा एकदिवसीय मैच 26 सितंबर को खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया के आगे क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है। तीन वनडे मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे है।
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भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच तीन एकदिवसीय मैचों की सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 26 सितंबर (रविवार) को मैके में खेला जाएगा। इस मैच में टीम इंडिया की गेंदबाजों को एक बेहतर प्रदर्शन करने की जरूरत होगी। क्योंकि भारतीय महिला टीम के आगे क्लीन स्वीप से बचने की चुनौती है। जबकि, ऑस्ट्रेलिया की महिला टीम अपनी 27वीं एकदिवसीय जीत की तलाश में है।
नो बॉल के फैसले से भारत दूसरा वनडे हारा
24 सितंबर को भारत और ऑस्ट्रेलिया की महिला टीमों के बीच खेले गए दूसरे वनडे मैच में टीम इंडिया अंपायर के गलत फैसले की वजह से हार गई। ऑस्ट्रेलियाई पारी का 50वां ओवर झूलन गोस्वामी फेंकने आईं। तब कंगारू टीम को जीतने के लिए 13 रन बनाने थे। ऐसे में अंपायर ने झूलन की अंतिम गेंद को नो बॉल करार दिया। जिसके चलते यह मैच भारत के हाथ से निकल गया।
भारत की तेज गेंदबाजी चिंताजनक
भारतीय महिला टीम की तेज गेंदबाजी साल 2021 में कुछ खास नहीं कर पाई है। झूलन गोस्वामी को अगर छोड़ दिया जाए तो बाकी टीम इंडिया की फास्ट बॉलर्स ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। कुल मिलाकर अमिता शर्मा के रिटायरमेंट के बाद झूलन के साथ नई गेंद से बॉलिंग करने का कोई योग्य साथी नहीं मिला। अमिता ने एक दशक पहले संन्यास लिया था। जहां तक शिखा पांडेय की बात है तो मेहनती गेंदबाज होने के बावजूद वह झूलन का साथ पूरा नहीं कर पाईं। इसके अलावा मानसी जोशी, पूजा वस्त्रकार मोनिका पटेल भी कोई आत्मविश्वास नहीं जगा पाईं
स्पिन गेंदबाजी टीम इंडिया की मजबूती
भारतीय महिला टीम कि स्पिन गेंदबाजी काफी मजबूत मानी जाती है। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पूनम यादव की लेग स्पिन गेंदों का सामना कैसे करना है उसका तरीका ढूढ़ निकाला है। जिसके चलते वह बेअसर साबित हो रही हैं। दीप्ति शर्मा की गेंदबाजी में बहुत सुधार नहीं हुआ है। वह अभी भी बीच के ओवरों में फंस जाती है जहां टीम मोमेंटम खो देती है। यह तब हो रहा है जब दीप्ति दुनिया भर की तमाम टी-20 लीग में खेलती हैं।
मिताली की समस्या स्ट्राइक रेट
हालांकि, मिताली राज बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं लेकिन उनकी समस्या स्ट्राइक रेट है। वह ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करने के बजाय धीमी बैटिंग करती हैं। इस तरह मिताली टीम को कैसे जिताएंगी यह बड़ा सवाल है। अगर वह तेजी से रन बनाए तो इसका फायदा टीम इंडिया को होगा।
11 में 9 वनडे हारेगी टीम इंडिया
अगर भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरा वनडे हार जाती है जिसकी संभावना है तो यह उसकी 11 मैचों में से नौवीं हार होगी। यह अगले साल न्यूजीलैंड में होने वाले विश्व कप के लिेए टीम इंडिया की अच्छी तैयारी नहीं कही जाएगी।
दोनों टीमें:
भारत:
मिताली राज (कप्तान), हरमनप्रीत कौर (उप-कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, पुनम राउत, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, यास्तिका भाटिया, तानिया भाटिया (विकेटकीपर), शिखा पांडे, झूलन गोस्वामी, मेघना सिंह, पूजा वस्त्रकार, राजेश्वरी गायकवाड़, पूनम यादव, ऋचा घोष, एकता बिष्ट
ऑस्ट्रेलिया:
मेग लैनिंग (कप्तान), डार्सी ब्राउन, मैटलन ब्राउन, स्टेला कैंपबेल, निकोला केरी, हन्ना डार्लिंगटन, एशले गार्डनर, एलिसा हीली, ताहलिया मैक्ग्राथ, सोफी मोलिनक्स, बेथ मूनी, एलियस पेरी, जॉर्जिया रेडमायने, मौली स्ट्रानो, एनाबेल सदरलैंड, टायला व्लामिनेक , जॉर्जिया वारेहम