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Analysis: क्यों चुने गए दीपक हुड्डा? धमाकेदार प्रदर्शन के बावजूद ऋषि धवन हुए नजरअंदाज, जानें क्या कहते हैं आंकड़े
Thu, 27 Jan 2022 06:35 PM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 27 Jan 2022 06:35 PM IST
सार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान बुधवार (26 जनवरी) को किया। दीपक हुड्डा को आश्चर्यजनक रूप से टीम में शामिल किया गया। हुड्डा के चयन से सभी हैरान हैं।
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दीपक हुड्डा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान बुधवार (26 जनवरी) को किया। चयन में तीन बड़ी बातें सामने आईं। कुलदीप यादव की वापसी हुई, रवि बिश्नोई को पहली बार मौका दिया गया और दीपक हुड्डा को आश्चर्यजनक रूप से टीम में शामिल किया गया। हुड्डा के चयन से सभी हैरान हैं।
दरअसल, दीपक हुड्डा का उनका घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। 10 मैचों में उनके नाम सिर्फ एक शतक और दो अर्धशतक है। वनडे टीम में उनके चुने जाने पर सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हुड्डा ने आईपीएल 2021 में खराब प्रदर्शन के बाद सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में तो अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन किया। अगर उन्हें चुनना ही था तो टी20 टीम में चुनते। वनडे में ऋषि धवन को मौका देना चाहिए था।
हुड्डा ने आईपीएल में 16 की औसत से बनाए थे रन
हुड्डा ने आईपीएल के पिछले सीजन में भी निराश किया था। उन्होंने 12 मैचों की 11 पारियों में सिर्फ 160 रन बनाए थे। एक पारी को छोड़ दें तो हुड्डा पंजाब किंग्स की उम्मीदों पर खड़े नहीं उतर सके थे। आईपीएल 2021 में उनका 16 और स्ट्राइक रेट 130.08 का रहा था।
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दरअसल, दीपक हुड्डा का उनका घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन भी खास नहीं रहा है। 10 मैचों में उनके नाम सिर्फ एक शतक और दो अर्धशतक है। वनडे टीम में उनके चुने जाने पर सवाल उठ रहे हैं। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हुड्डा ने आईपीएल 2021 में खराब प्रदर्शन के बाद सैयद मुश्ताक अली टी20 टूर्नामेंट में तो अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन किया। अगर उन्हें चुनना ही था तो टी20 टीम में चुनते। वनडे में ऋषि धवन को मौका देना चाहिए था।
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हुड्डा ने आईपीएल में 16 की औसत से बनाए थे रन
हुड्डा ने आईपीएल के पिछले सीजन में भी निराश किया था। उन्होंने 12 मैचों की 11 पारियों में सिर्फ 160 रन बनाए थे। एक पारी को छोड़ दें तो हुड्डा पंजाब किंग्स की उम्मीदों पर खड़े नहीं उतर सके थे। आईपीएल 2021 में उनका 16 और स्ट्राइक रेट 130.08 का रहा था।
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दीपक हुड्डा
- फोटो : सोशल मीडिया
सैयद मुश्ताक अली में बनाए थे ताबड़तोड़ रन
घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली में हुड्डा ने विस्फोटक बल्लेबाजी की थी। उन्होंने छह मैच की छह पारियों में 294 रन बनाए थे। इस दौरान उनका औसत 73.50 का था। उन्होंने 168 की स्ट्राइक रेट से रन बरसाए थे। इस दौरान हुड्डा ने चार अर्धशतक जड़े थे।
विजय हजारे ट्रॉफी में कैसा था हुड्डा का प्रदर्शन?
50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में हुड्डा ने एक शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने कर्नाटक के खिलाफ 109 रन, सर्विसेज के खिलाफ 35, असम के खिलाफ 12, रेलवे के खिलाफ शून्य, गोवा के खिलाफ 18 और पंजाब के खिलाफ 24 रन बनाए थे। इस तरह उन्होंने कुल 198 रन बनाए थे। वे सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में टॉप-20 में भी नहीं थे।
घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली में हुड्डा ने विस्फोटक बल्लेबाजी की थी। उन्होंने छह मैच की छह पारियों में 294 रन बनाए थे। इस दौरान उनका औसत 73.50 का था। उन्होंने 168 की स्ट्राइक रेट से रन बरसाए थे। इस दौरान हुड्डा ने चार अर्धशतक जड़े थे।
विजय हजारे ट्रॉफी में कैसा था हुड्डा का प्रदर्शन?
