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Sachin Tendulkar: स्टेडियम के बाहर गेंद मारने के लिए राजी नहीं थे सचिन, नुकसान झेलने को थे तैयार, किया खुलासा
Sat, 17 Dec 2022 05:23 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sat, 17 Dec 2022 05:23 PM IST
सार
सचिन तेंदुलकर ने अपने 24 साल के करियर में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। इस दौरान उन्होंने कई उतार-चढ़ाव भी देखे। सचिन के करियर से जुड़े मजेदार किस्से भी हैं। इनमें से एक सचिन ने खुद बयां किया है।
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सचिन तेंदुलकर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर 24 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा रहे। इस दौरान उन्होंने कई विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। सचिन ने भारत के लिए खेलते हुए 100 शतक लगाने का गौरव हासिल किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बने। अब तक सचिन के कई रिकॉर्ड कोई भी बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है। वनडे और टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी तेंदुलकर ही नाम है।
सचिन ने साल 2011 में वनडे विश्व कप जीतने का गौरव भी हासिल किया। इसके बाद साल 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
अपने 24 साल के करियर में सचिन ने मैदान के अंदर कई यादगार पारियां खेलीं और मैदान के बाहर कई यादगार किस्से भी बनाए। ऐसा ही एक किस्सा खुद सचिन ने बताया है।
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सचिन ने साल 2011 में वनडे विश्व कप जीतने का गौरव भी हासिल किया। इसके बाद साल 2013 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
अपने 24 साल के करियर में सचिन ने मैदान के अंदर कई यादगार पारियां खेलीं और मैदान के बाहर कई यादगार किस्से भी बनाए। ऐसा ही एक किस्सा खुद सचिन ने बताया है।
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क्यों सचिन ने ठुकराया था ऑफर?
सचिन ने बताया कि 1998 में शरजाह के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रन की पारी खेलने के बाद वह काफी चर्चा में थे और लोग जमकर उनकी तारीफ कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक विज्ञापन करने के ऑफर मिला, जिसमें एक गेंद उड़ती हुई आ रही थी और सचिन को इसे स्टेडियम के बाहर मारना था। सचिन ने यह विज्ञापन करने से मना कर दिया। सचिन का कहना था कि इसमें क्रिकेट का अपमान है। वह इस खेल की पूजा करते हैं। ऐसे में वे यह विज्ञापन नहीं कर सकते। बाद में स्क्रिप्ट को बदला गया और सचिन ने यह विज्ञापन किया।
इंफोसिस के कार्यक्रम में सचिन ने खुद इस कहानी का खुलासा किया। यह विज्ञापन छोड़ने से सचिन को पैसों का काफी नुकसान हो रहा था, लेकिन वह गेंद को स्टेडियम से बाहर मारने के लिए तैयार नहीं थे। सचिन ने इसके अलावा भी कई बार विज्ञापन ठुकराए, क्योंकि विज्ञापन की स्क्रिप्ट उनके विचारों से मेल नहीं खाती थी।
सचिन ने बताया कि 1998 में शरजाह के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 143 रन की पारी खेलने के बाद वह काफी चर्चा में थे और लोग जमकर उनकी तारीफ कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक विज्ञापन करने के ऑफर मिला, जिसमें एक गेंद उड़ती हुई आ रही थी और सचिन को इसे स्टेडियम के बाहर मारना था। सचिन ने यह विज्ञापन करने से मना कर दिया। सचिन का कहना था कि इसमें क्रिकेट का अपमान है। वह इस खेल की पूजा करते हैं। ऐसे में वे यह विज्ञापन नहीं कर सकते। बाद में स्क्रिप्ट को बदला गया और सचिन ने यह विज्ञापन किया।
इंफोसिस के कार्यक्रम में सचिन ने खुद इस कहानी का खुलासा किया। यह विज्ञापन छोड़ने से सचिन को पैसों का काफी नुकसान हो रहा था, लेकिन वह गेंद को स्टेडियम से बाहर मारने के लिए तैयार नहीं थे। सचिन ने इसके अलावा भी कई बार विज्ञापन ठुकराए, क्योंकि विज्ञापन की स्क्रिप्ट उनके विचारों से मेल नहीं खाती थी।