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Gautam Gambhir: भारत को नहीं भा रहा गौतम गंभीर का अंदाज? पिछले नौ टेस्ट में से सिर्फ एक मैच जीत पाई टीम इंडिया
Wed, 25 Jun 2025 11:09 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Wed, 25 Jun 2025 11:09 AM IST
सार
गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया ने दो टी20 सीरीज, तीन वनडे सीरीज और चार टेस्ट सीरीज खेली है, जिसमें परिणाम मिले जुले रहे हैं। पिछले कुछ समय से टी20 और वनडे में कामयाब रही टीम इंडिया को टेस्ट में अप्रत्याशित हारों का सामना करना पड़ा है।
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गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय टीम के टेस्ट में हार का सिलसिला जारी है। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज गंवाने के बाद टीम इंडिया को इंग्लैंड दौरे पर पहले मुकाबले में भी शिकस्त मिली। हालांकि, अभी सीरीज की शुरुआत ही है और भारतीय टीम में वापसी का दमखम है, लेकिन लाल गेंद के प्रारूप में लगातार मिल रही हार से फैंस निराश हैं। गौतम गंभीर के मुख्य कोच बनने के बाद भारतीय टीम टेस्ट में सिर्फ बांग्लादेश से अपने घर में 2-0 से सीरीज जीत पाई है। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया को घरेलू मैदान पर 3-0 क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा था। फिर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर भारतीय टीम 3-1 से सीरीज हार गई थी।
अब इंग्लैंड में भी पांच मैचों की सीरीज में मेहमान टीम 1-0 से पीछे है। भारतीय टीम ने भले ही चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की हो, लेकिन लाल गेंद को क्रिकेट का असली प्रारूप माना जाता है और खुद गंभीर भी टेस्ट के महत्व के बारे में कई बार बात कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है। फैंस का तो यहां तक कहना है कि सबसे लंबे प्रारूप में गंभीर की कोचिंग टीम इंडिया को नहीं जंच रही है। पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद भारत ने नौ टेस्ट खेले और इसमें सिर्फ एक मैच जीत पाई है।
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अब इंग्लैंड में भी पांच मैचों की सीरीज में मेहमान टीम 1-0 से पीछे है। भारतीय टीम ने भले ही चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की हो, लेकिन लाल गेंद को क्रिकेट का असली प्रारूप माना जाता है और खुद गंभीर भी टेस्ट के महत्व के बारे में कई बार बात कर चुके हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है। फैंस का तो यहां तक कहना है कि सबसे लंबे प्रारूप में गंभीर की कोचिंग टीम इंडिया को नहीं जंच रही है। पिछले साल बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज के बाद भारत ने नौ टेस्ट खेले और इसमें सिर्फ एक मैच जीत पाई है।
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राहुल द्रविड़-गौतम गंभीर
- फोटो : BCCI
2024 में गंभीर बने थे टीम इंडिया के कोच
भारतीय टीम ने पिछले साल जून में टी20 विश्व कप जीता था। फैंस को पिछले जून में जश्न मनाने का मौका मिला था। टी20 विश्व कप 2024 में टीम इंडिया की जीत के बाद राहुल द्रविड़ के कार्यकाल का अंत हुआ था और गौतम गंभीर ने मुख्य कोच के रूप में कदम रखा था। ऐसा माना जा रहा था कि वह अपने साथ एक नया दृष्टिकोण लाएंगे और भारतीय टीम और ज्यादा आक्रामक होकर खेलेगी। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ उनकी सफलता के बाद गंभीर की नियुक्ति ने फैंस के मन में उम्मीदें जगाई थीं। हालांकि, जुलाई में गंभीर के पद संभालने से लेकर अब तक टेस्ट में भारत की अप्रत्याशित हार की कल्पना किसी ने नहीं की थी। सफेद गेंद के प्रारूप में भी चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़ दिया जाए तो टीम इंडिया का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।
