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IND vs SA 1st ODI: टेस्ट के बाद वनडे में भी कप्तान केएल राहुल पहली परीक्षा में फेल, जानिए मैच हारने के बड़े कारण
Thu, 20 Jan 2022 08:19 AM IST
रोहित राज
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पार्ल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, पार्ल
Published by: रोहित राज
Updated Thu, 20 Jan 2022 08:19 AM IST
सार
दक्षिण अफ्रीका ने तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को 31 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। शीर्षक्रम से बेहतरीन शुरुआत मिली और मध्यक्रम ने फिर से मैच को बर्बाद कर दिया।
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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका ने तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में भारत को 31 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। भारतीय टीम के साथ एक बार फिर से वही हुआ जिसका सबको डर था। शीर्षक्रम से बेहतरीन शुरुआत मिली और मध्यक्रम ने फिर से मैच को बर्बाद कर दिया। भारतीय क्रिकेट में यह लंबे समय से चली आ रही वो समस्या है जो दक्षिण अफ्रीका में भी दूर नहीं हो सकी। केएल राहुल ने एक बार फिर से कप्तान के तौर पर निराश किया और अनुभवी गेंदबाज अफ्रीकी बल्लेबाजों के सामने नहीं चल पाए।
आइए जानते हैं भारतीय टीम के हार के बड़े कारण क्या-क्या है:
टीम चयन में गलती: कप्तान केएल राहुल ने सबसे बड़ी गलती टीम चयन में की। उन्होंने रोहित शर्मा की जगह ऋतुराज गायकवाड़ को ओपनिंग के लिए नहीं चुना। मैच से एक दिन पहले राहुल ने कह दिया कि वे ओपनिंग करेंगे। पिछली बार इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर वे वनडे सीरीज में खेले थे। मार्च 2021 में तीन वनडे मैचों में शिखर धवन ने रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग की थी और राहुल मध्यक्रम में खेले थे। वहां वे सफल भी हुए थे। राहुल ने तीन मैच में क्रमश: 62*, 108 और सात रन बनाए थे। ऐसे में राहुल को मध्यक्रम में ही खेलना चाहिए था। घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले ऋतुराज गायकवाड़ से ओपनिंग करानी चाहिए थी।
केएल राहुल की खराब कप्तानी: भारतीय टीम के लिए राहुल का कप्तानी रिकॉर्ड शर्मनाक है। उन्होंने दो मैचों में कप्तानी की और दोनों में ही टीम इंडिया को हार मिली। टेस्ट में पहली बार कप्तानी जोहानिसबर्ग में की थी और टीम इंडिया हारी थी। वनडे में पहली बार कप्तानी पार्ल में की और भारतीय टीम हार गई। टेस्ट की गलतियों को राहुल ने यहां भी दोहराया। सही समय पर सही गेंदबाज का इस्तेमाल नहीं कर सके। वेंकटेश अय्यर को ऑलराउंडर के तौर पर प्लेइंग इलेवन में रखा, लेकिन एक भी ओवर नहीं कराया। तेम्बा बावुमा और रसी वान डर डुसेन टिक गए तो राहुल के पास प्लान-बी ही नहीं था।
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गेंदबाजों ने किया निराश: प्लेइंग-11 में शामिल सभी गेंदबाज अनुभवी थी। जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, शार्दुल ठाकुर, रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल। पांचों लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी वो धार नहीं दिखी जिसके लिए वे जाने जाते हैं। बुमराह को छोड़कर सबने पांच से ज्यादा की इकॉनमी रेट से रन लुटाए। भुवनेश्वर, शार्दुल और चहल तो सफलता भी नहीं हासिल कर सके।
श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत फेल: शीर्षक्रम से शानदार शुरुआत मिलने के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत टीम को जीत के करीब ले जाने में फेल रहे। पंत को चौथे क्रम पर उतारा गया। आमतौर पर टीम में रहने के बाद अय्यर यहां खेलते हैं। 152 रन पर टीम के तीन विकेट गिरे थे। वहां से जीत आसान लग रही थी, लेकिन पहले अय्यर 17 रन और फिर पंत 16 रन बनाकर चलते बने। उनके बाद वेंकटेश अय्यर भी आउट हो गए। वे सिर्फ दो रन बना सके। वेंकटेश ने मैच फिनिश करने का सुनहरा अवसर गंवा दिया।
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आइए जानते हैं भारतीय टीम के हार के बड़े कारण क्या-क्या है:
टीम चयन में गलती: कप्तान केएल राहुल ने सबसे बड़ी गलती टीम चयन में की। उन्होंने रोहित शर्मा की जगह ऋतुराज गायकवाड़ को ओपनिंग के लिए नहीं चुना। मैच से एक दिन पहले राहुल ने कह दिया कि वे ओपनिंग करेंगे। पिछली बार इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू मैदान पर वे वनडे सीरीज में खेले थे। मार्च 2021 में तीन वनडे मैचों में शिखर धवन ने रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग की थी और राहुल मध्यक्रम में खेले थे। वहां वे सफल भी हुए थे। राहुल ने तीन मैच में क्रमश: 62*, 108 और सात रन बनाए थे। ऐसे में राहुल को मध्यक्रम में ही खेलना चाहिए था। घरेलू टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले ऋतुराज गायकवाड़ से ओपनिंग करानी चाहिए थी।
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केएल राहुल की खराब कप्तानी: भारतीय टीम के लिए राहुल का कप्तानी रिकॉर्ड शर्मनाक है। उन्होंने दो मैचों में कप्तानी की और दोनों में ही टीम इंडिया को हार मिली। टेस्ट में पहली बार कप्तानी जोहानिसबर्ग में की थी और टीम इंडिया हारी थी। वनडे में पहली बार कप्तानी पार्ल में की और भारतीय टीम हार गई। टेस्ट की गलतियों को राहुल ने यहां भी दोहराया। सही समय पर सही गेंदबाज का इस्तेमाल नहीं कर सके। वेंकटेश अय्यर को ऑलराउंडर के तौर पर प्लेइंग इलेवन में रखा, लेकिन एक भी ओवर नहीं कराया। तेम्बा बावुमा और रसी वान डर डुसेन टिक गए तो राहुल के पास प्लान-बी ही नहीं था।
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गेंदबाजों ने किया निराश: प्लेइंग-11 में शामिल सभी गेंदबाज अनुभवी थी। जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार, शार्दुल ठाकुर, रविचंद्रन अश्विन और युजवेंद्र चहल। पांचों लंबे समय से क्रिकेट खेल रहे हैं, लेकिन उनकी गेंदबाजी वो धार नहीं दिखी जिसके लिए वे जाने जाते हैं। बुमराह को छोड़कर सबने पांच से ज्यादा की इकॉनमी रेट से रन लुटाए। भुवनेश्वर, शार्दुल और चहल तो सफलता भी नहीं हासिल कर सके।
श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत फेल: शीर्षक्रम से शानदार शुरुआत मिलने के बावजूद मध्यक्रम के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत टीम को जीत के करीब ले जाने में फेल रहे। पंत को चौथे क्रम पर उतारा गया। आमतौर पर टीम में रहने के बाद अय्यर यहां खेलते हैं। 152 रन पर टीम के तीन विकेट गिरे थे। वहां से जीत आसान लग रही थी, लेकिन पहले अय्यर 17 रन और फिर पंत 16 रन बनाकर चलते बने। उनके बाद वेंकटेश अय्यर भी आउट हो गए। वे सिर्फ दो रन बना सके। वेंकटेश ने मैच फिनिश करने का सुनहरा अवसर गंवा दिया।