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DC vs LSG Analysis: पिछले साल की 'टेबल टॉपर' दिल्ली से कहां हुई गलती, लखनऊ ने 18 गेंदों में पलटा मैच, जानें टर्निंग प्वाइंट
Fri, 08 Apr 2022 09:44 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Fri, 08 Apr 2022 09:44 AM IST
सार
लखनऊ के खिलाफ दिल्ली ने शानदार शुरुआत की थी, लेकिन इसके बाद दिल्ली की पारी पटरी से उतर गई। अंत में यह टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई और लखनऊ ने लक्ष्य का पीछा कर लिया।
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दिल्ली कैपिटल्स बनाम लखनऊ सुपरजाएंट्स
- फोटो : IPL/BCCI
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विस्तार
आईपीएल 2022 में हार के साथ शुरुआत करने वाली लखनऊ की टीम ने लगातार तीसरा मैच जीत लिया है। दिल्ली को छह विकेट से हराने के साथ ही यह टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर आ गई है। वहीं दिल्ली को लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा है। अब दिल्ली की टीम तीन मैचों में दो हार के साथ सातवें स्थान पर बनी हुई है। इस मैच में दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 149 रन बनाए थे। इसके जवाब में लखनऊ ने चार विकेट खोकर 155 रन बना लिए हैं और यह मैच छह विकेट से अपने नाम कर लिया।
लखनऊ के खिलाफ दिल्ली की शुरुआत तो शानदार थी और नोर्त्जे, वॉर्नर के आने के बाद इस टीम की जीत तय मानी जा रही थी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। दिल्ली को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं कि पिछले साल अंक तालिका में टॉप पर रहने वाली दिल्ली की टीम इस मैच में कहां पटरी से उतरी और कैसे यह मैच हार गई।
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लखनऊ के खिलाफ दिल्ली की शुरुआत तो शानदार थी और नोर्त्जे, वॉर्नर के आने के बाद इस टीम की जीत तय मानी जा रही थी। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। दिल्ली को इस मैच में हार का सामना करना पड़ा। आइए जानते हैं कि पिछले साल अंक तालिका में टॉप पर रहने वाली दिल्ली की टीम इस मैच में कहां पटरी से उतरी और कैसे यह मैच हार गई।
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मैच के टर्निंग प्वाइंट
1. दिल्ली की पारी के आठवें ओवर में विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने पृथ्वी शॉ का कैच पकड़ा। शॉ 61 रन बनाकर आउट हुए। उस समय टीम का स्कोर 67 रन था। शॉ के आउट होते ही दिल्ली की पारी पटरी से उतर गई। वॉर्नर चार और उनके बाद आए पॉवेल तीन रन बनाकर आउट हो गए और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया।
2. दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत ने इस मैच में बहुत ही धीमी पारी खेली। उन्होंने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। उनकी धीमी पारी की बदोलत टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। बल्लेबाजी में गहराई होने के बावजूद पंत ने तेजी से रन बनाने की कोशिश नहीं की। कृषप्पा गौतम के 12वें ओवर में उन्होंने कोई रन नहीं बनाया। यहीं से दिल्ली की टीम मैच में पिछड़ती चली गई।
3. दिल्ली ने इस मैच में शुरुआती छह ओवरों में बिना किसी नुकसान के 52 रन बनाए थे। पृथ्वी शॉ ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दी थी, लेकिन बाद में आने वाले बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा पाए। सात से 15 ओवर के बीच दिल्ली ने तीन विकेट खोकर सिर्फ 47 रन बनाए। वहीं आखिरी चार ओवरों में दिल्ली ने 50 रन बटोरे, पर मैच जीतने के लिए 149 का स्कोर कम था।
