{"_id":"657c219c53cba0d5fc0599b9","slug":"ind-vs-sa-not-suryakumar-india-won-3rd-t20-under-ravindra-jadeja-captaincy-injured-sky-went-off-the-field-2023-12-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"IND vs SA: सूर्या नहीं, इस खिलाड़ी की कप्तानी में टी20 जीता भारत, स्टाफ की गोदी में मैदान से बाहर गए चोटिल SKY","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
IND vs SA: सूर्या नहीं, इस खिलाड़ी की कप्तानी में टी20 जीता भारत, स्टाफ की गोदी में मैदान से बाहर गए चोटिल SKY
Fri, 15 Dec 2023 03:21 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला,जोहानिसबर्ग
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला,जोहानिसबर्ग
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 15 Dec 2023 03:21 PM IST
सार
इस आक्रामक बल्लेबाज को भारतीय सहयोगी स्टाफ और फिजियो द्वारा मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। वह मैदान पर नहीं लौटे। सूर्या की गैरमौजूदगी में उप कप्तान रविंद्र जडेजा ने भारत को दक्षिण अफ्रीका पर प्रभावशाली जीत दिलाई।
विज्ञापन
सूर्यकुमार यादव को चोट लगी
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सूर्यकुमार यादव दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में फील्डिंग के दौरान टखने में चोट लगने के कारण दक्षिण अफ्रीकी पारी के अधिकांश हिस्से के लिए मैदान से दूर रहे। भारतीय कप्तान को गुरुवार को जोहानिसबर्ग के न्यू वांडरर्स स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका के 202 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए तीसरे ओवर में टखने में चोट लग गई। तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज द्वारा फेंके गए तीसरे ओवर के दौरान रीजा हेंड्रिक्स के शॉट को रोकने के बाद थ्रो करते समय वह संतुलन खो बैठे।
विज्ञापन
इस आक्रामक बल्लेबाज को भारतीय सहयोगी स्टाफ और फिजियो द्वारा मैदान से बाहर ले जाना पड़ा। वह मैदान पर नहीं लौटे। सूर्या की गैरमौजूदगी में उप कप्तान रविंद्र जडेजा ने भारत को दक्षिण अफ्रीका पर प्रभावशाली जीत दिलाई। सीरीज के निर्णायक मैच में टीम को जीत दिलाने की जिम्मेदारी फिर उपकप्तान रवींद्र जडेजा पर आ गई, जो सूर्या की गैरमौजूदगी में कप्तानी का जिम्मा संभाल रहे थे। उन्होंने स्पिनर कुलदीप यादव के साथ मिलकर कुल सात विकेट चटकाए जिससे दक्षिण अफ्रीका की टीम 13.5 ओवर में 95 रन पर सिमट गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
टखने में चोट के कारण बेंच पर बैठे सूर्यकुमार ने दी चोट की जानकारी
मेजबान टीम पर टीम इंडिया की 106 रन की जीत के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बोलते हुए सूर्यकुमार ने चोट की स्थिति के बारे में बात की। उन्होंने कहा- मैं अच्छा हूं। मैं चल रहा हूं। मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। जब यह जीत की बात आती है तो यह मुझे खुश करता है। सूर्या को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया क्योंकि उनकी कप्तानी पारी ने टीम इंडिया को जोहानिसबर्ग में टी20 सीरीज 1-1 से बराबर करने का मौका दिया।
मेजबान टीम पर टीम इंडिया की 106 रन की जीत के बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में बोलते हुए सूर्यकुमार ने चोट की स्थिति के बारे में बात की। उन्होंने कहा- मैं अच्छा हूं। मैं चल रहा हूं। मुझे अच्छा महसूस हो रहा है। जब यह जीत की बात आती है तो यह मुझे खुश करता है। सूर्या को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया क्योंकि उनकी कप्तानी पारी ने टीम इंडिया को जोहानिसबर्ग में टी20 सीरीज 1-1 से बराबर करने का मौका दिया।
सूर्यकुमार के रिकॉर्ड चौथे शतक की बदौलत टीम इंडिया ने 20 ओवर के मुकाबले में सात विकेट पर 201 रन बनाए। सूर्या ने 55 गेंदों पर कप्तान के रूप में अपना पहला टी20 शतक बनाया। यह सूर्या के टी20 करियर का कुल चौथा शतक रहा। इस मामले में उन्होंने रोहित शर्मा और ग्लेन मैक्सवले की बराबरी की। सूर्या ने इस साल का अंत टी20 अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में नंबर एक बल्लेबाज और 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 733 रन बनाकर किया।
'कुलदीप कभी खुश नहीं होते'
मैच के बाद सूर्या ने कहा, 'हम निडर होकर क्रिकेट खेलना चाहते थे। हमारा प्लान यह था कि पहले बल्लेबाजी करें, बोर्ड पर कुछ रन डालें और फिर उसका बचाव करें। लड़के दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खुशी है कि उन्होंने अपनी मेहनत को मैदान पर दिखाया। वह (कुलदीप) कभी खुश नहीं होते। वह हमेशा विकेटों के भूखे होते हैं। यह उनके जन्मदिन पर एक शानदार उपहार है। मेरा मतलब है कि अपने खेल को जानना महत्वपूर्ण है। मैं बस वहां जाता हूं और खुद का आनंद लेता हूं। संतुलन महत्वपूर्ण है।
मैच के बाद सूर्या ने कहा, 'हम निडर होकर क्रिकेट खेलना चाहते थे। हमारा प्लान यह था कि पहले बल्लेबाजी करें, बोर्ड पर कुछ रन डालें और फिर उसका बचाव करें। लड़के दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। खुशी है कि उन्होंने अपनी मेहनत को मैदान पर दिखाया। वह (कुलदीप) कभी खुश नहीं होते। वह हमेशा विकेटों के भूखे होते हैं। यह उनके जन्मदिन पर एक शानदार उपहार है। मेरा मतलब है कि अपने खेल को जानना महत्वपूर्ण है। मैं बस वहां जाता हूं और खुद का आनंद लेता हूं। संतुलन महत्वपूर्ण है।