वर्ल्ड चैंपियन बनकर लौटी भारतीय U-19 टीम, मुंबई एयरपोर्ट पर हुआ जोरदार स्वागत
आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप की चैंपियन टीम इंडिया सोमवार को भारत पहुंच चुकी है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचते ही टीम इंडिया का जोरदार स्वागत किया गया। गौरतलब है कि टौरंगा के बे ओवल स्टेडियम में खेले गए आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को 8 विकेट से करारी मात देकर आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इसके साथ ही टीम इंडिया ने चौथी बार यह खिताब अपने नाम दर्ज किया।
Indian U-19 cricket team players arrive at Mumbai Airport after winning the U-19 World Cup title. pic.twitter.com/hkB7MLrlIk
— ANI (@ANI) February 5, 2018विज्ञापन
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम इंडिया के सामने 217 रन का लक्ष्य रखा था। जिसके जवाब में उतरी टीम इंडिया ने 38.5 ओवर में ही मनजोत कालरा (101 रन, 102 गेंद, 8 चौकों और 3 छक्कों) के नाबाद पारी की बदौलत मैच जीतकर वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया टीम को भारतीय तेज गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई टीम 47.2 ओवर में 216 रन पर ऑलआउट कर दिया। इशान पॉरेल (2/30) और कमलेश नागरकोटी (2/41) ने टीम इंडिया को शुरूआती विकेट दिलाए। जिसके बाद अनुकूल रॉय (2/32) और शिवम मावी (46/1) ने गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन किया।
मालूम हो कि अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेले गए टूर्नामेंट में टीम इंडिया ने कोई मैच नहीं गंवाया था। इसलिए फैन्स की टीम इंडिया से उम्मीदें और ज्यादा थी। हालांकि, दोनों टीमें फाइनल को लेकर काफी उत्साहित और आत्मविश्ववास से परिपूर्ण थी। एक तरफ सेमीफाइनल में जहां ऑस्ट्रिलिया ने अफगानिस्तान को 6 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई, वहीं दूसरी तरफ टीम इंडिया ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 203 रन से करारी मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था।
बता दें कि टीम इंडिया और ऑस्ट्रेलिया दोनों की कोशिश अपने चौथे खिताब पर कब्जा जमाने की थी, लेकिन ऑस्ट्रेलिया को निराशा हाथ लगी। मालूम हो कि दोनों टीमें अभी तक इस वर्ल्ड कप को तीन-तीन बार घर ले जा चुकी थी, लेकिन टीम इंडिया ने चौथी बार खिताब पर कब्जा जमाने में सफल रही। ऑस्ट्रेलिया ने 1988, 2002 और 2010 में अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था तो वहीं टीम इंडिया ने 2000, 2008, 2012 में वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, लेकिन अब 2018 भी इस खाते में शामिल हो गया। इसी के साथ टीम इंडिया चौथी बार इतिहास रचने में कामयाब रही।