4. दिल्ली के सेट बल्लेबाज ऋषभ पंत और सरफराज खान ने आखिरी तीन ओवरों में कुल 19 रन जोड़े। इन दोनों ने बीच के ओवरों में काफी धीमी बल्लेबाजी की थी। इसके बाद लग रहा था की अंत में दोनों तेजी से रन बनाकर अपनी टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
5. 150 रन के जवाब में लखनऊ की सलामी जोड़ी ने 73 रन जोड़े और मैच लगभग खत्म कर दिया था। राहुल 24 और डिकॉक 80 रन बनाकर आउट हुए। राहुल के आउट होने के बाद ऐसा लगा कि दिल्ली की टीम मैच में वापसी कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
6. अंत में डिकॉक और लुईस के आउट होने के बाद लगा कि दिल्ली इस मैच में वापसी कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्रुणाल ने मुस्तफिजुर रहमान के 19वें ओवर में 14 रन बनाकर अपनी टीम की जीत तय कर दी।
1. दिल्ली की पारी के आठवें ओवर में विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने पृथ्वी शॉ का कैच पकड़ा। शॉ 61 रन बनाकर आउट हुए। उस समय टीम का स्कोर 67 रन था। शॉ के आउट होते ही दिल्ली की पारी पटरी से उतर गई। वॉर्नर चार और उनके बाद आए पॉवेल तीन रन बनाकर आउट हो गए और मध्यक्रम के बल्लेबाजों पर दबाव बढ़ गया।
2. दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत ने इस मैच में बहुत ही धीमी पारी खेली। उन्होंने 36 गेंदों में 39 रन बनाए। उनकी धीमी पारी की बदोलत टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। बल्लेबाजी में गहराई होने के बावजूद पंत ने तेजी से रन बनाने की कोशिश नहीं की। कृषप्पा गौतम के 12वें ओवर में उन्होंने कोई रन नहीं बनाया। यहीं से दिल्ली की टीम मैच में पिछड़ती चली गई।
3. दिल्ली ने इस मैच में शुरुआती छह ओवरों में बिना किसी नुकसान के 52 रन बनाए थे। पृथ्वी शॉ ने अपनी टीम को शानदार शुरुआत दी थी, लेकिन बाद में आने वाले बल्लेबाज इसका फायदा नहीं उठा पाए। सात से 15 ओवर के बीच दिल्ली ने तीन विकेट खोकर सिर्फ 47 रन बनाए। वहीं आखिरी चार ओवरों में दिल्ली ने 50 रन बटोरे, पर मैच जीतने के लिए 149 का स्कोर कम था।
4. दिल्ली के सेट बल्लेबाज ऋषभ पंत और सरफराज खान ने आखिरी तीन ओवरों में कुल 19 रन जोड़े। इन दोनों ने बीच के ओवरों में काफी धीमी बल्लेबाजी की थी। इसके बाद लग रहा था की अंत में दोनों तेजी से रन बनाकर अपनी टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
5. 150 रन के जवाब में लखनऊ की सलामी जोड़ी ने 73 रन जोड़े और मैच लगभग खत्म कर दिया था। राहुल 24 और डिकॉक 80 रन बनाकर आउट हुए। राहुल के आउट होने के बाद ऐसा लगा कि दिल्ली की टीम मैच में वापसी कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
6. अंत में डिकॉक और लुईस के आउट होने के बाद लगा कि दिल्ली इस मैच में वापसी कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। क्रुणाल ने मुस्तफिजुर रहमान के 19वें ओवर में 14 रन बनाकर अपनी टीम की जीत तय कर दी।
कैसा रहा दोनों कप्तानों का प्रदर्शन
यह मैच भारत के दो भविष्य के कप्तानों की टीमों के बीच भी था। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत और लखनऊ के कप्तान केएल राहुल दोनों रोहित शर्मा के बाद टीम इंडिया की कप्तानी का दावा पेश कर रहे हैं। राहुल चार मैचों में भारत की कप्तानी भी कर चुके हैं। पिछले साल आईपीएल में पंत का प्रदर्शन राहुल से बेहतर था, लेकिन इस मैच में राहुल पंत पर भारी पड़े।
