हार के बाद धोनी बोले, प्लानिंग से चल रहे हैं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज के बाद टीम इंडिया त्रिकोणीय सीरीज में भी हार गई है। दो सीरीज में लगातार हार के बाद भले ही टीम इंडिया कई क्रिकेट दिग्गजों के निशाने पर हो लेकिन टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी उनकी बातों से इत्तेफाक नहीं रखते।
लगातार हार के बाद टीम इंडिया की बल्लेबाजी की पोल खुल गई है। शुक्रवार को इंग्लैड के खिलाफ मैच को छोड़ दे तो टीम का शीर्ष बल्लेबाजी क्रम फेल रहा। इसका खामियाजा मध्यम क्रम के बल्लेबाजों को भुगतना पड़ा।
लेकिन शुक्रवार को टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए शतक से करीब तक रन जोड़े। फिर भी टीम एक बड़ा स्कोर करने में नाकाम रही। नतीजन टीम फाइनल के लिए रह गई।
इंग्लैंड के हाथो हार मिलने के बाद टीम इंडिया के वनडे कप्तान धोनी का कहना है कि चिंता की बात नहीं है, टीम वर्ल्ड कप के लिए प्लानिंग से चल रही है।
"कुछ चीजें अपेक्षा के अनुरुप नहीं रही"
टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि त्रिकोणीय सीरीज में गेदबाजों को लेकर कुछ परीक्षण किया गया। यह सब कुछ वर्ल्ड कप से पहले प्लानिंग के तहत किया गया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वर्ल्ड कप में कितने गेंदबाजों को मैच में उतारा जाए।
धोनी ने कहा, " इन मैचों में हमे पता चला कि टीम में पांच गेंदबाजों को शामिल करना ठीक नहीं है। शुक्रवार को तीन सीमर और दो स्पिनर लिए गए। जिससे हमारी बल्लेबाजी में प्रभाव पड़ा। "
उन्होंने साफ संकेत दिया कि वर्ल्ड कप के लिए टीम में तीन के बजाय दो सीमर गेदबाज और दो स्पिन गेंदबाज शामिल किए जाएगा। बकौल धोनी, " स्टुअर्ट बिन्नी गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी भी कर सकते है। इसलिए वह एक सीमर की कमी को भी पूरा कर सकते है, दूसरी ओर अक्षर पटेल, रविंद्र जडेजा और आर अश्विन स्पिन गेंदबाजी के साथ बल्लेबाजी भी कर सकते है।"
हालांकि धोनी ने कहा कि अक्षर पटेल को ऑस्ट्रेलियाई धरती में बल्लेबाजी में सुधार का और मौका मिलना चाहिए, क्योंकि उन्हें यहां खेलने का अनुभव नहीं है।