द्रविड़ की पाठशाला की देन, वो युवा तुर्क जिन्हें राहुल ने बनाया दीवार सा मजबूत
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देशवासी हों या फिर क्रिकेट खेलने वाले दूसरे देश टीम इंडिया में शामिल युवा ब्रिगेड के प्रदर्शन ने सभी को हैरान किया, लेकिन इंडिया ए और अंडर-19 टीम की तैयारियों के केंद्र नेशनल क्रिकेट अकादमी के कोचिंग स्टाफ को इस पर कोई हैरानी नहीं है। भारतीय टीम के पूर्व फील्डिंग कोच और वर्तमान में एनसीए के कोच पूर्व क्रिकेटर अभय शर्मा के मुंह से छूटते ही निकलता है शुभमन गिल, ऋषभ पंत, वाशिंगटन सुंदर जैसे क्रिकेटरों का ऑस्ट्रेलिया में प्रदर्शन दुनिया के लिए आश्चर्य का विषय है, लेकिन उन्हें इस पर कोई हैरानी नहीं है।
अभय शर्मा की माने तो सही मायनों में द्रविड ने इन युवाओं में दीवार से मजबूती भरी है। द्रविड जब किसी 16-17 साल के क्रिकेटर से बात करते हैं तो उसे अहसास नहीं होने देते हैं कि वह बड़े क्रिकेटर हैं। उनके इस अंदाज ने युवाओं को मानसिक रूप से मजबूत बनाया है। उनका यही चरित्र ऑस्ट्रेलिया में दिखा है। राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में जिस तरह युवा क्रिकेटर तैयार किए जा रहे हैं उससे उन्हें पूरी उम्मीद थी कि उन्हें जब भी मौका मिलेगा वे अपनी उपयोगिता साबित करेंगे।
सिखाने का सहज तरीका
अभय के मुताबिक पिछले चार वर्षों में द्रविड की अगुवाई में अंडर-19 स्तर पर सुनियोजित तरीके से काम हुआ है। उन्हें यहां वैसी ही तैयारियां कराई जाती हैं जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होती हैं। आज स्थिति यह है कि सीनियर टीम के हर स्थान के पीछे दो क्रिकेटर दावेदारी जता रहे हैं। यह पिछले चार वर्षों की मेहनत का नतीजा है। अभय साफ करते हैं कि यहां आने वाले युवा क्रिकेटरों के लिए द्रविड़ की मौजूदगी खास बन जाती है। वह चीजों को आसान और सामान्य तरीके से समझाते हैं। खास बात यह है कि वह क्रिकेटर से उसी कमी के अनुसार बात करते हैं। ऐसा नहीं है कि सभी पर एक तरह का फॉर्मूला लागू करते हों।
मोबाइल पर भी दूर करते हैं दिक्कत
89 प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले विकेट कीपर-बल्लेबाज अभय खुलासा करते हैं कि इन क्रिकेटरों के लिए द्रविड़ हमेशा उपलब्ध रहते हैं। किसी भी क्रिकेटर को कोई दिक्कत होने पर वह उनसे मोबाइल पर संपर्क साध सकता है। द्रविड भी उसे कभी निराश नहीं करते हैं। अभय के मुताबिक द्रविड के एनसीए में रहने का युवाओं के आत्मविश्वास में जबरदस्त फर्क आया है। छह-सात पहले देखा जाता था कि जब कोई अंडर-19 टीम का क्रिकेटर सीनियर टीम में प्रवेश करता था तो उसके प्रदर्शन में अंतर दिखता था, लेकिन आज ऐसा नहीं है।
भरोसेमंद है युवा ब्रिगेड
जब भारतीय टीम का चीफ कोच की बात चल रही थी तो श्रीमान भरोसेमंद यानी राहुल द्रविड़ ने युवाओं पर मेहनत करने की बात कही थी। बंगलूरू स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में उन्होंने प्रतिभावान युवाओं को तकनीकी बारीकियां सिखाईं। कभी कोलकाता के ईडन गॉर्डन में वेरी-वेरी स्पेशल लक्ष्मण के साथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ फॉलोआन मिलने के बावजूद जीत दिलाने वाले द्रविड़ को भी अंदाजा नहीं होगा कि उनकी पाठशाला से निकले कई युवा सितारों की रोशनी से गाबा क्या विश्व क्रिकेट चकाचौंध हो जाएगा।
शुभमन गिल: 2018 अंडर-19 विश्व कप में मैन ऑफ द टूर्नामेंट
चंडीगढ़ के इस बेहद प्रतिभावान बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया, दो अर्द्धशतक जमाए। अनुभवी रोहित के साथ सिडनी में अपने दूसरे ही टेस्ट में पहले विकेट पर दो बार 70 रन की साझेदारी।
टेस्ट मैच: 03, शतक/अर्धशतक: 0/2, औसत: 51.80, श्रेष्ठ: 91
ऋषभ पंत: 2016 के अंडर-19 विश्व कप टीम के सदस्य
विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2016 अंडर-19 विश्व कप में नामीबिया के खिलाफ उनके शतक से भारतीय टीम सेमीफाइनल में प्रवेश करने में सफल रही। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में महाराष्ट्र के खिलाफ तिहरा शतक और झारखंड के खिलाफ 48 गेंदों पर शतक लगाने के बाद सुर्खियों में आए। आईपीएल में पहला अनुबंध 1.9 करोड़ रुपये का था। ऑस्ट्रेलिया दौरे में सिडनी में 97 रन बनाए और गाबा में नाबाद 89 रन की पारी खेलकर सीरीज जिताने में अहम भूमिका निभाई।
टेस्ट मैच: 16 शतक/अर्धशतक: 2/4 औसत: 43.52 श्रेष्ठ 159*
वाशिंगटन सुंदर: 2016 के अंडर-19 विश्व कप टीम के सदस्य
तमिलनाडु के बॉलिंग ऑलराउंडर ने करियर के पहले ही टेस्ट में सातवें क्रम पर 62 रन की पारी खेली और तीन विकेट (मैच में कुल 04) लिए। यह शार्दुल के साथ उनकी 123 रन की साझेदारी थी, जिससे गाबा में ऑस्ट्रेलिया पहली पारी में महज 33 रन की बढ़त ले पाया। दूसरी पारी में महत्वपूर्ण 22 रन बनाए। प्रथम श्रेणी के 13 मैचों में 34 विकेट लिए हैं।
टेस्ट मैच: 01 शतक/अर्धशतक 0/1 औसत: 42.00 श्रेष्ठ: 62