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Indian Captains Report Card: कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन सुपरहिट पर धोनी और गांगुली फ्लॉप, देखिए आंकड़े
Tue, 18 Jan 2022 03:01 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Tue, 18 Jan 2022 03:01 AM IST
सार
भारत की कप्तानी छोड़ने के बाद सिर्फ सचिन ही बल्ले के साथ कमाल कर पाए हैं। द्रविड़, धोनी और गांगुली जैसे खिलाड़ियों ने काफी संघर्ष किया है। ऐसे में विराट का प्रदर्शन कैसा होगा यह देखने वाली बात होगी।
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विराट कोहली
- फोटो : क्रिकबज
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विस्तार
विराट कोहली ने तीनों फॉर्मेट में भारत की कप्तानी छोड़ दी है और धोनी के बाद वो पहली बार किसी दूसरे खिलाड़ी की कप्तानी में खेलेंगे। इससे पहले विराट 2016 में धोनी की कप्तानी में खेले थे। हालांकि भारतीय खिलाड़ियों के लिए कप्तानी छोड़ने के बाद अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं रहा है। धोनी, गांगुली और द्रविड़ जैसे महान खिलाड़ी भी कप्तानी छोड़ने के बाद कुछ खास नहीं कर पाए हैं। हालांकि सचिन ने कप्तानी छोड़ने के बाद हजारों रन बनाए और कई शतक भी लगाए, लेकिन उनके अलावा कोई दूसरा खिलाड़ी ऐसा नहीं कर पाया है।
भारत के पूर्व कप्तानों का रिकॉर्ड देखते हुए विराट के लिए भी यह मुश्किल लगता है कि वो कप्तानी छोड़ने के बाद बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। हालांकि विराट ने कप्तानी छोड़ी इसी वजह से है ताकि वो बल्ले के साथ अच्छा प्रदर्शन कर सकें। उनके बल्ले से कोई शतक निकले दो साल से ऊपर हो चुके हैं और बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए ही उन्होंने टी-20 की कप्तानी छोड़ी थी। हालांकि इसके बाद उन्हें वनडे और टेस्ट की कप्तानी भी छोड़नी पड़ी है।
अब विराट के ऊपर कप्तानी का दबाव नहीं होगा और पूरी तरह से अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान दे सकेंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उनके बल्ले से बड़ा पारी निकलेगी। विराट को चुनौतियां पसंद हैं और उन्हें इतिहास बदलने में महारत हासिल है। इससे पहले विराट ने विदेश में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बदला है और विदेशी दौरों में बतौर बल्लेबाज भी अपनी रिकॉर्ड बेहतर किया है। खासकर इंग्लैंड के पहले दौर में विराट फ्लॉप रहे थे, लेकिन दूसरे दौरे में उन्होंने 500 से ज्यादा रन बनाए थे। कप्तानी के मामले में भी विराट यह रिकॉर्ड बदलना चाहेंगे।
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कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का रिकॉर्ड
कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन सुपरहिट
सचिन तेंदुलकर ने 1996 और 1999 में दो बार भारत की कप्तानी की थी। हालांकि बतौर कप्तान वो कुछ खास नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ी और एक बल्लेबाज के रूप में कई रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने कप्तानी छोड़ने के बाद 222 पारियों में 48 के औसत से 9657 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 25 शतक और 51 अर्धशतक निकले। सचिन ने कप्तानी छोड़ने के बाद वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक भी लगाया था। वहीं टेस्ट की 208 पारियों में 53 के औसत से 9885 रन बनाए। टेस्ट में उनके बल्ले से 29 शतक और 44 अर्धशतक निकले। कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन ने कुल 54 शतक लगाए।
