भारत में एक और खराब पिच, 4 दिन का खेल 4 सत्र में ही खत्म
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भारत में इस समय खराब पिच को लेकर खूब चर्चा हो रही है और इस मामले में 2 और खराब पिच से विवाद और बढ़ सकता है। पिच के स्तर को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की खूब किरकिरी भी हो रही है। बीसीसीआई दुनिया की सबसे धनी खेल संस्था है लेकिन उसके पास खेलने लायक ढंग के पिच भी नहीं हैं।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के खेले गए पूरे 2 टेस्ट मैच (मोहाली और नागपुर) महज 3 दिन में ही खत्म हो गए थे। पिच को लेकर वैश्विक आलोचना भी हो रही है। टेस्ट पिच को लेकर जारी विवाद के बीच भारत में खेली जा रही घरेलू राष्ट्रीय क्रिकेट चैंपियनशिप रणजी ट्रॉफी में भी घटिया पिच देखने को मिल रही है।
रणजी ट्रॉफी के लीग चरण के मुकाबले 4 दिन के होते हैं लेकिन टूर्नामेंट के नौंवे राउंड के मुकाबले के दूसरे दिन बुधवार को एक मैच महज 4 सत्र में ही खत्म हो गया। इससे पहले आठवें राउंड में बंगाल और ओडिशा के बीच मुकाबला डेढ़ दिन में ही खत्म हो गया था। खराब पिच को लेकर पराजित टीम ओडिशा मे बीसीसीआई के लिखित में शिकायत कर दी थी।
अब केरल के मामल्लपुरम में केरल और हिमाचल प्रदेश के बीच खेले गया मुकाबला महज 4 सत्र में ही खत्म हो गया जिसमें मेजबान टीम मैच हार गई। इस सत्र में ऐसा आठवीं बार हुआ है जब टूर्नामेंट में कोई मैच सिर्फ 2 दिन के अंदर ही खत्म हो गया।
सिर्फ 4 सत्र में ही गिर गए 40 विकेट
मामल्लपुरम में केरल और हिमाचल प्रदेश के बीच रणजी ट्रॉफी का नौंवां मुकाबला खेला गया जो मैच के दूसरे दिन के पहले ही सत्र में समाप्त भी हो गया। विकेटों के पतझड़ के बीच हिमाचल को जीत के लिए 24 रन का लक्ष्य मिला और उसने 17 रन पर 4 विकेट गंवाने के बाद मैच 6 विकेट से जीत लिया। जीत से हिमाचल को पूरे 6 अंक मिले।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला मेजबान केरल के लिए सही नहीं रहा और 16 रन पर पहला विकेट खोने के बाद 103 रन पर पूरी टीम ही आउट हो गई। कप्तान संजू सैमसन ने 25 रनों की सबसे बड़ी पारी खेली। हिमाचल की ओर से राहुल सिंह ने 19 रन देकर 6 विकेट झटके। जिसके जवाब में हिमाचल की टीम ने थोड़ी ढंग की बल्लेबाजी की और 38 ओवर में 163 रन बनाकर 60 रनों की बढ़त ले ली। ओपनर प्रशांत चोपड़ा ने सर्वाधिक 40 रन बनाए।
पहली पारी के आधार पर 60 रनों से पिछड़ने के बाद मेजबान केरल की टीम ने दूसरी पारी दूसरे दिन शुरू की और 25.2 ओवर में 83 रन पर ही सिमट गई। इस बार बिपुल शर्मा ने कहर ढाया और 33 रन पर 6 विकेट झटके। हिमाचल को जीत के लिए 24 रनों का लक्ष्य मिला और इस छोटे से लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम को पसीना बहाना पड़ गया और 17 रन पर 4 विकेट खो दिए, लेकिन मैच जीतने में कामयाब हो गए।