इंग्लैंड से हारे तो आलोचक कहेंगे की घर में शेर, विदेश में ढेर: चेतन शर्मा
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टीम इंडिया के पूर्व ऑलराउंडर चेतन शर्मा का कहना है कि विराट कोहली का जून में अफगानिस्तान के खिलाफ बेंगलुरू में टेस्ट की बजाय इंग्लैंड के खिलाफ उसके घर में अगस्त में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने जाना है। इससे पहले कोहली का जून में काउंटी क्रिकेट खेल खुद को वहां की स्थितियों के मुताबिक ढालने के लिए लिहाज से बढिया फैसला है। टीम इंडिया अपने इंग्लैंड दौरे का आगाज 3 जुलाई से तीन टी-20 मैचों से करेगा और 12 जुलाई से उसके खिलाफ तीन वन डे मैचों की सीरीज खेलेगा। विराट कोहली के लिए काउंटी में खेलने की पुष्टि सरे ने की। विराट ने सरे का काउंटी में खेलने का मौका देने के लिए आभार जताया है।
चेतन शर्मा ने 'अमर उजाला' से शुक्रवार को कहा, 'विराट कोहली का जून में अफगानिस्तान के खिलाफ बेंगलुरू में उसके ऐतिहासिक पहले टेस्ट मैच की बजाय इंग्लैंड में काउटी क्रिकेट खेलने जाने का फैसला भारतीय टीम के लिए बहुत अच्छा है। विराट के लिए इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज बेशक ज्यादा बड़ी और अहम है। यदि टीम इंडिया इंग्लैंड से उसके घर में टेस्ट सीरीज हारी तो फिर आलोचक यही कहेंगे कि घर के शेर, विदेश में ढेर। इंग्लैंड में नम मौसम में गेंद काफी मूव होती है । ऐसे में इंग्लैंड में कामयाब होने के लिए बल्लेबाजों को वहां खेल वहां के हालात के मुताबिक ढालना अहम होता है। विराट टेस्ट सीरीज से पहले वहां सरे के लिए काउंटी में जो भी चार पांच मैच खेलेंगे तो उन्हें गेंद वहां के मौसम में कितना मूव हो रही है इसका अंदाज हो जाएगा। '
आगे उन्होंने कहा, 'विराट को रेड डयूक बॉल से इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खेलने में खासी परेशानी आई थी। इंग्लैंड में काउंटी में सरे के लिए खेल कर विराट खुद को वहां की स्थितियों के मुताबिक ढाल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में खुद को रेड डयूक बॉल से खेलने के लिए बेहतर ढंग से तैयार कर सकेंगे। ऐसे में विराट इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में निश्चित रूप से बेहतर प्रदर्शन करेंगे और आलोचना की नौबत ही नहीं आएगी। विराट जैसा बल्लेबाज जब खुद को इंग्लैंड के हालात के मुताबिक ढालने के लिए काउंटी खेलने जा रहा है तो उनकी आलोचना समझ से परे है। दक्षिण अफ्रीका में टीम इंडिया उससे टेस्ट सीरीज के शुरू में इसलिए हारी की उसे वहां की स्थितियों के मुताबिक ढालने का मौका नहीं मिला था। हालात से परिचित होने के बाद कप्तान विराट और टीम इंडिया ने टेस्ट मैच और बाकी के फॉर्मेट में दक्षिण अफ्रीका के खिलाप बेहतर प्रदर्शन किया।'
वह बताते हैं कि, टीम इंडिया के लिए एक अच्छी बात है उसकी बल्लेबाजी की 'दीवार' चेतेश्वर पुजारा और तेज गेंदबाज इशांत शर्मा पहले ही काउंटी में खेल रहे हैं। ऑफ स्पिन ऑलराउंडर रविचंद्रन अश्विन भी आईपीएल के बाद इंग्लैड में काउंटी खेलने चले जाएंगे। इन चारों भारतीय धुरंधरों का इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट में खेलने जाना टीम इंडिया की तुरुप चाल साबित हो सकता है। इंग्लैड में भारत के लिए मोहम्मद शमी बतौर तेज गेंदबाज काफी अहम होंगे और उनके लिए मौजूदा आईपीएल ठीक नहीं रहा।
ऐसे में शमी को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को टीम इंडिया के इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से एक पखवाड़े इंग्लैंड में किसी काउंटी में खेलने भेज देना चाहिए। शमी खुद को इंग्लैंड के मौसम और माहौल के मुताबिक ढाल लेंगे तो भारत का आक्रमण और धारदार हो जाएगा। भारत के स्विंग के उस्ताद भुवनेश्वर कुमार इंग्लैंड ही नहीं कहीं भी किन्ही हालात में बेहतर प्रदर्शन करना खूब जानते हैं। भारत की टीम में इतना दम है कि वह विराट और कई अन्य दिगग्जों के बिना भी अफगानिस्तान से एकमात्र टेस्ट आसानी से मैच जीत लेगी। विराट की गैरमौजूदगी किसी अन्य यंग खिलाड़ी को टीम इंडिया के लिए अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच खेलने का मौका देगी। भारत के पास 30 खिलाडिय़ों का ऐसा ग्रुप है कि वह किसी भी स्थिति से निपट सकती है।