द्रविड़ को श्रीसंत की 'हरकतों' की भनक थी!
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आईपीएल 6 में स्पॉट फिक्सिंग के खुलासे के बाद रोजाना कई नए राज उजागर हो रहे हैं। अब एक नया सवाल उठने लगा है कि क्या राजस्थान रॉयल्स के कप्तान राहुल द्रविड़ को पहले ही श्रीसंत की हरकतों पर शक हो गया था।
श्रीसंत समेत 3 रॉयल्स खिलाड़ियों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय क्रिकेट में भूचाल सा आ गया है। बीसीसीआई जहां क्रिकेट के मैदान पर बढ़ते भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की कवायद में जुटी है। वहीं स्पॉट फिक्सिंग से निराश प्रशंसक व जांच एजेंसियां श्रीसंत जैसे पूर्व टेस्ट क्रिकेटर और आईपीएल में उपयोगी गेंदबाजी करने के बावजूद टीम प्रबंधन का उन्हें बाहर बैठाने के कारणों पर कयास लगाने में लगी है।
इन कयासों की ढेरों वजहें भी हैं। पहला, तो यही कि तेज गेंदबाज श्रीसंत को राजस्थान ने 2 करोड़ रुपये में खरीदा था लेकिन वे टीम के नियमित सदस्य नहीं थे।
दूसरा, मोहाली में 9 मई को हुए जिस मैच में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप लगे हैं उसमें टीम के कप्तान राहुल द्रविड़ श्रीसंत को खेलाने के हक में ही नहीं थे।
तीसरा, श्रीसंत को मुंबई में जिस समय गिरफ्तार किया गया उस समय वह अपनी टीम से निलंबित चल रहे थे। कोच के साथ बदतमीजी व अनुशासनहीनता की वजह से टीम प्रबंधन उनसे बेहद नाराज था और उन्हें शेष 3 मैचों के लिए निलंबित कर दिया था।
पुलिस के अनुसार श्रीसंत ने मोहाली मैच में फिक्सिंग की थी और एक ओवर में 13 रन दिए थे। पुलिस इस बात की जांच में जुटी है कि कहीं टीम प्रबंधन श्रीसंत के इस ओवर से नाराज तो नहीं थी जिस कारण्ा उन्हें निलंबित कर दिया गया।
चौथा, सूत्र बताते हैं कि टीम प्रबंधन ने 12 मई को श्रीसंत को टीम से बाहर किए जाने की सूचना दे दी थी। साथ ही उनका ज्यादातर बकाया भी दे दिया गया था। यहां तक कि टीम प्रबंधन ने उनसे जयपुर में ही होटल खाली करने को कह दिया था।
मुंबई में ही 15 तारीख के मैच के बाद अगले दिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान राजस्थान की टीम जिस होटल में ठहरी थी उसके कुछ दूरी पर स्थित एक अन्य होटल में श्रीसंत ठहरे थे। इस कमरे की बुकिंग टीम प्रबंधन ने नहीं कराई थी बल्कि जीजू जर्नादन नाम के एक बुकी व श्रीसंत के दोस्त ने कराया था।