भारत सरकार का टैक्स आईसीसी के लिए बना सिरदर्द, छिन सकती है चैंपियंस ट्रॉफी और वर्ल्ड कप की मेजबानी
आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) टैक्स में छूट न मिलने की वजह से चैंपियंस ट्रॉफी (2021) और वर्ल्ड कप (2023) की मेजबानी का अधिकार भारत से छीन सकती है। इसके लिए आईसीसी ने वैकल्पिक तौर पर ऐसे देशों के बारे में सोचना शुरू कर दिया है, जिनका समय भारत के समय से मिलता-जुलता हो। बता दें कि आईसीसी ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए बताया है कि भारत सरकार से उन्हें टैक्स में किसी तरह की रियायत नहीं मिल रही है, जिसके चलते आईसीसी दूसरे देश को मेजबानी सौंपने के बारे में सोच रही है।
बता दें कि आईसीसी ने पिछले साल दिसंबर में ही चैंपियंस ट्रॉफी (2021) और वर्ल्ड कप (2023) की मेजबानी भारत को सौंपने की घोषणा की थी। लेकिन टैक्स में छूट न मिलने की वजह से आईसीसी अब किसी अन्य देश को मेजबानी सौंपने के बारे में विचार कर रही है। हालांकि बीसीसीआई के माध्यम से आईसीसी भारत सरकार से बातचीत द्वारा हल निकालने का प्रयास भी कर रही है।
भारत में आयोजित 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप में भी आईसीसी को भारत सरकार से टैक्स में छूट नहीं मिली थी। अब आईसीसी टैक्स में रियायत लेकर पिछली बार की भरपाई करने के बारे में सोच रही है। अगर ऐसे में आईसीसी को भारत सरकार से टैक्स में छूट नहीं मिलती और वह समय रहते किसी दूसरे देश को मेजबानी नहीं सौंप पाती, तो आईसीसी को 10 करोड़ डॉलर का झटका लग सकता है।
बता दें कि 2016 के टी-20 वर्ल्ड कप के समय एन श्रीनिवासन आईसीसी के चेयरमैन थे, वहीं अनुराग ठाकुर बीसीसीआई के अध्यक्ष थे। उस वक्त सरकार ने प्रसारणकर्ता स्टार को कुल 125 करोड़ रुपये का 10 प्रतिशत वापस लौटा दिया था, लेकिन आईसीसी द्वारा भुगतान किए गए 290 मिलियन डॉलर में किसी तरह की छूट नहीं मिली थी।