90 टेस्ट में 4876 रन, 350 वन-डे में 10773 रन और 98 टी-20 इंटरनेशनल मैच में 1617 रन। यह आंकड़े किसी आम खिलाड़ी के नहीं बल्कि भारतीय टीम को अपनी कप्तानी में दो विश्व कप दिला चुके महेंद्र सिंह धोनी के हैं। इस खिलाड़ी ने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही बता दिया था कि उनमें कितना दम है।
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महेंद्र सिंह धोनी के 183 रन
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श्रीलंका के खिलाफ 183 रन की पारी धोनी के करियर का मील का पत्थर माना जाता है। 2005 में श्रीलंका के खिलाफ इस मैच में उन्होंने 145 गेंदों पर 183 रन की बेहतरीन पारी खेली थी जो वन-डे में उनका अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। यह किसी भी विकेटकीपर का एकदिवसीय में बेस्ट स्कोर है।
पूर्व भारतीय कोच ग्रेग चैपल ने बताया कि कैसे माही दुनिया के बेस्ट फिनिशर बने। चैपल के अनुसार उनके भीतर हवाई फायर मारने की क्षमता तो थी ही, लेकिन अगर वह गेंद को जमीन पर रखकर मारते तो वह विश्व क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ फिनिशरों में से एक बन सकते थे।
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एमएस धोनी और चैपल
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विवादित कोच रहे चैपल ने कहा, 'मुझे याद है इस मैच के बाद अगला मुकाबला पुणे में था। हमें ज्यादा रन नहीं चाहिए थे, जब धोनी उतरे तो हमारे पास 80 या 100 रन बचे थे। तब मैंने उन्हें चुनौती दी कि क्या वह गेंद को हवा में न खेलें। मैंने चैलेंज दिया कि जब तक हम मैच नहीं जीतते, तब तक गेंद को हवा में मारने की अनुमति नहीं है।'
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श्रीलंका के खिलाफ धोनी
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उन्होंने कहा, 'सौभाग्य से उन्होंने चुनौती स्वीकार की। मगर 12वें खिलाड़ी रहे आरपी सिंह से धोनी ने कोच चैपल से यह तक पूछने तक भेजा था कि अब जीत के लिए 20 रन चाहिए और क्या वह गेंद हवा में मार सकते हैं। हालांकि कोच की हरी झंडी के बाद धोनी ने छक्का मारकर टीम को जीत दिलाई थी, तब भारत विजयी लक्ष्य से महज चार रन पीछे था।