कोटला में अभी टी-20 वर्ल्ड कप मैच की इजाजत नहीं
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हाईकोर्ट ने निर्माण पूरा हुए बिना डीडीसीए को फिरोजशाह कोटला मैदान पर वर्ल्ड कप क्रिकेट टी-20 मैच करवाने के लिए सर्टिफिकेट दिलवाने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने निर्माण पूरा हुए बिना दिल्ली जिला एवं क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) को फिरोजशाह कोटला मैदान पर वर्ल्ड कप क्रिकेट टी-20 मैच करवाने के लिए प्रोविजनल प्रमाण पत्र दिलवाने से इनकार कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि यदि साउथ एमसीडी ने उन्हें काम पूरा करने के लिए 20 दिन का समय प्रदान किया है तो अपने जोखिम पर मैच करवाने के लिए बीसीसीआई को अवगत करवा दें, लेकिन यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो मैच करवाने की इजाजत संबंधी उनकी किसी भी याचिका पर विचार नहीं करेंगे।
अदालत ने कहा कि फिर न कहना कि मैच की टिकट बिक चुके हैं और भारत की प्रतिष्ठा का सवाल है। अदालत के कड़े रवैये को देख डीडीसीए ने अपनी याचिका वापस ले ली।
वर्ल्ड मैच में छा सकते हैं संकट के बादल
डीडीसीए ने याचिका इसलिए भी वापस ली है कि अदालत के आदेश के बाद वह उससे बंध जाएंगे और यदि निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो मैच पर संकट के बादल छा सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, डीडीसीए का मत है कि यदि तय समय पर निर्माण कार्य पूरा भी न हो पाया तो वह उससे कुछ दिन की और मोहलत और मांग सकती है। अब पूरा दारोमदार साउथ एमसीडी के निर्णय पर निर्भर है।
न्यायमूर्ति एस.मुरलीधर व न्यायमूर्ति विभू बाखरू की खंडपीठ के समक्ष डीडीसीए ने तर्क रखा था कि साउथ एमसीडी स्टैंडिंग कमेटी ने उन्हें स्टेडियम में काम पूरा करने के लिए 20 दिन का समय प्रदान किया है। ऐसे में उन्हें प्रोविजनल प्रमाण पत्र प्रदान किया जाए।
अदालत ने कहा कि हम आपको किसी भी हालत में असुरक्षित स्टेडियम में मैच करवाने के लिए इजाजत नहीं दिलवा सकते। आपको हर हाल में बिल्डिंग प्लान का पालन करना ही होगा। अदालत ने कहा कि यदि साउथ एमसीडी ने 50 लाख रुपये जमा करवाने की शर्त पर आपको काम पूरा करने के लिए प्रोविजनल प्रमाणपत्र प्रदान कर दिया है तो ठीक है हम उसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।