T20 WC: 20वें ओवर में फ्री हिट पर कोहली हुए बोल्ड, फिर भी क्यों मिले तीन रन? यहां जानें नो और डेड बॉल के नियम
पाकिस्तानी खिलाड़ी अंपायर से भिड़ गए और इस गेंद को डेड बॉल घोषित करने की मांग करने लगे। वहीं, मैच के बाद पाक फैन्स ने चीटिंग का आरोप लगाया और नियम का हवाला दिया। हालांकि, नियम क्या कहते हैं, हम आपको इस बारे में बता रहे हैं...
विस्तार
टीम इंडिया को आखिरी ओवर में 16 रन बनाने थे, जबकि सामने बाएं हाथ के स्पिनर मोहम्मद नवाज थे। पहली गेंद पर हार्दिक पांड्या आउट हो गए। उन्हें बाबर आजम ने कैच आउट किया। आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, अब कैच के दौरान स्ट्राइकर्स एंड बदल लेने के बावजूद बल्लेबाज का एंड नहीं बदलेगा। यानी कोहली दौड़कर दूसरी साइड पहुंच भी गए थे, लेकिन यह मान्य नहीं हुआ। कैच आउट होने पर नया बल्लेबाज ही स्ट्राइक लेगा। ऐसे में दिनेश कार्तिक ने स्ट्राइक लिया। दूसरी गेंद पर एक रन बना। तीसरी गेंद पर कोहली ने दो रन लिए। वहीं, चौथी गेंद जो की एक फुलटॉस थी, कोहली ने इस पर छक्का लगाया। इसके बाद वह अंपायर की तरफ देखकर नो बॉल की मांग करने लगे। अंपायर ने थोड़ी देर इंतजार किया और फिर नो बॉल का इशारा किया। अंपायर का मानना था कि गेंद कमर की हाइट से ऊपर थी। इसके बाद पाकिस्तानी फैन्स और खिलाड़ी नाराज हो गए। आइए देखते हैं इस तरह की गेंद के लिए नो बॉल के नियम क्या कहते हैं...
- आईसीसी के नियमों के मुताबिक, जिस वक्त गेंद बल्ले या शरीर को पहली बार छुए (पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट), उस वक्त गेंद की ऊंचाई कमर की ऊंचाई से ज्यादा होनी चाहिए। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि जिस वक्त कोहली के बल्ले से गेंद लगी उस वक्त उसकी ऊंचाई उनके कमर से ऊपर थी।
- दूसरी बात यह ध्यान देने वाली होती है कि बैटर बॉल को खेलने के लिए क्रीज से निकलकर आगे न बढ़ा हो यानी की वह गेंद को खेलने के लिए आगे नहीं बढ़ा हो। तस्वीर में देखा जा सकता है कि कोहली का एक पैर क्रीज में था। वह स्टेप डाउन कर हिट करने की कोशिश नहीं कर रहे थे। यानी की यह गेंद नो बॉल नहीं थी।
पाकिस्तान के कई पूर्व दिग्गजों ने एक टीवी शो के दौरान कहा कि फील्ड अंपायरों को नो बॉल डिसाइड करने का फैसला थर्ड अंपायर पर छोड़ देना चाहिए था। वसीम अकरम और वकार यूनिस ने कहा कि वह गेंद नो बॉल थी या नहीं इसका फैसला टेक्नोलॉजी से होना चाहिए था और थर्ड अंपायर को रेफर किया जाना चाहिए था। हालांकि, नए नियम यह बताते हैं कि हाई फुलटॉस को तब तक थर्ड अंपायर को रेफर नहीं किया जाता, जब तक बैटर उस गेंद पर आउट न हुआ हो। अगर बल्लेबाज आउट हो चुका है तो फील्ड अंपायर थर्ड अंपायर से इसे चेक करने के लिए कहते हैं। कोहली के मामले में उन्होंने गेंद पर छक्का लगाया था। ऐसे में फील्ड अंपायर इसे रेफर नहीं कर सकते थे। उन्होंने ऑन फील्ड इस पर फैसला लिया।
This is a game this time There was no ball for India The last time there was a no ball for Pakistan by bumra, please remember that same we are feeling that time, now good played by @imVkohli
— Advocate Kapil Malik🧘🙏🔔🛕🌿🌿 (@KapilMalik_) October 24, 2022
Kudos to Hardik Pandya as well!!!#INDvsPAK2022 #ViratKohli #ViratKohli𓃵 pic.twitter.com/SJniA1XIzI
नो बॉल पर अंपायर ने फ्री हिट दिया। फ्री हिट में नवाज की गेंद पर कोहली क्लीन बोल्ड हो गए। इसके बाद गेंद थर्ड मैन की ओर निकल गई। तब तक कोहली और कार्तिक ने दौड़कर तीन रन ले लिए थे। इसके बाद खिलाड़ियों और फैन्स का कहना था कि इस बॉल को डेड घोषित किया जाना चाहिए था। इसमें रन कैसे मिले? दरअसल, नियम के मुताबिक, अगर सामान्य गेंद पर कोई बैटर बोल्ड हो तो गेंद विकेट पर लगते ही डेड हो जाती है। नो बॉल पर भी यही नियम है। हालांकि, जिस गेंद पर कोहली बोल्ड हुए वह न तो सामान्य गेंद थी और न ही नो बॉल। वह फ्री हिट पर बोल्ड हुए थे। आईसीसी के नियम 21.18 के मुताबिक, फ्री हिट पर रन आउट के अलावा बल्लेबाज किसी भी प्रकार से आउट नहीं हो सकता। साथ ही गेंद विकेट पर लगने के बावजूद डेड नहीं होती। इस पर दौड़कर भी रन लिए जा सकते हैं। अगर गेंद विकेट में लगने से पहले बल्ले पर लगती तो रन बल्लेबाज के खाते में आते। हालांकि, कोहली के केस में ऐसा नहीं था। गेंद सीधे विकेट पर जाकर लगी थी। इस वजह से अंपायर्स ने बाय का इशारा किया।
Absolutely disgraceful from Marais Erasmus. Zero indication that he thinks it's a no ball initially, no signal or look to suggest. Watches the ball all the way to the boundary. Then pressure from Kohli and he crumbles like a cookie. Joke. #INDvPAK #INDvsPAK pic.twitter.com/YKkLwLGIaB
— Imran Escőbar (@razor5edge) October 23, 2022