कप्तान धोनी और टीम इंडिया के लिए 'करो या मरो' है यह मैच
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इंदौर में मिली जीत के बाद ऐसा लगा था कि टीम इंडिया जीत की राह पर लौट आई है लेकिन राजकोट में भारतीय टीम जिस तरह से हारी उसने काफी निराश किया। साथ ही धोनी की टीम ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में महत्वपूर्ण बढ़त बनाने का मौका भी गंवा दिया।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी टीम पर इस मैच से सीरीज में लौटने का खासा दबाव होगा। भारत के लिए यह मैच एक तरह से सीरीज में करो या मरो की स्थिति हो गई है, मेजबान टीम अगर यह मैच हार जाती है तो टी-20 के बाद भारत वनडे सीरीज भी गंवा देगा। 3 महीने की लंबी छुट्टी के बाद धोनी दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की टी-20 सीरीज से मैदान पर वापसी की थी लेकिन टीम को यहां पर हार मिली।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच सीरीज का चौथा वनडे मैच बृहस्पतिवार को भारतीय समयानुसार दोपहर डेढ़ बजे से शुरू होगा। वहीं चेन्नई ने इससे पहले दिंसबर 2012 में भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे मैच की मेजबानी की थी।
भारतीय कप्तान धोनी का एक तरह से यह दूसरा घर जैसा है और आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स की ओर से खेलते हुए इसे अपना घर बना लिया है। साथ ही यह उनका पसंदीदा मैदान भी है। उन्होंने चेपक पर 2 शतक लगाए हैं जिसमें भारत को जीत मिली थी।
मध्य क्रम को लेकर परेशान है टीम इंडिया
चेन्नई में मौसम और भी ज्यादा उमसभरा रहता है ऐसे में भारतीय टीम इसका निश्चित तौर पर फायदा उठाना चाहेगी। भारतीय बल्लेबाजी में उतार-चढ़ाव दिखता रहा है। शीर्ष क्रम रन बना भी रहा है तो मध्य क्रम अभी तक बुरी तरह से नाकाम रहा है। शीर्ष क्रम में सिर्फ ओपनर शिखर धवन अभी लय नहीं बना सके हैं जबकि दूसरे ओपनर रोहित शर्मा फॉर्म में दिख रहे हैं। वह 3 मैचों से एक में शतक और एक फिफ्टी लगा चुके हैं।
विराट कोहली भी 8 महीने के लंबे इंतजार के बाद वनडे में पहली फिफ्टी ठोंक चुके हैं। कप्तान धोनी के बल्ले से रन निकल रहे हैं लेकिन वह टीम को जीत दिला पाने में नाकाम रहे। कानपुर के बाद राजकोट वनडे में धोनी लंबे समय तक क्रीज पर रहे लेकिन अच्छी साझेदारी के बाद टीम को जीत नहीं दिला सके। हालांकि सुरेश रैना की नाकामी टीम के लिए सिरदर्द बना हुआ है।
जहां तक गेंदबाजी का सवाल है तो टीम के नंबर वन फिरकी गेंदबाज आर अश्विन के चोटिल होकर बाहर होने से टीम के आक्रमण में थोड़ी कमजोरी दिख रही है। हालांकि अक्षर पटेल बढ़िया गेंदबाजी कर रहे हैं। अनुभवी फिरकी गेंदबाज अमित मिश्रा के बारे में यह तय नहीं हैं कि वह इस मैच में खेलेंगे या नहीं क्योंकि वह इस समय एक महिला के साथ मारपीट करने के मामले में फंसे हुए हैं।
रणजी में बेहद शानदार प्रदर्शन के दम पर एक बार फिर से टीम इंडिया में लौटे रवींद्र जडेजा की वापसी हुई है और इस बात की संभावना है कि उन्हें इस मैच में टीम के अंतिम एकादश में शामिल कर लिया जाए।
चेन्नई वनडे में अफ्रीकी टीम पर भी होगा दबाव
अफ्रीकी टीम को सीरीज पर कब्जा जमाने के लिए सिर्फ एक जीत की दरकार है। लेकिन टीम के मध्य क्रम के बल्लेबाज जेपी डुमिनी के राजकोट वनडे के दौरान चोटिल होने से चेन्नई में खेले जाने वाले चौथे वनडे में भारत का काम थोड़ा आसान हो गया है।
राजकोट में डुमिनी भारतीय कप्तान धोनी के स्ट्रेट ड्राइव को रोकने में चोटिल हो गए थे। गेंद की गति इतनी ज्यादा थी कि वह डुमिनी के हाथों से छिटककर उनकी छाती में जा लगी। चोट इस कदर तेज थी कि उन्हें शेष सीरीज से बाहर होना पड़ा। सीरीज में अब तक डुमिनी ने अहम भूमिका निभाई थी। रन बनाने के अलावा वह अपनी उपयोगी ऑफ स्पिन से अहम साझेदारी को तोड़ा भी है। उनकी जगह डीन एल्गर को रखा गया है।
टीम इंडिया से उलट दक्षिण अफ्रीकी टीम चार नियमित गेंदबाज के साथ मैदान में उतरी और पांचवें गेंदबाज के कोटे के ओवर डुमिनी और फरहान बेहरादिन ने पूरे किए। यह रणनीति अभी तक सही साबित हो रही थी क्योंकि चारों नियमित गेंदबाजों ने अच्छा प्रदर्शन किया है। ऐसे में अगर पांचवां गेंदबाज ज्यादा रन दे भी देता है, तो भी ज्यादा फर्क नहीं पड़ता।
डुमिनी के चोटिल होने से दक्षिण अफ्रीका पांचवें गेंदबाज को लेकर दबाव में रहेगा। यह देखने लायक होगा कि उनका विकल्प बल्लेबाजी और गेंदबाजी करने में सक्षम होगा या नहीं। भारत की पांच गेंदबाजों के साथ उतरने की रणनीति कामयाब नहीं रही क्योंकि गेंदबाज काफी महंगे साबित हुए हैं और वे बल्ले से योगदान देने में भी विफल रहे हैं। इस वजह से लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम का शीर्ष क्रम दबाव में रहता है।