फिर चरमराया मध्यक्रम, विराट और धोनी ने मुश्किल वक्त में बचाई टीम की लाज
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आखिर महेंद्र सिंह धोनी का बल्ला चल निकला, लेकिन इसके लिए उन्हें और टीम इंडिया को विकेटकीपर शाई होप का शुक्रगुजार होना पड़ेगा। होप ने आठ के निजी स्कोर पर धोनी की आसान स्टंपिंग नहीं छोड़ी होती तो भारत अफगानिस्तान मुकाबले की तरह एक बार फिर मुसीबत में घिरा होता। होप ने दो बार स्टंप के प्रयास किए और दोनों बार असफल रहे। हालांकि परेशानियों के बादल छंटे नहीं हैं और एक समय जिस स्कोर ने तीन सौ पार जाने की कल्पनाओं की उड़ान भरी थी वह 268 पर जा रुका।
धोनी जीवनदान पाकर 61 गेंदों में 56 रन की नाबाद पारी खेल जरूर फॉर्म में आ गए हैं, लेकिन नंबर चार पर विजय शंकर और केदार जाधव की असफलता ने टीम इंडिया के मध्यक्रम चर्चाओं का बड़ा केंद्र बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
विवादों में आउट रोहित और फिर खराब रही शुरुआत
इस विश्व कप में जब-जब रोहित शर्मा का बल्ला चला है भारत ने बड़ा स्कोर खड़ा किया है। शिखर धवन के जाने के बाद उनकी महत्वता और भी बढ़ गई है। पाकिस्तान के खिलाफ उन्होंने 140 रन की पारी खेल यह बताया भी, लेकिन रोहित अफगानिस्तान और वेस्टइंडीज के खिलाफ नहीं चले। नतीजन टीम तीन सौ का स्कोर पार नहीं कर सकी।
हालांकि रोहित (18) विवादास्पद अंदाज में आउट हुए अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ ने उन्हें आउट नहीं दिया था। होल्डर ने रिव्यू लिया। अल्ट्रा एज में एज दिखाई दी, लेकिन रीप्ले से यह साफ नहीं हो रहा था कि गेंद का बल्ले से संपर्क हुआ है या फिर पैड से, लेकिन थर्ड अंपायर ने उन्हें आउट करार दिया। रोहित ने इस पर निराशा भी जताई।
राहुल (48) ने विराट (72) के साथ दूसरे विकेट के लिए 67 रन जोड़े लेकिन रनों की रफ्तार ज्यादा नहीं थी। विंडीज गेंदबाज गेंद को छोटा रखने की बजाय ऊपर फेंक रहे थे। होल्डर ने इसी का फायदा उठा राहुल को बोल्ड किया।
फिर शतक नहीं जड़ सके विराट
रोहित और राहुल के आउट होने के बाद सारी जिम्मेदारी कप्तान कोहली के कंधों पर थी। पिछले चार मैचों की तरह यहां भी उन्होंने अच्छी शुरुआत की। उन्होंने 55 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा किया। यह इस विश्व कप में उनका लगातार चौथा पचासा था, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें साथ नहीं मिला।
केमार रोच ने पहले नंबर चार पर आए विजय शंकर (14) और उसके बाद यहां धोनी से ऊपर खेलने आए केदार जाधव (7) को आउट कर भारतीय मध्यक्रम की कमजोरी को पूरी तरह उजागर कर दिया। धोनी अगर आउट हो गए होते तो टीम बड़ी दिक्कत में होती। जब लग रहा था विराट शतक बनाएंगे तो होल्डर की पटकी गेंद को मिड विकेट से ऊपर उड़ाने के चक्कर में उन्हें ब्रावो ने लपक लिया।
धोनी-पंड्या ले गए सम्मानजनक स्कोर की ओर
स्कोर 180 पर पांच था यहां हार्दिक पंड्या ने धोनी के साथ मिलकर आतिशी पारी खेली। यह उनके 38 गेंद में 46 रन थे जिसने भारत को संकट से उबारा। अंतिम ओवर में धोनी ने थामस पर दो छक्के जड़ भारत को सम्मानजनक सात विकेट पर 268 रनों के स्कोर पर पहुंचाया।
सेमीफाइनल के लिए भारत को चाहिए 13 अंक