द्रविड़, अजहर और गांगुली फ्लॉप रहे
कप्तानी से हटने के बाद राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गज कुछ खास नहीं कर पाए। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कप्तानी छोड़ने के बाद वनडे की 11 पारियों में 27 के औसत से 268 रन बनाए। वहीं टेस्ट की दो पारियों में उनके बल्ले से 56 के औसत से 111 रन निकले। इसमें एक शतक शामिल था, लेकिन कप्तानी से हटने के बाद उनका कैरियर लंबा नहीं चला। 13 पारियों में एक शतक लगाने के बाद अजहर का क्रिकेट कैरियर समाप्त हो गया।
राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ने के बाद 95 टेस्ट पारियों में 44 की औसत से 3796 रन बनाए, लेकिन उनके बल्ले से ज्यादा शतक नहीं निकले। इस दौरान उन्होंने 12 शतक और 15 अर्धशतक लगाए। वहीं वनडे की 15 पारियों में उन्होंने 24 औसत से 355 रन बनाए। इसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल थे।
सौरव गांगुली ने कप्तानी छोड़ने के बाद टेस्ट की 53 पारियों में 45 के औसत से 2146 रन बनाए। इसमें चार शतक और 10 अर्धशतक शामिल थे। वहीं वनडे की 28 पारियों में उनके बल्ले से 1120 रन निकले। इस दौरान उनका औसत 43 का था। उन्होंने कप्तानी से हटने के बाद 11 अर्धशतक लगाए, लेकिन वनडे में कोई शतक नहीं लगा सके।
धोनी के बल्ले से कोई शतक नहीं
2017 में कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने वनडे में 20 पारियां खेलीं और 49 के औसत से 686 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से छह अर्धशतक निकले पर कोई शतक नहीं लगा सके। वहीं टी-20 में माही ने कप्तानी से हटने के बाद 22 पारियां खेली और 42 के औसत से 505 रन बनाए। इसमें दो अर्धशतक शामिल थे, लेकिन उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला।
पिछले कुछ सालों में विराट का हाल भी ऐसा ही रहा है। उन्होंने पिछले दो सालों में लगभग 40 के औसत से रन बनाए हैं, लेकिन किसी भी फॉर्मेट में वो शतक नहीं लगा पाए हैं। कप्तानी छोड़ने के बाद भी विराट के लिए शतक लगाना मुश्किल होगा। हालांकि वो भी सचिन की तरह फिर से निखर सकते हैं और शतकों की बरसात कर सकते हैं।
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भारत के पूर्व कप्तानों का रिकॉर्ड देखते हुए विराट के लिए भी यह मुश्किल लगता है कि वो कप्तानी छोड़ने के बाद बल्ले से अच्छा प्रदर्शन कर पाएंगे। हालांकि विराट ने कप्तानी छोड़ी इसी वजह से है ताकि वो बल्ले के साथ अच्छा प्रदर्शन कर सकें। उनके बल्ले से कोई शतक निकले दो साल से ऊपर हो चुके हैं और बल्लेबाजी पर ध्यान देने के लिए ही उन्होंने टी-20 की कप्तानी छोड़ी थी। हालांकि इसके बाद उन्हें वनडे और टेस्ट की कप्तानी भी छोड़नी पड़ी है।
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अब विराट के ऊपर कप्तानी का दबाव नहीं होगा और पूरी तरह से अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान दे सकेंगे। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही उनके बल्ले से बड़ा पारी निकलेगी। विराट को चुनौतियां पसंद हैं और उन्हें इतिहास बदलने में महारत हासिल है। इससे पहले विराट ने विदेश में भारतीय टीम का रिकॉर्ड बदला है और विदेशी दौरों में बतौर बल्लेबाज भी अपनी रिकॉर्ड बेहतर किया है। खासकर इंग्लैंड के पहले दौर में विराट फ्लॉप रहे थे, लेकिन दूसरे दौरे में उन्होंने 500 से ज्यादा रन बनाए थे। कप्तानी के मामले में भी विराट यह रिकॉर्ड बदलना चाहेंगे।
