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Team India: इंग्लैंड में गिल की कप्तानी देखकर खुश हुए युवराज सिंह, प्रदर्शन को बताया अविश्वनीय; जमकर सराहा
Thu, 14 Aug 2025 05:46 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 14 Aug 2025 05:46 PM IST
सार
गिल के मेंटोर रहे युवराज ने कहा कि कोहली और रोहित जैसे खिलाड़ियों के बिना भी भारतीय टीम ने चुनौती का डटकर सामना किया।
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युवराज सिंह
- फोटो : ANI
विस्तार
भारतीय टीम के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने टेस्ट कप्तान शुभमन गिल की सराहना करते हुए कहा कि जिस तरह से गिल ने इंग्लैंड दौरे पर कप्तानी की वो अविश्वनीय रही। युवराज का मानना है कि इस टेस्ट सीरीज से पहले विदेशी हालात को देखते हुए गिल की बल्लेबाजी पर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन उन्होंने सभी को गलत साबित किया और शानदार प्रदर्शन किया।
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रोहित के संन्यास के बाद मिली कमान
गिल को रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। कप्तान के तौर पर यह उनकी पहली सीरीज थी। गिल ने ना सिर्फ अपनी कप्तानी से प्रभावित किया, बल्कि बल्ले से भी चमक बिखेरी। एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज के दौरान गिल ने चार शतक लगाए और 754 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। वह SENA देशों यानी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में 700 से अधिक रन बनाने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज बने थे। भारत ने यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई थी।
युवराज ने कहा, गिल के विदेशी रिकॉर्ड पर कई सवालिया निशान थे। वह कप्तान बने और चार टेस्ट शतक जड़े। यह अविश्वसनीय है कि जब आपको जिम्मेदारी दी जाती है तो आप उसे कैसे लेते हैं। इसलिए मुझे भारतीय टीम पर बहुत गर्व है। मुझे निश्चित रूप से लगता है कि यह हमारी जीत है, हालांकि यह सीरीज ड्रॉ रही क्योंकि यह युवा टीम है। और इंग्लैंड में जाकर खेलना और खुद को साबित करना आसान नहीं है।
गिल को रोहित शर्मा के संन्यास लेने के बाद टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी। कप्तान के तौर पर यह उनकी पहली सीरीज थी। गिल ने ना सिर्फ अपनी कप्तानी से प्रभावित किया, बल्कि बल्ले से भी चमक बिखेरी। एंडरसन-तेंदुलकर सीरीज के दौरान गिल ने चार शतक लगाए और 754 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे। वह SENA देशों यानी दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में 700 से अधिक रन बनाने वाले पहले एशियाई बल्लेबाज बने थे। भारत ने यह सीरीज 2-2 से ड्रॉ कराई थी।
युवराज ने कहा, गिल के विदेशी रिकॉर्ड पर कई सवालिया निशान थे। वह कप्तान बने और चार टेस्ट शतक जड़े। यह अविश्वसनीय है कि जब आपको जिम्मेदारी दी जाती है तो आप उसे कैसे लेते हैं। इसलिए मुझे भारतीय टीम पर बहुत गर्व है। मुझे निश्चित रूप से लगता है कि यह हमारी जीत है, हालांकि यह सीरीज ड्रॉ रही क्योंकि यह युवा टीम है। और इंग्लैंड में जाकर खेलना और खुद को साबित करना आसान नहीं है।
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युवराज बोले- रोहित-कोहली के बिना टीम ने चुनौती का डटकर सामना किया
विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत, आकाश दीप और अर्शदीप सिंह के चोटिल होने और उनके मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के कार्यभार के कारण केवल तीन मैच खेलने के बावजूद सीरीज में भारत का दृढ़ संकल्प दिखा और उन्होंने ओवल में पांचवें टेस्ट में छह रन से रोमांचक जीत हासिल कर सीरीज बराबर कर दी। गिल के मेंटोर रहे युवराज ने कहा कि कोहली और रोहित जैसे खिलाड़ियों के बिना भी भारतीय टीम ने चुनौती का डटकर सामना किया। युवराज ने कहा, यह वाकई शानदार है क्योंकि मुझे लगता है कि जब आपके पास इंग्लैंड जाने वाली युवा टीम होती है तो बहुत दबाव होता है। आप विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की जगह ले रहे होते हैं, यह आसान नहीं होता। खिलाड़ियों ने इसका डटकर सामना किया।
विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत, आकाश दीप और अर्शदीप सिंह के चोटिल होने और उनके मुख्य तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के कार्यभार के कारण केवल तीन मैच खेलने के बावजूद सीरीज में भारत का दृढ़ संकल्प दिखा और उन्होंने ओवल में पांचवें टेस्ट में छह रन से रोमांचक जीत हासिल कर सीरीज बराबर कर दी। गिल के मेंटोर रहे युवराज ने कहा कि कोहली और रोहित जैसे खिलाड़ियों के बिना भी भारतीय टीम ने चुनौती का डटकर सामना किया। युवराज ने कहा, यह वाकई शानदार है क्योंकि मुझे लगता है कि जब आपके पास इंग्लैंड जाने वाली युवा टीम होती है तो बहुत दबाव होता है। आप विराट कोहली, रोहित शर्मा जैसे खिलाड़ियों की जगह ले रहे होते हैं, यह आसान नहीं होता। खिलाड़ियों ने इसका डटकर सामना किया।
युवराज ने जडेजा-वाशिंगटन के प्रयास को सराहा
युवराज ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर के प्रयासों की भी सराहना की, जिनकी लंबी साझेदारी की बदौलत भारत ने मैनचेस्टर में चौथा टेस्ट ड्रॉ कराया। युवराज ने कहा, टूर्नामेंट में वह पल शानदार था जब भारत ने टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई। मैंने बहुत लंबे समय से वाशिंगटन और जडेजा को शतक बनाते और टेस्ट मैच ड्रॉ कराते नहीं देखा। यह बहुत कुछ कहता है। निश्चित रूप से जडेजा लंबे समय से टीम में हैं। लेकिन मुझे लगता है कि टीम में युवा खिलाड़ी वाशिंगटन सुंदर ने जो किया वह अविश्वसनीय था।
युवराज ने ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर के प्रयासों की भी सराहना की, जिनकी लंबी साझेदारी की बदौलत भारत ने मैनचेस्टर में चौथा टेस्ट ड्रॉ कराया। युवराज ने कहा, टूर्नामेंट में वह पल शानदार था जब भारत ने टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई। मैंने बहुत लंबे समय से वाशिंगटन और जडेजा को शतक बनाते और टेस्ट मैच ड्रॉ कराते नहीं देखा। यह बहुत कुछ कहता है। निश्चित रूप से जडेजा लंबे समय से टीम में हैं। लेकिन मुझे लगता है कि टीम में युवा खिलाड़ी वाशिंगटन सुंदर ने जो किया वह अविश्वसनीय था।