दिल्ली के सलामी बल्लेबाजों के बीच अच्छी साझेदारी होने के बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों को आजमाया क्योंकि तेज गेंदबाज जमकर रन लुटा रहे थे। वहीं पहला विकेट मिलते ही उन्होंने दबाव बना दिया। दिल्ली को छोटे स्कोर पर रोका और लक्ष्य का पीछा करते हुए डिकॉक के साथ अच्छी साझेदारी की। जब उन्हें लगा कि यहां से उनकी टीम की जीत लगभग तय है, तब ही उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। हालांकि, इसी प्रयास में वो आउट हो गए।
वहीं ऋषभ पंत ने खुद ही अपनी टीम की लुटिया डुबोई। पहले बल्लेबाजी के समय उन्होंने बहुत धीमी गति से रन बनाए। इसी वजह से दिल्ली की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। दिल्ली में शार्दुल आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली की बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन पंत इसका फायदा नहीं उठा सके। गेंदबाजी के समय उन्होंने अपने प्रमुख गेंदबाज नोर्त्जे को पांचवां ओलर दिया। इस समय तक लखनऊ के ओपनिंग बल्लेबाज सेट हो गए थे और डिकॉक ने इस ओवर में 19 रन बटोरे।
नोर्त्जे के चोटिल होने के बाद पंत ने उनका ओवर कुलदीप से कराया, जबकि कुलदीप इस मैच में टीम के सबसे अहम गेंदबाज थे। इस वजह से कुलदीप अपनी दो गेंदें नहीं कर पाए। उन्होंने उसी ओवर में डिकॉक को जरूर आउट किया, लेकिन मैच नहीं पलट सके। वहीं डीआरएस का इस्तेमाल करने के मामले में भी पंत बहुत पीछे रहे। विकेटकीपर होने के बावजूद उन्हें कोई अंदाजा नहीं था और उन्होंने दो बहुत ही गलत रिव्यू लिए।
यह मैच भारत के दो भविष्य के कप्तानों की टीमों के बीच भी था। दिल्ली के कप्तान ऋषभ पंत और लखनऊ के कप्तान केएल राहुल दोनों रोहित शर्मा के बाद टीम इंडिया की कप्तानी का दावा पेश कर रहे हैं। राहुल चार मैचों में भारत की कप्तानी भी कर चुके हैं। पिछले साल आईपीएल में पंत का प्रदर्शन राहुल से बेहतर था, लेकिन इस मैच में राहुल पंत पर भारी पड़े।
दिल्ली के सलामी बल्लेबाजों के बीच अच्छी साझेदारी होने के बाद उन्होंने स्पिन गेंदबाजों को आजमाया क्योंकि तेज गेंदबाज जमकर रन लुटा रहे थे। वहीं पहला विकेट मिलते ही उन्होंने दबाव बना दिया। दिल्ली को छोटे स्कोर पर रोका और लक्ष्य का पीछा करते हुए डिकॉक के साथ अच्छी साझेदारी की। जब उन्हें लगा कि यहां से उनकी टीम की जीत लगभग तय है, तब ही उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की। हालांकि, इसी प्रयास में वो आउट हो गए।
वहीं ऋषभ पंत ने खुद ही अपनी टीम की लुटिया डुबोई। पहले बल्लेबाजी के समय उन्होंने बहुत धीमी गति से रन बनाए। इसी वजह से दिल्ली की टीम बड़ा स्कोर नहीं बना सकी। दिल्ली में शार्दुल आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हैं। इसका मतलब है कि दिल्ली की बल्लेबाजी में गहराई है, लेकिन पंत इसका फायदा नहीं उठा सके। गेंदबाजी के समय उन्होंने अपने प्रमुख गेंदबाज नोर्त्जे को पांचवां ओलर दिया। इस समय तक लखनऊ के ओपनिंग बल्लेबाज सेट हो गए थे और डिकॉक ने इस ओवर में 19 रन बटोरे।
नोर्त्जे के चोटिल होने के बाद पंत ने उनका ओवर कुलदीप से कराया, जबकि कुलदीप इस मैच में टीम के सबसे अहम गेंदबाज थे। इस वजह से कुलदीप अपनी दो गेंदें नहीं कर पाए। उन्होंने उसी ओवर में डिकॉक को जरूर आउट किया, लेकिन मैच नहीं पलट सके। वहीं डीआरएस का इस्तेमाल करने के मामले में भी पंत बहुत पीछे रहे। विकेटकीपर होने के बावजूद उन्हें कोई अंदाजा नहीं था और उन्होंने दो बहुत ही गलत रिव्यू लिए।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः दिल्ली के ओपनर पृथ्वी शॉ ने शानदार पारी खेली। उनके फॉर्म में आने से टीम को राहत मिली। कुलदीप यादव, ललित यादव और अक्षर पटेल ने अच्छी गेंदबाजी की। टीम की स्पिन गेंदबाजी मजबूत दिखी। मुस्तफिजुर और शार्दुल का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।
