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IND vs SL: पडिक्कल के शतक ने दिलाई पुजारा की याद, 2018/19 के बाद फिर हुआ खास कारनामा; पहले दिन भारत 300/5
Sun, 23 Aug 2026 06:54 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Sun, 23 Aug 2026 06:54 PM IST
सार
देवदत्त पडिक्कल के शानदार 117 रन के दम पर भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन 5 विकेट पर 300 रन बनाए। पडिक्कल ने लगातार दूसरे टेस्ट में शतक जड़ा और पंत, जडेजा की चोट व नियमित अंतराल पर गिरे विकेटों के बीच भारत की पारी को संभाला।
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देवदत्त पडिक्कल
- फोटो : IANS
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विस्तार
देवदत्त पडिक्कल के लगातार दूसरे टेस्ट शतक की बदौलत भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के पहले दिन स्टंप्स तक पांच विकेट पर 300 रन बना लिए। पडिक्कल ने 193 गेंदों में 117 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके शामिल रहे।
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पुजारा के क्लब में शामिल हुए पडिक्कल
पडिक्कल के इस शतक के साथ एक खास आंकड़ा भी जुड़ गया है। भारत के नंबर-3 बल्लेबाज के लगातार दो विदेशी टेस्ट में शतक लगाने का इससे पहले उदाहरण 2018/19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में चेतेश्वर पुजारा का था। पुजारा ने मेलबर्न टेस्ट में 106 रन बनाए थे और उसके बाद सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 193 रन की शानदार पारी खेली थी। अब पडिक्कल ने भी विदेशी जमीन पर लगातार टेस्ट शतकों के साथ यह खास उपलब्धि दोहराई है।
पडिक्कल के इस शतक के साथ एक खास आंकड़ा भी जुड़ गया है। भारत के नंबर-3 बल्लेबाज के लगातार दो विदेशी टेस्ट में शतक लगाने का इससे पहले उदाहरण 2018/19 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में चेतेश्वर पुजारा का था। पुजारा ने मेलबर्न टेस्ट में 106 रन बनाए थे और उसके बाद सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 193 रन की शानदार पारी खेली थी। अब पडिक्कल ने भी विदेशी जमीन पर लगातार टेस्ट शतकों के साथ यह खास उपलब्धि दोहराई है।
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पंत की चोट ने बढ़ाई मुश्किल
भारत को उस समय बड़ा झटका लगा जब ऋषभ पंत को तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पर फोरआर्म में चोट लगी। पंत सिर्फ 3 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। इसके बाद पडिक्कल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई। पडिक्कल के लिए यह आसान पारी नहीं थी। वह अपने करियर का सिर्फ चौथा टेस्ट खेल रहे हैं और सामने ऐसे गेंदबाज थे जो लगातार उनकी तकनीक की परीक्षा ले रहे थे। इसके अलावा कोलंबो की गर्मी और उमस ने भी बल्लेबाजों की मुश्किल बढ़ाई।
पडिक्कल के लिए यह आसान पारी नहीं थी। वह अपने करियर का सिर्फ चौथा टेस्ट खेल रहे हैं और सामने ऐसे गेंदबाज थे जो लगातार उनकी तकनीक की परीक्षा ले रहे थे। इसके अलावा कोलंबो की गर्मी और उमस ने भी बल्लेबाजों की मुश्किल बढ़ाई।
भारत को उस समय बड़ा झटका लगा जब ऋषभ पंत को तेज गेंदबाज लाहिरू कुमारा की गेंद पर फोरआर्म में चोट लगी। पंत सिर्फ 3 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हो गए। इसके बाद पडिक्कल पर अतिरिक्त जिम्मेदारी आ गई। पडिक्कल के लिए यह आसान पारी नहीं थी। वह अपने करियर का सिर्फ चौथा टेस्ट खेल रहे हैं और सामने ऐसे गेंदबाज थे जो लगातार उनकी तकनीक की परीक्षा ले रहे थे। इसके अलावा कोलंबो की गर्मी और उमस ने भी बल्लेबाजों की मुश्किल बढ़ाई।
पडिक्कल के लिए यह आसान पारी नहीं थी। वह अपने करियर का सिर्फ चौथा टेस्ट खेल रहे हैं और सामने ऐसे गेंदबाज थे जो लगातार उनकी तकनीक की परीक्षा ले रहे थे। इसके अलावा कोलंबो की गर्मी और उमस ने भी बल्लेबाजों की मुश्किल बढ़ाई।