भारतीय टीम ने पिछले साल जून में टी20 विश्व कप जीता था। फैंस को पिछले जून में जश्न मनाने का मौका मिला था। टी20 विश्व कप 2024 में टीम इंडिया की जीत के बाद राहुल द्रविड़ के कार्यकाल का अंत हुआ था और गौतम गंभीर ने मुख्य कोच के रूप में कदम रखा था। ऐसा माना जा रहा था कि वह अपने साथ एक नया दृष्टिकोण लाएंगे और भारतीय टीम और ज्यादा आक्रामक होकर खेलेगी। आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स के साथ उनकी सफलता के बाद गंभीर की नियुक्ति ने फैंस के मन में उम्मीदें जगाई थीं। हालांकि, जुलाई में गंभीर के पद संभालने से लेकर अब तक टेस्ट में भारत की अप्रत्याशित हार की कल्पना किसी ने नहीं की थी। सफेद गेंद के प्रारूप में भी चैंपियंस ट्रॉफी को छोड़ दिया जाए तो टीम इंडिया का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा।
गौतम गंभीर
- फोटो : ANI
कोच गंभीर की देखरेख में टेस्ट में हाल बेहाल
गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया ने दो टी20 सीरीज, तीन वनडे सीरीज और चार टेस्ट सीरीज खेली है, जिसमें परिणाम मिले जुले रहे हैं। गंभीर ने टी20 सीरीज में अपने 100 प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड को बनाए रखा है, लेकिन उनकी कोचिंग में टीम इंडिया को इस साल जनवरी में पहली वनडे सीरीज में जीत मिली। इस साल जनवरी में इंग्लैंड के भारत दौरे पर भारत ने टी20 सीरीज 4-1 से और वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम की थी। फिर चैंपियंस ट्रॉफी में भी गंभीर की देखरेख में भारत जीतने में कामयाब रहा। वहीं, टेस्ट में अपने से कमजोर टीम से सीरीज जीतने के बाद बराबरी की टीम से तीन बार टक्कर में टीम इंडिया को मुंह की खानी पड़ी। भारत को अपने घर में न्यूजीलैंड से 0-3 से टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा और फिर ऑस्ट्रेलिया से उसके घर में हार मिली।
गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया ने दो टी20 सीरीज, तीन वनडे सीरीज और चार टेस्ट सीरीज खेली है, जिसमें परिणाम मिले जुले रहे हैं। गंभीर ने टी20 सीरीज में अपने 100 प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड को बनाए रखा है, लेकिन उनकी कोचिंग में टीम इंडिया को इस साल जनवरी में पहली वनडे सीरीज में जीत मिली। इस साल जनवरी में इंग्लैंड के भारत दौरे पर भारत ने टी20 सीरीज 4-1 से और वनडे सीरीज 3-0 से अपने नाम की थी। फिर चैंपियंस ट्रॉफी में भी गंभीर की देखरेख में भारत जीतने में कामयाब रहा। वहीं, टेस्ट में अपने से कमजोर टीम से सीरीज जीतने के बाद बराबरी की टीम से तीन बार टक्कर में टीम इंडिया को मुंह की खानी पड़ी। भारत को अपने घर में न्यूजीलैंड से 0-3 से टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा और फिर ऑस्ट्रेलिया से उसके घर में हार मिली।
गौतम गंभीर
- फोटो : BCCI
गंभीर की देखरेख में टीम इंडिया का रिकॉर्ड
गंभीर की देखरेख में भारत ने पिछली आठ सीरीज में पांच जीते हैं, जबकि चार में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह टेस्ट सीरीज उनकी देखरेख में तीनों प्रारूप मिलाकर नौवीं सीरीज है। तीनों प्रारूप में कुल 30 मैच में से टीम इंडिया ने 18 मैच जीते और 10 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक मैच टाई और एक टेस्ट ड्रॉ रहा है। इन 30 मैचों में 11 टेस्ट, 11 वनडे और आठ टी20 मैच शामिल हैं। 11 टेस्ट में से भारत ने तीन जीते और सात में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक टेस्ट ड्रॉ रहा।
गंभीर की देखरेख में भारत ने पिछली आठ सीरीज में पांच जीते हैं, जबकि चार में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। भारत और इंग्लैंड के बीच यह टेस्ट सीरीज उनकी देखरेख में तीनों प्रारूप मिलाकर नौवीं सीरीज है। तीनों प्रारूप में कुल 30 मैच में से टीम इंडिया ने 18 मैच जीते और 10 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा। एक मैच टाई और एक टेस्ट ड्रॉ रहा है। इन 30 मैचों में 11 टेस्ट, 11 वनडे और आठ टी20 मैच शामिल हैं। 11 टेस्ट में से भारत ने तीन जीते और सात में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, जबकि एक टेस्ट ड्रॉ रहा।
