वर्ल्ड कप से पहले धोनी को लेकर बड़ा खुलासा
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वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले रिलीज हुई एक किताब 'द क्रिकेट फेनेटिक इसेंशियल गाइड' में टीम इंडिया के वनडे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है।
द मिड डे में छपी खबर के मुताबिक किताब के लेखक विमल कुमार है। विमल कुमार ने अपनी किताब में धोनी से की गई बातचीत के कुछ अंश इस किताब के माध्यम से सांझा किए है।
उन्होंने किताब में लिखा है कि धोनी ने वर्ल्ड कप 2011 का खिताब जीतने के बाद कुछ पर्सनल बातें उनसे शेयर की थी। जिसके बारे में किसी को भी नहीं पता है।
फाइनल जीतने के बाद गायब हो गए थे धोनी
किताब के माध्यम से लेखक विमल कुमार ने लिखा है कि वर्ल्ड कप 2011 जीतने के बाद टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने बताया कि उस वक्त फाइनल मैच में पूरी टीम के खिलाड़ियों पर काफी दबाव था। धोनी ने कहा था, "अक्सर लोग कहते है कि खिलाड़ी सिर्फ पैसे के लिए ही क्रिकेट मैच खेलता है जबकि हम हर मैच को भावनात्मक तौर पर खेलते है। हारने पर हमें भी दुख होता है।"
विमल कुमार ने लिखा है कि वर्ल्ड कप 2011 जीतने के बाद कैमरे की नजरें युवराज सिंह और सचिन तेंदुलकर की नम आंखों को तो कैद कर गई थी लेकिन टीम के कप्तान धोनी आखिर में ट्रॉफी लेते वक्त ही कैद हुए थे।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जब पूरी टीम इंडिया तिरंगा लिए पूरे मैदान में दौड़कर जश्न मना रही थी, उस वक्त धोनी कैमरे की नजरों से दूर कहीं और ही थे।
खुद को कमरे में बंद कर खूब रोए धोनी
किताब 'द क्रिकेट फेनेटिक इसेंशियल गाइड' के लेखक विमल कुमार के अनुसार धोनी ने उन्हें बताया कि जब हम फाइनल मैच में श्रीलंका के खिलाफ मैच जीतने के बाद जब युवराज सिंह और सचिन तेंदुलकर मुझे गले लगकर रोने लगे तो मैं भी अपनी भावनाएं काबू नहीं कर पा रहा था और बहुत रोना चाहता था।
लेकिन इसके बावजूद मैं कैमरे की नजरों से भी खुद को बचाना चाहता था। दोनों से गले लगने के बाद मैं सीधा ड्रेसिंग रूम की ओर भागा और खुद को एक कमरे में बंद कर दिया।
बकौल धोनी, "बंद कमरे में मैं बहुत रोया। खुशी के मारे मैं अपनी भावनाओं को काबू नहीं कर पा रहा था, क्योंकि जो आशाएं देशवासियों ने टीम इंडिया पर की थी, उसे हम पूरा करने में कामयाब रहे।"