ऑलराउंडर ब्रावो ने टेस्ट क्रिकेट को कहा अलविदा
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वेस्टइंडीज टीम के पूर्व कप्तान और हरफनमौला खिलाड़ी ड्वेन ब्रावो ने आखिरकार टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। वह तकरीबन चार साल से टेस्ट क्रिकेट नहीं खेल रहे थे।
2004 में इंग्लैंड के खिलाफ ब्रावो ने अपने टेस्ट क्रिकेट का आगाज किया था। जबकि उन्होंने आखिरी टेस्ट मैच दिसम्बर 2010 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था।
शनिवार को टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहते हुए ब्रावो ने कहा, "टेस्ट में मेरा करियर शानदार रहा। अब मैंने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का मन बना लिया है। इस बारे में मैं वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड को भी अवगत करा चुका हूं। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है"
पुराना रुतबा पाने के लिए टीम को खेल से प्यार करना जरुरी
ड्वेन ब्रावो ने कहा, "मैं जानता हूं इस वक्त संन्यास लेने का सही वक्त नहीं है क्योंकि टीम में काफी उतार-चढ़ाव चल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि क्रिकेट में पहले वेस्टइंडीज का जितना रुतबा था वह अब नहीं रहा। जब तक हम प्यार और समर्पण के साथ नहीं खेलेंगे, वह रुतबा नहीं पा सकते।
ब्रावो ने आगे कहा कि टेस्ट से संन्यास के बाद वह वनडे और टी-20 क्रिकेट खेलते रहेंगे। 40 टेस्ट मैच खेल चुके ब्रावो ने टेस्ट में कुल 2200 रन बनाए है। जिसमें 3 सेंचुरी और 13 हॉफ सेंचुरी भी शामिल है। वह टेस्ट में 31.42 के औसत से 86 विकेट भी ले चुके है। इसके अलावा वह एक पारी में दो बार 5-5 विकेट भी झटक चुके हैं।
आपको बता दें कि पिछले साल भारत दौरे के दौरान बोर्ड के साथ फीस को लेकर तनातनी बढ़ने के बाद ड्वेन ब्रावो की कप्तानी में वेस्टइंडीज टीम सीरीज पूरी होने से पहले ही स्वदेश्ा लौट गई थी।
जिसके बाद बोर्ड ने वर्ल्ड कप को वनडे की कप्तानी से हटाते हुए वर्ल्ड कप की टॉप 15 सदस्यों में भी जगह नहीं दी।