गौतम गंभीर-रोहित शर्मा-विराट कोहली
- फोटो : ANI
रोहित और विराट ने अचानक टेस्ट से संन्यास लिया
इतना ही नहीं, गंभीर को टीम इंडिया में बड़े बदलाव के लिए लाया गया था और ऐसा ही हुआ भी। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद अचानक टेस्ट को अलविदा कह दिया, जबकि ऐसा कहा जा रहा था कि दोनों इंग्लैंड दौरे के लिए तैयारी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम में अनबन को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं। कोचिंग टीम के कई शीर्ष अधिकारियों पर गाज भी गिरी, लेकिन अब तक सुधार नहीं दिखा है।
इतना ही नहीं, गंभीर को टीम इंडिया में बड़े बदलाव के लिए लाया गया था और ऐसा ही हुआ भी। रोहित शर्मा और विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद अचानक टेस्ट को अलविदा कह दिया, जबकि ऐसा कहा जा रहा था कि दोनों इंग्लैंड दौरे के लिए तैयारी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टीम में अनबन को लेकर कई मीडिया रिपोर्ट्स आई थीं। कोचिंग टीम के कई शीर्ष अधिकारियों पर गाज भी गिरी, लेकिन अब तक सुधार नहीं दिखा है।
केएल राहुल और गौतम गंभीर
- फोटो : PTI
गंभीर के लिए आसान नहीं आगे की राह
विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी में दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के बाद भारत अब बदलाव के दौर में है, लेकिन गंभीर के लिए यह आसान नहीं रहने वाला है। हालांकि, बीसीसीआई स्प्लिट कोचिंग यानी अलग गेंद के प्रारूप के लिए अलग-अलग कोच नहीं रखता है, लेकिन अगर टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर हारती है तो सवाल जरूर पूछे जाएंगे और बीसीसीआई टेस्ट में अलग कोच रखने पर भी विचार कर सकता है।
विराट कोहली और रोहित शर्मा की कप्तानी में दो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने के बाद भारत अब बदलाव के दौर में है, लेकिन गंभीर के लिए यह आसान नहीं रहने वाला है। हालांकि, बीसीसीआई स्प्लिट कोचिंग यानी अलग गेंद के प्रारूप के लिए अलग-अलग कोच नहीं रखता है, लेकिन अगर टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर हारती है तो सवाल जरूर पूछे जाएंगे और बीसीसीआई टेस्ट में अलग कोच रखने पर भी विचार कर सकता है।
गौतम गंभीर
- फोटो : PTI
टेस्ट में मिल रहे लगातार हार से फैंस निराश
न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट पहले से ही निशाने पर है। परिस्थितियों की परवाह किए बिना अपने गेम प्लान पर टिके रहने में गंभीर के दृढ़ विश्वास ने भारतीय क्रिकेट समुदाय में कुछ लोगों को हैरान कर दिया। अपने घर में शेर मानी जाने वाली टीम इंडिया को उसके घर में अप्रत्याशित हार का सामना करना और फिर ऑस्ट्रेलिया से 10 साल बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में हार से आए गिरावट ने फैंस को निराश किया। आइए जानते हैं गंभीर की कोचिंग में भारत ने टेस्ट में कौन-कौन से अनचाहे रिकॉर्ड बनाए हैं...
न्यूजीलैंड और फिर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लगातार दो टेस्ट सीरीज गंवाने के बाद भारतीय टीम मैनेजमेंट पहले से ही निशाने पर है। परिस्थितियों की परवाह किए बिना अपने गेम प्लान पर टिके रहने में गंभीर के दृढ़ विश्वास ने भारतीय क्रिकेट समुदाय में कुछ लोगों को हैरान कर दिया। अपने घर में शेर मानी जाने वाली टीम इंडिया को उसके घर में अप्रत्याशित हार का सामना करना और फिर ऑस्ट्रेलिया से 10 साल बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में हार से आए गिरावट ने फैंस को निराश किया। आइए जानते हैं गंभीर की कोचिंग में भारत ने टेस्ट में कौन-कौन से अनचाहे रिकॉर्ड बनाए हैं...
