अश्विन ने क्रिकेट के जल्दी शुरू होने पर जताई अनिश्चितता, साथ ही टेस्ट क्रिकेट को बताया महत्वपूर्ण
भारत के प्रमुख ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन नहीं चाहते कि कोविड-19 महामारी के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की कीमत पर टी-20 लीग का अधिक आयोजन हो। टेस्ट क्रिकेट में सबसे तेजी से 350 विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बने अश्विन ने कहा कि अगर उनके शरीर ने साथ दिया तो वह खेल के पारंपरिक प्रारुप में शानदार प्रदर्शन जारी रख सकते हैं। इस महामारी के कारण कई देशों में यात्रा प्रतिबंध है, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी के लिए स्थितियां अनुकूल नहीं होंगी।
अश्विन ने संजय मांजरेकर के साथ ‘वीडियोकास्ट में कहा, ‘ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय सीमाएं बंद हैं और मैं वास्तव में यह उम्मीद करता हूं कि इस महामारी से कोई ऐसा बदलाव ना हो जहां आपके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ज्यादा लीग मुकाबले हो। अश्विन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इस महामारी के कारण क्रिकेट जल्दी शुरू होगा। इसकी पूरी संभावना है, लेकिन मुझे नहीं पता कि निकट भविष्य में क्या होगा।
उन्होंने कहा कि वह खुद को टी-20 क्रिकेट का ‘पेशेवर’ खिलाड़ी मानते हैं, लेकिन उन्हें सबसे ज्यादा सफलता पांच दिवसीय क्रिकेट में मिली है। मुझे लगता है कि टी-20 क्रिकेट में मैं काफी पेशेवर खिलाड़ी हूं, मैं जहां भी खेलूंगा, अपने अनुभव और जज्बे से अच्छा प्रदर्शन करने की कोशिश करूंगा।
रविचंद्रन अश्विन
अगर मेरे शरीर ने साथ दिया तो टेस्ट क्रिकेट में मैं एक और अच्छे सत्र का इंतजार कर रहा हूं।
चार दिनी टेस्ट का समर्थन नहीं :
उन्होंने कहा कि वह टेस्ट क्रिकेट को चार दिन की करने की आईसीसी की योजना का समर्थन नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘चार दिनी क्रिकेट के बारे में सोचना मुझे उत्साहित नहीं करता है। मैं एक स्पिनर हूं और अगर आप एक दिन के खेल को निकाल लेते है तो मुझे पता है कि इसका अच्छा असर नहीं पड़ेगा। आप खेल के एक बहुत ही आकर्षक पहलू को निकाल रहे हैं।