{"_id":"6abe406400bbe38427024166","slug":"india-vs-pakistan-asian-games-final-match-handshake-question-ahead-of-another-showdown-know-all-details-2026-10-01","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"फिर चर्चा में नो हैंडशेक नीति: क्या एशियन गेम्स के फाइनल में भी कायम रहेगा भारत का रुख? क्या कहते हैं नियम","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
फिर चर्चा में नो हैंडशेक नीति: क्या एशियन गेम्स के फाइनल में भी कायम रहेगा भारत का रुख? क्या कहते हैं नियम
Thu, 01 Oct 2026 04:43 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, निशिन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, निशिन
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 01 Oct 2026 04:43 PM IST
सार
भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें जब एशियन गेम्स के फाइनल में आमने-सामने होंगी तो इस बात पर ध्यान रहेगा कि भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाते हैं या नहीं। पिछले कुछ समय से भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तान के खिलाफ नो हैंडशेक की नीति अपना रहे हैं।
विज्ञापन
भारतीय टीम
- फोटो : BCCI
विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें
भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमों के बीच एशियन गेम्स का फाइनल खेला जाएगा। जब भी ये दोनों टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेलती हैं तो रोमांच चरम पर होता है। इतना ही नहीं पिछले कुछ समय से नो हैंडशेक नीति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अब जबकि ये दोनों टीमें एक बार फिर आमने-सामने होंगी तो इस बात पर चर्चा शुरू हो गई है कि एशियन गेम्स में भी क्या भारतीय खिलाड़ी पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाएंगे?
विज्ञापन
भारत vs पाकिस्तान, पुरुष क्रिकेट का फाइनल
- फोटो : ANI
तीन अक्तूबर को होगा मुकाबला
भारत जब शनिवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा तो यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों टीमों के खिलाड़ी अन्य खेलों के खिलाड़ियों की तरह एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगे या नहीं। भारत ने गुरुवार को सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला तय किया। इस मुकाबले के मैदान पर क्रिकेट के साथ-साथ मैदान के बाहर के घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा में रहने की संभावना है।
मैच से पहले एक बार फिर इस बात पर विस्तृत चर्चा होगी कि दोनों टीम के खिलाड़ी हाथ मिलाएंगे या नहीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पिछले साल से भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप और आईसीसी प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया है। इसे भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया है।
भारत जब शनिवार को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान का सामना करेगा तो यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों टीमों के खिलाड़ी अन्य खेलों के खिलाड़ियों की तरह एक-दूसरे से हाथ मिलाएंगे या नहीं। भारत ने गुरुवार को सेमीफाइनल में श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबला तय किया। इस मुकाबले के मैदान पर क्रिकेट के साथ-साथ मैदान के बाहर के घटनाक्रम को लेकर भी चर्चा में रहने की संभावना है।
मैच से पहले एक बार फिर इस बात पर विस्तृत चर्चा होगी कि दोनों टीम के खिलाड़ी हाथ मिलाएंगे या नहीं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पिछले साल से भारतीय खिलाड़ियों ने एशिया कप और आईसीसी प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से परहेज किया है। इसे भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति एकजुटता के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हाथ मिलाना नहीं है अनिवार्य
पाकिस्तान के साथ हाथ नहीं मिलाने की यह नीति एशियाई क्रिकेट परिषद और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिताओं में जारी रहने वाली है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इसे एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) द्वारा आयोजित महाद्वीपीय खेलों तक भी बढ़ाया जाएगा? ओसीए या अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नियम खिलाड़ियों के लिए हाथ मिलाना अनिवार्य नहीं करते लेकिन इसे खेल भावना और शिष्ट आचरण के मानकों में शामिल माना जाता है।
ओलंपिक 2016 में मिस्र के जूडो खिलाड़ी इस्लाम एल शेहाबी ने इजराइल के खिलाड़ी ओर ससोन से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। आईओसी ने उन पर जुर्माना नहीं लगाया था लेकिन ‘निष्पक्ष खेल और मित्रता की भावना के नियमों’ का उल्लंघन करने के लिए उन्हें फटकार लगाई थी। बाद में उनकी अपनी टीम ने उन्हें वापस भेज दिया था। मौजूदा युद्ध के कारण यूक्रेन के खिलाड़ी भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहता है या मैच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाता है।
पाकिस्तान के साथ हाथ नहीं मिलाने की यह नीति एशियाई क्रिकेट परिषद और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की प्रतियोगिताओं में जारी रहने वाली है, लेकिन सवाल यह है कि क्या इसे एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) द्वारा आयोजित महाद्वीपीय खेलों तक भी बढ़ाया जाएगा? ओसीए या अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के नियम खिलाड़ियों के लिए हाथ मिलाना अनिवार्य नहीं करते लेकिन इसे खेल भावना और शिष्ट आचरण के मानकों में शामिल माना जाता है।
ओलंपिक 2016 में मिस्र के जूडो खिलाड़ी इस्लाम एल शेहाबी ने इजराइल के खिलाड़ी ओर ससोन से हाथ मिलाने से इनकार कर दिया था। आईओसी ने उन पर जुर्माना नहीं लगाया था लेकिन ‘निष्पक्ष खेल और मित्रता की भावना के नियमों’ का उल्लंघन करने के लिए उन्हें फटकार लगाई थी। बाद में उनकी अपनी टीम ने उन्हें वापस भेज दिया था। मौजूदा युद्ध के कारण यूक्रेन के खिलाड़ी भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में रूस और बेलारूस के खिलाड़ियों से हाथ मिलाने से इनकार करते रहे हैं। अब यह देखना होगा कि भारतीय क्रिकेट टीम प्रबंधन अपनी मौजूदा नीति पर कायम रहता है या मैच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ मिलाता है।
देवजीत सैकिया
- फोटो : ANI
सैकिया लेंगे फैसला
आखिरकार जापान में हिस्सा ले रहे अन्य भारतीय खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों से हाथ मिलाना मुद्दा नहीं रहा है। क्रिकेट में इस बारे में फैसला बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के नागोया पहुंचने के बाद लिया जाएगा। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह के भी इस मुकाबले को देखने के लिए पहुंचने की उम्मीद है। मौजूदा एशियाई खेलों की टेबल टेनिस और स्क्वाश स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों के साथ परंपरागत रूप से हाथ मिलाते देखा गया है।
आखिरकार जापान में हिस्सा ले रहे अन्य भारतीय खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों से हाथ मिलाना मुद्दा नहीं रहा है। क्रिकेट में इस बारे में फैसला बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के नागोया पहुंचने के बाद लिया जाएगा। आईसीसी के चेयरमैन जय शाह के भी इस मुकाबले को देखने के लिए पहुंचने की उम्मीद है। मौजूदा एशियाई खेलों की टेबल टेनिस और स्क्वाश स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों को अपने पाकिस्तानी प्रतिद्वंद्वियों के साथ परंपरागत रूप से हाथ मिलाते देखा गया है।