भारतीय टीम
- फोटो : ANI
148 साल के टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली बार
टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में भारतीय टीम ऐसी पहली टीम है, जिसके खिलाड़ियों ने एक ही मैच में पांच शतक लगाए, लेकिन फिर भी टीम मैच हार गई। इससे पहले 1928-29 की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की ओर से मेलबर्न टेस्ट में चार शतक लगे थे। उसी मैच में डॉन ब्रैडमैन ने अपना पहला टेस्ट शतक (112 रन) भी बनाया था, लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया को हार मिली थी।
टेस्ट क्रिकेट के 148 साल के इतिहास में भारतीय टीम ऐसी पहली टीम है, जिसके खिलाड़ियों ने एक ही मैच में पांच शतक लगाए, लेकिन फिर भी टीम मैच हार गई। इससे पहले 1928-29 की एशेज सीरीज में ऑस्ट्रेलिया की ओर से मेलबर्न टेस्ट में चार शतक लगे थे। उसी मैच में डॉन ब्रैडमैन ने अपना पहला टेस्ट शतक (112 रन) भी बनाया था, लेकिन फिर भी ऑस्ट्रेलिया को हार मिली थी।
रोहित और विराट
- फोटो : BCCI
न्यूजीलैंड से 36 साल बाद टेस्ट मैच हारा भारत
भारतीय टीम को पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले ही टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा। बंगलूरू में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम को 36 साल बाद घरेलू मैदान पर कीवी टीम से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले न्यूजीलैंड ने 1988 में भारत को हराया था।
भारतीय टीम को पिछले साल न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के पहले ही टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा। बंगलूरू में खेले गए मुकाबले में टीम इंडिया को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम को 36 साल बाद घरेलू मैदान पर कीवी टीम से हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले न्यूजीलैंड ने 1988 में भारत को हराया था।
रचिन रवींद्र
- फोटो : BCCI
19 साल बाद मिली चिन्नास्वामी स्टेडियम में हार
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बंगलूरू का चिन्नास्वामी स्टेडियम अभेद किला बन चुका था, लेकिन न्यूजीलैंड ने चिन्नास्वामी में 19 साल बाद भारत को हारने पर मजबूर कर दिया। इससे पहले चिन्नास्वामी में भारतीय टीम ने 2005 में कोई टेस्ट गंवाया था। तब भारत को पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा था।
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बंगलूरू का चिन्नास्वामी स्टेडियम अभेद किला बन चुका था, लेकिन न्यूजीलैंड ने चिन्नास्वामी में 19 साल बाद भारत को हारने पर मजबूर कर दिया। इससे पहले चिन्नास्वामी में भारतीय टीम ने 2005 में कोई टेस्ट गंवाया था। तब भारत को पाकिस्तान से हार का सामना करना पड़ा था।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
घर में पहली बार 50 से कम स्कोर पर ऑलआउट
टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ बंगलूरू टेस्ट में सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड बना गई। इस मैच की पहली पारी में भारतीय टीम सिर्फ 46 रन के स्कोर पर ही ढेर हो गई। इसके साथ ही भारतीय टीम अपने घर में सबसे न्यूनतम स्कोर पर आउट हुई।
टीम इंडिया न्यूजीलैंड के खिलाफ बंगलूरू टेस्ट में सबसे शर्मनाक रिकॉर्ड बना गई। इस मैच की पहली पारी में भारतीय टीम सिर्फ 46 रन के स्कोर पर ही ढेर हो गई। इसके साथ ही भारतीय टीम अपने घर में सबसे न्यूनतम स्कोर पर आउट हुई।
भारत बनाम न्यूजीलैंड दूसरा टेस्ट
- फोटो : BCCI
घर में रिकॉर्ड 18 टेस्ट सीरीज जीतने के बाद मिली हार
बंगलूरू टेस्ट जीतने के बाद न्यूजीलैंड ने भारत को पुणे में दूसरे टेस्ट में 113 रन से हराया और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की। भारत ने 12 साल बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज गंवाया। साथ ही घर में रिकॉर्ड 18 टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। भारत घर में आखिरी टेस्ट सीरीज 2012 में हारा था। इसके बाद से टीम इंडिया ने लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीती थीं।