गिल के साथ 120 रन की साझेदारी
- यशस्वी जायसवाल और कप्तान शुभमन गिल ने भी अच्छी शुरुआत की, लेकिन दोनों बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर सके। जायसवाल ने 45 रन बनाए, जबकि गिल 50 रन बनाकर आउट हुए। पडिक्कल ने गिल के साथ तीसरे विकेट के लिए 120 रन की अहम साझेदारी की।
- जायसवाल ने लाहिरू कुमारा के खिलाफ लगातार दो चौके लगाए और प्रभात जयसूर्या की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव भी खेला। हालांकि असिथा फर्नांडो की अंदर आती गेंद ने उनकी पारी का अंत कर दिया। इसके बाद फर्नांडो ने जायसवाल को विदाई भी दी, जिस पर भारतीय बल्लेबाज ने पलटकर जवाब दिया। हालांकि श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने स्थिति को शांत करा दिया।
- गिल भी अच्छी लय में नजर आ रहे थे। उन्होंने जयसूर्या की गेंद पर शानदार शॉर्ट-आर्म पुल सहित कई आकर्षक शॉट खेले और अपना अर्धशतक पूरा किया। लेकिन इसके तुरंत बाद फर्नांडो की गेंद पर विकेटकीपर निरोशन डिकवेला को कैच दे बैठे।
राहुल ने भी गंवाया मौका
केएल राहुल ने संयम से बल्लेबाजी करते हुए जयसूर्या की गेंद पर शानदार छक्का लगाया, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। कुमारा के खिलाफ स्क्वायर कट खेलने के प्रयास में उनके बल्ले का किनारा लगा और डिकवेला ने कैच पकड़ लिया। जायसवाल और गिल के अलावा राहुल भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। यही वजह रही कि भारत नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा।
केएल राहुल ने संयम से बल्लेबाजी करते हुए जयसूर्या की गेंद पर शानदार छक्का लगाया, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। कुमारा के खिलाफ स्क्वायर कट खेलने के प्रयास में उनके बल्ले का किनारा लगा और डिकवेला ने कैच पकड़ लिया। जायसवाल और गिल के अलावा राहुल भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। यही वजह रही कि भारत नियमित अंतराल पर विकेट गंवाता रहा।
पडिक्कल ने धैर्य से पूरा किया शतक
- पडिक्कल ने 50 रन 90 गेंदों में पूरे किए। इसके बाद उन्होंने अपनी पारी को और मजबूती से आगे बढ़ाया। तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों से उनकी परीक्षा ली, लेकिन उन्होंने जरूरत के मुताबिक गेंदों को छोड़ा या नियंत्रित तरीके से खेला। स्पिनरों को टर्न और उछाल मिला तो पडिक्कल ने डेड बैट का इस्तेमाल कर खतरे को टाला।
- 99 रन पर पहुंचने के बाद उन्होंने जयसूर्या की गेंद को चौके के लिए भेजा। इसके दो गेंद बाद एक रन लेकर उन्होंने अपना शतक पूरा किया। हेलमेट उतारकर और बल्ला उठाकर उन्होंने कुछ पल जश्न मनाया, लेकिन तुरंत फिर बल्लेबाजी पर ध्यान केंद्रित कर लिया। हालांकि आखिरकार केशारा नुवांथा ने उनकी पारी का अंत किया और गेंद ने पडिक्कल के डिफेंस को भेदते हुए स्टंप उखाड़ दिए। लेकिन तब तक वह भारत को सुरक्षित स्थिति में पहुंचा चुके थे।
जडेजा भी चोटिल, 43 रन बनाकर लौटे
रवींद्र जडेजा ने पडिक्कल के साथ चौथे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की। लेकिन कुमारा की गेंद उनके भी फोरआर्म पर लगी और वहां सूजन दिखाई देने लगी। जडेजा 43 रन बनाकर फर्नांडो की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए।इसके बाद पडिक्कल ने भारत की पारी को संभाले रखा और दिन के अंत तक टीम को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
रवींद्र जडेजा ने पडिक्कल के साथ चौथे विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की। लेकिन कुमारा की गेंद उनके भी फोरआर्म पर लगी और वहां सूजन दिखाई देने लगी। जडेजा 43 रन बनाकर फर्नांडो की अंदर आती गेंद पर बोल्ड हो गए।इसके बाद पडिक्कल ने भारत की पारी को संभाले रखा और दिन के अंत तक टीम को 300 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।