भारतीय क्रिकेट टीम T-20 विश्व कप के लिए जाएगी इंग्लैंड, पढ़िए कोहली के फैन कप्तान से बातचीत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप जीतने में भले ही असफल रही हो, लेकिन हमारे विश्व कप जीतने की उम्मीदें अभी भी जिंदा हैं। यह उम्मीद दिव्यांग भारतीय क्रिकेट टीम से है जो विशेष T-20 क्रिकेट विश्व कप खेलने इंग्लैंड रवाना होने जा रही है। अमर उजाला संवाददाता ने टीम के कप्तान विक्रांत रवींद्र केनी से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर उनसे बातचीत की। पढ़िए क्या कहते हैं विक्रांत-
इस T-20 विश्व कप से आपकी क्या उम्मीदें हैं? आपकी टीम की सबसे बड़ी मजबूती क्या है?
यह दिव्यांग क्रिकेट टीमों का पहला T-20 विश्व कप है। हम इसे किसी भी कीमत पर जीतना चाहते हैं। हमारी टीम ऐसी है कि हम इसे जीतने का पूरा विश्वास रख सकते हैं। जहां तक हमारी मजबूती की बात है, हमारी टीम में नौ ऑल राउंडर हैं जो बैटिंग-बॉलिंग से लेकर क्षेत्ररक्षण तक में बहुत मजबूत हैं। हमारी पेस बैटरी काफी मजबूत है जिसके दम पर हम किसी भी टीम को बांधकर रखने में सक्षम हैं।
इस विश्व कप में अपना मुकाबला किससे मानते हैं?
विश्व कप में भारत का मुकाबला पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, जिंबाब्वे और इंग्लैंड से होना है। पाकिस्तान हमारा सबसे मजबूत प्रतिद्वंदी है जिसकी बॉलिंग अटैक काफी अच्छी है। इसके अलावा अफगानिस्तान की टीम नई होने के बाद भी काफी मजबूत है जो किसी भी टीम को चुनौती दे सकती है।
भारतीय क्रिकेट टीम विश्व कप जीतने में नाकाम रही। इस पर आपका क्या कहना है?
आप इसे एक चांस की बात कह सकते हैं। इससे ज्यादा कुछ नहीं। भारतीय टीम किसी भी दूसरी टीम से ज्यादा मजबूत थी। विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों वाली हमारी टीम सच में बेहद अच्छी है और हमें विश्व कप जीतना चाहिए था।
भारतीय क्रिकेट टीम में आपका सबसे पसंदीदा खिलाड़ी कौन है, और क्यों?
बिना किसी विवाद के मैं विराट कोहली का नाम लूंगा। वे आक्रामकता और सूझबूझ के गजब के मिश्रण हैं। लगता है कि खेलते समय कभी उनकी ऊर्जा खत्म ही नहीं होती। नए साथियों को वे जिस तरह आगे बढ़ाते हैं, वह वाकई काबिलेतारीफ है। हालांकि, उनसे मिलने की हमारी चाहत अभी भी पूरी नहीं हुई है, लेकिन मैं उनका बड़ा फैन हूं।
दिव्यांग क्रिकेट की भारत में पहचान काफी कम है?
यह सही है कि दिव्यांग क्रिकेट भारत में अभी भी अपने शुरुआती दौर में है, लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि इसके बावजूद यहां काफी कड़ा मुकाबला है। पूरे भारत में लगभग 500 से ज्यादा मजबूत खिलाड़ियों के बीच में से हमारे 20 साथी इस विश्व कप के लिए चुने गए हैं।
दिव्यांग क्रिकेट की सफलता के लिए क्या किया जाना चाहिए?
दीपा मलिक जैसी अनेक दिव्यांग खिलाड़ियों ने यह साबित कर दिया है कि अगर हम सफलता हासिल करते हैं तो देश हमारा सम्मान करने को तैयार है। हमें इसके लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। साथ ही, अगर बीसीसीआई या भारत सरकार की तरफ से आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिले तो दिव्यांग क्रिकेट भी लोकप्रिय हो सकता है।
ये हैं टीम के खिलाड़ी-
विक्रांत रवींद्र केनी (कप्तान), कुनाल दत्तात्रेय फणसे, वसीम इकबाल खान, तुषार पाल, रवींद्र गोपीनाथ संते, सुगनेश महेंदरन, देवाव्रत रॉय (विकेट कीपर), अनीश पी रंजन, अंशुल, रमेश सुब्रामण्यम, नरेंद्र मैंगोरे, जेवी नागाराजू, गुरुदास रामदास राउत, गुर्जांत सिंह, मंदीप सिंह सरन, आमिर हसन राथेर
स्टैंड बाय- अब्दुल खलिक, सनी गोयल, अवनीश कुमार, एआर जयस्वर
विश्व कप तीन अगस्त से शुरु होकर 13 अगस्त तक चलेगा। भारत का पहला मैच पांच अगस्त को बांग्लादेश की टीम के साथ होगा।