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कप्तानी छोड़ने के बाद भारतीय खिलाड़ियों का रिकॉर्ड
| खिलाड़ी | पारी | शतक |
| सचिन तेंदुलकर | 430 | 54 |
| राहुल द्रविड़ | 110 | 12 |
| सौरव गांगुली | 81 | 4 |
| एमएस धोनी | 42 | 0 |
| मो. अजहरुद्दीन | 13 | 1 |
कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन सुपरहिट
सचिन तेंदुलकर ने 1996 और 1999 में दो बार भारत की कप्तानी की थी। हालांकि बतौर कप्तान वो कुछ खास नहीं कर सके। इसके बाद उन्होंने कप्तानी छोड़ी और एक बल्लेबाज के रूप में कई रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने कप्तानी छोड़ने के बाद 222 पारियों में 48 के औसत से 9657 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 25 शतक और 51 अर्धशतक निकले। सचिन ने कप्तानी छोड़ने के बाद वनडे इतिहास का पहला दोहरा शतक भी लगाया था। वहीं टेस्ट की 208 पारियों में 53 के औसत से 9885 रन बनाए। टेस्ट में उनके बल्ले से 29 शतक और 44 अर्धशतक निकले। कप्तानी छोड़ने के बाद सचिन ने कुल 54 शतक लगाए।
द्रविड़, अजहर और गांगुली फ्लॉप रहे
कप्तानी से हटने के बाद राहुल द्रविड़, सौरव गांगुली और मोहम्मद अजहरुद्दीन जैसे दिग्गज कुछ खास नहीं कर पाए। मोहम्मद अजहरुद्दीन ने कप्तानी छोड़ने के बाद वनडे की 11 पारियों में 27 के औसत से 268 रन बनाए। वहीं टेस्ट की दो पारियों में उनके बल्ले से 56 के औसत से 111 रन निकले। इसमें एक शतक शामिल था, लेकिन कप्तानी से हटने के बाद उनका कैरियर लंबा नहीं चला। 13 पारियों में एक शतक लगाने के बाद अजहर का क्रिकेट कैरियर समाप्त हो गया।
राहुल द्रविड़ ने कप्तानी छोड़ने के बाद 95 टेस्ट पारियों में 44 की औसत से 3796 रन बनाए, लेकिन उनके बल्ले से ज्यादा शतक नहीं निकले। इस दौरान उन्होंने 12 शतक और 15 अर्धशतक लगाए। वहीं वनडे की 15 पारियों में उन्होंने 24 औसत से 355 रन बनाए। इसमें सिर्फ दो अर्धशतक शामिल थे।
सौरव गांगुली ने कप्तानी छोड़ने के बाद टेस्ट की 53 पारियों में 45 के औसत से 2146 रन बनाए। इसमें चार शतक और 10 अर्धशतक शामिल थे। वहीं वनडे की 28 पारियों में उनके बल्ले से 1120 रन निकले। इस दौरान उनका औसत 43 का था। उन्होंने कप्तानी से हटने के बाद 11 अर्धशतक लगाए, लेकिन वनडे में कोई शतक नहीं लगा सके।
धोनी के बल्ले से कोई शतक नहीं
2017 में कप्तानी छोड़ने के बाद धोनी ने वनडे में 20 पारियां खेलीं और 49 के औसत से 686 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से छह अर्धशतक निकले पर कोई शतक नहीं लगा सके। वहीं टी-20 में माही ने कप्तानी से हटने के बाद 22 पारियां खेली और 42 के औसत से 505 रन बनाए। इसमें दो अर्धशतक शामिल थे, लेकिन उनके बल्ले से कोई शतक नहीं निकला।
पिछले कुछ सालों में विराट का हाल भी ऐसा ही रहा है। उन्होंने पिछले दो सालों में लगभग 40 के औसत से रन बनाए हैं, लेकिन किसी भी फॉर्मेट में वो शतक नहीं लगा पाए हैं। कप्तानी छोड़ने के बाद भी विराट के लिए शतक लगाना मुश्किल होगा। हालांकि वो भी सचिन की तरह फिर से निखर सकते हैं और शतकों की बरसात कर सकते हैं।