50 ओवर के घरेलू टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में हुड्डा ने एक शतकीय पारी खेली थी। उन्होंने कर्नाटक के खिलाफ 109 रन, सर्विसेज के खिलाफ 35, असम के खिलाफ 12, रेलवे के खिलाफ शून्य, गोवा के खिलाफ 18 और पंजाब के खिलाफ 24 रन बनाए थे। इस तरह उन्होंने कुल 198 रन बनाए थे। वे सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में टॉप-20 में भी नहीं थे।
ऋषि धवन
- फोटो : सोशल मीडिया
ऋषि धवन को नहीं चुनने पर क्यों उठ रहे सवाल?
ऋषि धवन की कप्तानी में हिमाचल प्रदेश की टीम पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीतने में सफल हुई थी। उन्होंने आगे बढ़कर का टीम का नेतृत्व किया था। उन्होंने आठ मैच में 17 विकेट लिए थे। सिर्फ गेंद ही नहीं बल्कि बल्ले से भी कमाल किया था। धवन ने 76.33 की औसत से 458 रन बनाए थे। उन्होंने एक ऑलराउंडर की तरह खेलते हुए पांच अर्धशतक जड़े थे। सैयद मुश्ताक अली में धवन ने छह मैच में 14 विकेट लिए थे।
भारत के लिए खेल चुके हैं ऋषि धवन
अनुभव के मामले में भी ऋषि धवन टीम इंडिया में चुने गए दीपक हुड्डा से आगे हैं। वे भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। धवन ने 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने तीन वनडे और एक टी20 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वे तीन वनडे में सिर्फ 12 रन ही बना सके थे। उन्होंने एक ही सफलता मिली थी। एक टी20 में उन्होंने एक विकेट लिया था।
दीपक हुड्डा को क्यों चुना गया?
चयनकर्ता हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा के नहीं होने पर मैच फिनिश करने के लिए कई विकल्पों को आजमाना चाह रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने वेंकटेश अय्यर को मौका दिया था, लेकिन वे फेल हो गए थे। अगर दीपक हुड्डा को खेलने का मौका मिलता है तो वे नीचले क्रम में ही खेल पाएंगे। उनके ऊपर मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी होगी।
ऋषि धवन की कप्तानी में हिमाचल प्रदेश की टीम पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी जीतने में सफल हुई थी। उन्होंने आगे बढ़कर का टीम का नेतृत्व किया था। उन्होंने आठ मैच में 17 विकेट लिए थे। सिर्फ गेंद ही नहीं बल्कि बल्ले से भी कमाल किया था। धवन ने 76.33 की औसत से 458 रन बनाए थे। उन्होंने एक ऑलराउंडर की तरह खेलते हुए पांच अर्धशतक जड़े थे। सैयद मुश्ताक अली में धवन ने छह मैच में 14 विकेट लिए थे।
भारत के लिए खेल चुके हैं ऋषि धवन
अनुभव के मामले में भी ऋषि धवन टीम इंडिया में चुने गए दीपक हुड्डा से आगे हैं। वे भारतीय टीम के लिए खेल चुके हैं। धवन ने 2016 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने तीन वनडे और एक टी20 में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था। वे तीन वनडे में सिर्फ 12 रन ही बना सके थे। उन्होंने एक ही सफलता मिली थी। एक टी20 में उन्होंने एक विकेट लिया था।
दीपक हुड्डा को क्यों चुना गया?
चयनकर्ता हार्दिक पंड्या और रविंद्र जडेजा के नहीं होने पर मैच फिनिश करने के लिए कई विकल्पों को आजमाना चाह रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने वेंकटेश अय्यर को मौका दिया था, लेकिन वे फेल हो गए थे। अगर दीपक हुड्डा को खेलने का मौका मिलता है तो वे नीचले क्रम में ही खेल पाएंगे। उनके ऊपर मैच फिनिश करने की जिम्मेदारी होगी।