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Sachin Tendulkar: 'मैं समझ गया था कि उसका भविष्य उज्जवल है', वेंगसरकर ने सचिन को लेकर कही बड़ी बात

Sat, 10 Aug 2024 09:51 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शोभित चतुर्वेदी Updated Sat, 10 Aug 2024 09:51 PM IST
सार

वेंगसरकर ने हैदराबाद के खिलाफ सचिन के साथ की गई लंबी साझेदारी को याद किया। वेंगसरकर ने एक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहा कि इस साझेदारी ने उन्हें तेंदुलकर के भविष्य की झलक दिखा दी थी।

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Dilip Vengsarkar says Watching Sachin Tendulkar excel against Ayub Raju on turner convinced me of his future
सचिन तेंदुलकर - फोटो : twitter

विस्तार

पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर ने अतीत की यादों को ताजा करते हुए कहा कि स्पिनरों की मददगार पिच पर अरशद अयूब और वेंकटपति राजू जैसे काबिल गेंदबाजों के खिलाफ सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी को देखकर वह उनके उज्ज्वल भविष्य को लेकर आश्वस्त हो गए थे। वेंगसरकर ने हैदराबाद के खिलाफ सचिन के साथ की गई लंबी साझेदारी को याद किया। मालूम हो कि सचिन के नाम सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड है और वह दुनिया के एकमात्र बल्लेबाज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 100 शतक लगाए हैं। 
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भारत और मुंबई के लिए तेंदुलकर के साथ खेलने वाले वेंगसरकर ने हैदराबाद के खिलाफ अपने जूनियर साथी के साथ की गई लंबी साझेदारी को याद करते हुए कहा, मुझे याद है, हम हैदराबाद के खिलाफ स्पिनरों की मददगार पिच पर खेल रहे थे। अरशद अयूब और वेंकटपति राजू गेंदबाजी कर रहे थे। वे बहुत अच्छे गेंदबाज थे। उनके खिलाफ मेरी और सचिन की साझेदारी लंबी रही थी।
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वेंगसरकर ने एक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहा कि इस साझेदारी ने उन्हें तेंदुलकर के भविष्य की झलक दिखा दी थी। उन्होंने कहा, 'वह स्पिनरों की मददगार पिच पर बहुत अच्छा खेल रहा था। मैं समझ गया था कि वह पूरी दुनिया में अच्छा करेगा और वही हुआ।' वेंगसरकर ने इस मौके पर मुंबई और हरियाणा के बीच 1991 में खेले गए रणजी ट्रॉफी के यादगार फाइनल मैच को याद किया। कपिल देव की अगुआई वाली हरियाणा ने इस मैच में मुंबई को दो रन से हराया था। इस मैच में वेंगसरकर ने 139, जबकि तेंदुलकर ने 96 रन का योगदान दिया था। वेंगसरकर ने कहा,  हरियाणा के खिलाफ हमने 1991 में रणजी ट्रॉफी फाइनल खेला था। जीत के लिए 355 रन का पीछा करते हुए हमने 22 (वास्तविक स्कोर 34 रन) रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे। उस पारी में उन्होंने जिस तरह से बल्लेबाजी की वह शानदार थी।अगर वह कुछ ओवर और रुकते तो हम मैच जीत सकते थे।
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