IND vs AUS: कोच गंभीर की यह सलाह नीतीश रेड्डी के लिए साबित हुई कारगर, ऑलराउंडर ने किया खुलासा, जानें क्या कहा
डेब्यू टेस्ट के पहले दिन नीतीश ने दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 59 गेंदों का सामना किया और 41 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से छह चौके और एक छक्का निकला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नीतीश ने बताया कि अभ्यास सत्र के आखिरी दिन उन्होंने ऑप्टस स्टेडियम की पिच पर बात की। इस दौरान गंभीर ने कहा कि बाउंसर का सामना उसी तरह करो जैसे कि आप देश के लिए गोली खा रहे हो। नीतीश ने कहा- मैंने पर्थ के विकेट के बारे में बहुत कुछ सुना है। बल्लेबाजी से पहले मन में थोड़ी घबराहट थी। मुझे हालांकि हमारे आखिरी अभ्यास सत्र के बाद गौतम सर के साथ हुई बातचीत याद आ गई। वह कह रहे थे कि आपको बाउंसर का सामना उसी तरह से करना है जैसे की आप देश के लिए गोली खा रहे हो। कोच की इस बात से मेरा हौसला बढ़ा। उन्होंने जब ऐसा कहा तो मुझे लगा कि देश के लिए मुझे गोली खाने की जरूरत है। यह सबसे अच्छी बात है जो मैंने गौतम सर से सुनी है।
Patriotism at its peak! 🇮🇳@GautamGambhir’s inspiring words, “Every bouncer is like a bullet for your country" left #NitishReddy deeply motivated during his debut at Perth! 🙌🏻
— Star Sports (@StarSportsIndia) November 22, 2024
WATCH Day 2 👉🏻 #AUSvINDonStar | SAT, 23rd NOV, 7 AM, on Star Sports 1 pic.twitter.com/5XOGlDw0pb
अपने आदर्श के हाथों डेब्यू कैप हासिल कर नीतीश आश्चर्य में पड़ गए। 21 वर्षीय ऑलराउंडर ने कहा- यह बहुत अच्छा अहसास था (कोहली से कैप पाना)। मैंने हमेशा भारत के लिए खेलने का सपना देखा है और यह एक शानदार पल था। जब मैंने क्रिकेट खेलना शुरू किया तो विराट भाई मेरे आदर्श हैं। इसलिए उनसे पदार्पण कैप लेना मेरे लिए एक खुशी का पल था।
डेब्यू टेस्ट के पहले दिन नीतीश ने दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 59 गेंदों का सामना किया और 41 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से छह चौके और एक छक्का निकला। शुक्रवार का खेल समाप्त होने के बाद जब उनसे ऑफ स्पिनर नाथन लायन के खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाने को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा- मुझे लगा कि पिच से तेज गेंदबाजों को मदद मिल रही है तो मुझे रन बनाने का मौका ढूंढना होगा। जब लायोन बल्लेबाजी के लिए आये तो मैंने दो-तीन गेंद परखने के बाद महसूस किया कि उन्हें पिच से मदद नहीं मिल रही थी। इसलिए मैंने उनके खिलाफ रन बनाने का फैसला किया।