अफ्रीकी अमेरिकी नागरिक जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद दुनियाभर के लोग खुलकर रंगभेद के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। पहले क्रिकेटर क्रिस गेल ने खुद को इसका शिकार बताया था। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर डोडा गणेश ने भी अपनी आपबीती सुनाई है।
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डोडा गणेश
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चार टेस्ट और एक वन-डे खेल चुके टीम इंडिया के पूर्व पेसर डोडा गणेश ने तमिलनाडु के सलामी बल्लेबाज अभिनव मुकुंद की एक पुरानी पोस्ट को ट्वीट करते हुए कहा, 'इस पुरानी कहानी ने मुझे मेरे दौर की नस्लीय टिप्पणियों की याद ताजा कर दी, जब मैं खेला करता था। तब एक दिग्गज भारतीय खिलाड़ी भी इसका गवाह बना था, लेकिन इसने मुझे और मजबूत ही बनाया। भारत और कर्नाटक के लिए 100 मैच खेले।'
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अभिनव मुकुंद
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दरअसल, किसी समय में भारतीय टेस्ट टीम में राहुल द्रविड़ का विकल्पर समझे जाने वाले अभिनव मुकुंद ने 9 अगस्त 2017 को ट्वीट किया था, 'मैं अपनी त्वचा के रंग को लेकर बरसों से अपमान झेलते रहा हूं। गोरा रंग ही लवली या हैंडसम नहीं होता। जो भी आपका रंग है, उससे सहज रहकर काम करें। बचपन से ही त्वचा के रंग को लेकर लोगों का रवैया हैरानी का सबब रहा है।'
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वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड
- फोटो : ट्विटर
इस बीच क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी एक बयान में कहा, ‘वेस्टइंडीज के लोगों ने मैदान के अंदर और बाहर कई लड़ाईयां लड़ी हैं। सभी तरह के नस्लवाद और असमानता के खिलाफ बोलने के लिये हम अपने खिलाड़ियों, अन्य क्रिकेट हितधारकों, सभी पुरूष खिलाड़ियों, सभी महिला खिलाड़ियों और खेल प्रशासकों के साथ हैं।’