नकारात्मक पक्षः कप्तान पंत और सरफराज सही तरीके से अपनी पारी खत्म नहीं कर सके। अच्छी शुरुआत के बावजूद टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई। पंत की कप्तानी साधारण रही। वॉर्नर और नोर्त्जे कुछ खास नहीं कर पाए। पहले मैच में दोनों का प्रदर्शन साधारण रहा। रवि बिश्वनोई के खिलाफ उन्होंने हमेशा संघर्ष किया है और इस मैच में भी ऐसा ही हुआ।
लखनऊ के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः टीम ने जीत की हैट्रिक लगाई। पहले छह ओवरों में रन लुटाने के बाद शानदार वापसी की। कृणप्पा गौतम बेहतरीन लय में दिखे। उनके आने से बल्लेबाजी और मजबूत हुई है। रवि बिश्नोई और क्रुणाल पांड्या ने भी अच्छी गेंदबाजी की। अंत के तीन ओवरों में होल्डर और आवेश ने सिर्फ 19 रन खर्चे। वहीं बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक ने स्पिन पिच पर बेहतरीन 80 रन बनाए। सलामी जोड़ी ने शानदार साझेदारी की। अंत में क्रुणाल पांड्या और आयुष बदोनी ने विजयी रन बनाए।
नकारात्मक पक्षः पावरप्ले में गेंदबाज बेअसर रहे। पृथ्वी शॉ के सामने पूरी टीम बेबस दिखी। कप्तान राहुल अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। इविन लुईस चेन्नई को छोड़कर बाकी सभी टीमों के खिलाफ बेअसर रहे हैं। लखनऊ को यह मैच काफी पहले जीतना था, लेकिन मैच 20वें ओवर तक गया।
सकारात्मक पक्षः दिल्ली के ओपनर पृथ्वी शॉ ने शानदार पारी खेली। उनके फॉर्म में आने से टीम को राहत मिली। कुलदीप यादव, ललित यादव और अक्षर पटेल ने अच्छी गेंदबाजी की। टीम की स्पिन गेंदबाजी मजबूत दिखी। मुस्तफिजुर और शार्दुल का प्रदर्शन भी अच्छा रहा।
नकारात्मक पक्षः कप्तान पंत और सरफराज सही तरीके से अपनी पारी खत्म नहीं कर सके। अच्छी शुरुआत के बावजूद टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाई। पंत की कप्तानी साधारण रही। वॉर्नर और नोर्त्जे कुछ खास नहीं कर पाए। पहले मैच में दोनों का प्रदर्शन साधारण रहा। रवि बिश्वनोई के खिलाफ उन्होंने हमेशा संघर्ष किया है और इस मैच में भी ऐसा ही हुआ।
| गेंदबाज | रन | गेंद | आउट हुए | औसत |
|---|---|---|---|---|
| बेन हिल्फेनास | 2 | 11 | 3 | 0.7 |
| रवि बिश्नोई | 5 | 6 | 3 | 1.7 |
| जोफ्रा आर्चर | 15 | 19 | 2 | 7.5 |
| लक्ष्मीपति बालाजी | 27 | 24 | 3 | 9 |
| स्टुअर्ट बिन्नी | 9 | 13 | 1 | 9 |
लखनऊ के लिए मैच में क्या-क्या हुआ
सकारात्मक पक्षः टीम ने जीत की हैट्रिक लगाई। पहले छह ओवरों में रन लुटाने के बाद शानदार वापसी की। कृणप्पा गौतम बेहतरीन लय में दिखे। उनके आने से बल्लेबाजी और मजबूत हुई है। रवि बिश्नोई और क्रुणाल पांड्या ने भी अच्छी गेंदबाजी की। अंत के तीन ओवरों में होल्डर और आवेश ने सिर्फ 19 रन खर्चे। वहीं बल्लेबाजी में क्विंटन डिकॉक ने स्पिन पिच पर बेहतरीन 80 रन बनाए। सलामी जोड़ी ने शानदार साझेदारी की। अंत में क्रुणाल पांड्या और आयुष बदोनी ने विजयी रन बनाए।
नकारात्मक पक्षः पावरप्ले में गेंदबाज बेअसर रहे। पृथ्वी शॉ के सामने पूरी टीम बेबस दिखी। कप्तान राहुल अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में नहीं बदल सके। इविन लुईस चेन्नई को छोड़कर बाकी सभी टीमों के खिलाफ बेअसर रहे हैं। लखनऊ को यह मैच काफी पहले जीतना था, लेकिन मैच 20वें ओवर तक गया।