हो जाइए बदलाव को तैयार, जल्द होगा पहला डे-नाइट टेस्ट
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क्रिकेट में बड़े बदलाव के लिए तैयार हो जाइए, इसी साल के आखिर में में ऑस्ट्रेलिया पहला डे-नाइट टेस्ट मैच होस्ट करने जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच गुलाबी गेंद के साथ कृत्रिम रोशनी में पहला दिन-रात्रि टेस्ट नवंबर में एडिलेड ओवल में होगा।
एक रिपोर्ट के अनुसार 27 नवंबर से ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की सीरीज का अंतिम टेस्ट इस लिहाज से ऐतिहासिक हो सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने सोमवार को गर्मियों में होने वाले छह टेस्ट मैचों का कार्यक्रम घोषित किया है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी जेम्स सदरलैंड ने कहा कि डे-नाइट टेस्ट को मैदान और टीवी पर ज्यादा दर्शक देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ज्यादातर टेस्ट मैच तब खेले जाते हैं जब लोग कार्यालयों और बच्चे स्कूल में व्यस्त होते हैं।
डे-नाइट टेस्ट से लोग कुछ घंटे के खेल का लुत्फ उठा सकते हैं। अभी दिन-रात्रि टेस्ट में खेल के शुरू होने का समय तय नहीं हुआ है, एक अनुमान के मुताबिक एडिलेड के समय के मुताबिक यह दोपहर 2.30 बजे से प्रारंभ होकर रात्रि 9.30 बजे तक चल सकता है। परंपरागत लंच ब्रेक की जगह दूसरे और तीसरे सत्र के बीच में डिनर ब्रेक हो सकता है। इसी तरह चायकाल पहले सत्र के बाद किया जा सकता है।
गुलाबी गेंद पर हो सकता है मतभेद
1877 से शुरू हुए टेस्ट क्रिकेट में कई बदलाव हुए। कई नियमों को बदला गया और नए नियम जोड़े गए। इसी तरह नवंबर माह में शुरू होने जा रहे पहले टेस्ट मैच में लाल की जगह गुलाबी गेंद का इस्तेमाल किया जाएगा।
हालांकि गुलाबी गेंद के संबंध में अल-अलग प्रतिक्रिया आई है। एक तरफ क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पहले डे-नाइट टेस्ट के लिए गुलाबी गेंद का पक्षधर है जबकि न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड इससे इत्तेफाक नहीं रखता।
न्यूजीलैंड अपने खिलाड़ियों की तरह टेस्ट में दिन के वक्त लाल गेंद का ही इस्तेमाल करने के पक्ष में है। सूत्रों के अनुसार ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर भी दिन के वक्त लाल गेंद प्रयोग में लाने के पक्ष में है।