बंगलूरू टेस्ट जीतने के बाद न्यूजीलैंड ने भारत को पुणे में दूसरे टेस्ट में 113 रन से हराया और सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की। भारत ने 12 साल बाद घर में कोई टेस्ट सीरीज गंवाया। साथ ही घर में रिकॉर्ड 18 टेस्ट सीरीज जीतने के बाद भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। भारत घर में आखिरी टेस्ट सीरीज 2012 में हारा था। इसके बाद से टीम इंडिया ने लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीती थीं।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
भारत 24 साल बाद घर में क्लीन स्वीप
बंगलूरू और पुणे टेस्ट हारने के बाद भी गंभीर की टीम इंडिया ने कोई सीख नहीं ली और मुंबई में तीसरा टेस्ट भी हार गए। न्यूजीलैंड ने मुंबई में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत को 25 रन से हराया। इसके साथ कीवी टीम ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। यह पहली बार है जब न्यूजीलैंड ने भारत में कोई टेस्ट सीरीज जीती हो। साथ ही 24 साल बाद भारत को उसके घर में किसी टीम ने दो या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया हो। इससे पहले 2000 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को क्लीन स्वीप किया था।
बंगलूरू और पुणे टेस्ट हारने के बाद भी गंभीर की टीम इंडिया ने कोई सीख नहीं ली और मुंबई में तीसरा टेस्ट भी हार गए। न्यूजीलैंड ने मुंबई में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच में भारत को 25 रन से हराया। इसके साथ कीवी टीम ने तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में टीम इंडिया को 3-0 से क्लीन स्वीप किया। यह पहली बार है जब न्यूजीलैंड ने भारत में कोई टेस्ट सीरीज जीती हो। साथ ही 24 साल बाद भारत को उसके घर में किसी टीम ने दो या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया हो। इससे पहले 2000 में दो टेस्ट मैचों की सीरीज में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को क्लीन स्वीप किया था।
भारत बनाम न्यूजीलैंड
- फोटो : BCCI
91 साल में पहली बार टीम इंडिया ने किया यह कारनामा
वहीं, यह अपने घर में तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत का पहला क्लीन स्वीप रहा। भारत 1933 से टेस्ट खेल रहा है और 91 साल में पहली बार भारत अपने घर में क्लीन स्वीप हुआ।
वहीं, यह अपने घर में तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत का पहला क्लीन स्वीप रहा। भारत 1933 से टेस्ट खेल रहा है और 91 साल में पहली बार भारत अपने घर में क्लीन स्वीप हुआ।
भारत बनाम न्यूजीलैंड तीसरा टेस्ट
- फोटो : BCCI
न्यूजीलैंड भारत को क्लीन स्वीप करने वाली चौथी टीम बनी
न्यूजीलैंड भारत को तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप करने वाली चौथी टीम है। इससे पहले इंग्लैंड ने भारत को चार बार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है। न्यूजीलैंड ने 146 रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक बचाया। यह भारतीय सरजमीं पर डिफेंड किया गया दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले सिर्फ एक बार किसी टीम ने 150 से कम के लक्ष्य को बचाया था। 2004 में भारत ने ही वानखेड़े में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 107 का बचाव किया था।
न्यूजीलैंड भारत को तीन या इससे ज्यादा मैचों की टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप करने वाली चौथी टीम है। इससे पहले इंग्लैंड ने भारत को चार बार, ऑस्ट्रेलिया ने तीन बार और वेस्टइंडीज ने एक बार क्लीन स्वीप किया है। न्यूजीलैंड ने 146 रन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक बचाया। यह भारतीय सरजमीं पर डिफेंड किया गया दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले सिर्फ एक बार किसी टीम ने 150 से कम के लक्ष्य को बचाया था। 2004 में भारत ने ही वानखेड़े में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 107 का बचाव किया था।
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी
- फोटो : BCCI
भारत ने 10 साल बाद गंवाई बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज
भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। पर्थ में भारत ने 295 रन की जीत के साथ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 की शुरुआत की थी। हालांकि, इसके बाद से टीम का प्रदर्शन गिरा। एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट में टीम इंडिया को 10 विकेट से शिकस्त मिली। वहीं, ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ रहा। यह मैच बारिश से बाधित रहा था। मेलबर्न में चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 184 रन से जीत हासिल की थी। सिडनी टेस्ट छह विकेट से जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से अपने नाम की। भारत ने पिछली बार यह सीरीज 2014-15 में गंवाई थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने अपने घर में 2-0 से जीत हासिल की थी।
भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। पर्थ में भारत ने 295 रन की जीत के साथ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 2024-25 की शुरुआत की थी। हालांकि, इसके बाद से टीम का प्रदर्शन गिरा। एडिलेड में डे-नाइट टेस्ट में टीम इंडिया को 10 विकेट से शिकस्त मिली। वहीं, ब्रिस्बेन टेस्ट ड्रॉ रहा। यह मैच बारिश से बाधित रहा था। मेलबर्न में चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 184 रन से जीत हासिल की थी। सिडनी टेस्ट छह विकेट से जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने 10 साल बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी 3-1 से अपने नाम की। भारत ने पिछली बार यह सीरीज 2014-15 में गंवाई थी। तब ऑस्ट्रेलिया ने अपने घर में 2-0 से जीत हासिल की थी।
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी
- फोटो : PTI
10 साल बाद ही लगातार दो टेस्ट सीरीज हारा भारत
इसके साथ ही एक अजब संयोग भी जुड़ गया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में टेस्ट सीरीज गंवाई थी। टीम इंडिया ने पिछली बार लगातार दो टेस्ट सीरीज 10 साल पहले गंवाई थी। 2014 में भारत को इंग्लैंड दौरे पर 1-3 से हार मिली थी। फिर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया 2-0 से हार गई थी।
इसके साथ ही एक अजब संयोग भी जुड़ गया। भारत ने ऑस्ट्रेलिया से पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में टेस्ट सीरीज गंवाई थी। टीम इंडिया ने पिछली बार लगातार दो टेस्ट सीरीज 10 साल पहले गंवाई थी। 2014 में भारत को इंग्लैंड दौरे पर 1-3 से हार मिली थी। फिर ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर टीम इंडिया 2-0 से हार गई थी।
अभिषेक नायर और गौतम गंभीर
- फोटो : BCCI
गंभीर ने बीसीसीआई के सामने रखी थी कुछ मांगें
न्यूजीलैंड से पिछले साल क्लीन स्वीप होने से पहले टीम इंडिया ने अपने घर में लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीती थीं। गंभीर की परेशानी बढ़ना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि कोच नियुक्त होने से पहले उन्होंने बीसीसीआई के सामने कुछ मांग रखी थी। इनमें अपना कोचिंग स्टाफ खुद चुनना और टीम में जरूरी बदलाव शामिल थे। गंभीर के कहने पर ही अभिषेक नायर और रेयान टेन डेशकाटे के रूप में दो असिस्टेंट कोच नियुक्त किए गए थे। वहीं, जहीर खान पर मोर्ने मोर्कल को तरजीह देकर उन्हें गेंदबाजी कोच बनाया गया था। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह को छोड़ दिया जाए तो बाकियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार के बाद अभिषेक नायर पर हार का ठीकरा फोड़ दिया गया और उन पर गाज गिरी।
न्यूजीलैंड से पिछले साल क्लीन स्वीप होने से पहले टीम इंडिया ने अपने घर में लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीती थीं। गंभीर की परेशानी बढ़ना इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि कोच नियुक्त होने से पहले उन्होंने बीसीसीआई के सामने कुछ मांग रखी थी। इनमें अपना कोचिंग स्टाफ खुद चुनना और टीम में जरूरी बदलाव शामिल थे। गंभीर के कहने पर ही अभिषेक नायर और रेयान टेन डेशकाटे के रूप में दो असिस्टेंट कोच नियुक्त किए गए थे। वहीं, जहीर खान पर मोर्ने मोर्कल को तरजीह देकर उन्हें गेंदबाजी कोच बनाया गया था। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह को छोड़ दिया जाए तो बाकियों का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार के बाद अभिषेक नायर पर हार का ठीकरा फोड़ दिया गया और उन पर गाज गिरी।