फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   dalmiya try to clean up ipl

आईपीएल में न तो चीयरलीडर्स पसंद, न ही पार्टियां: डालमिया

Mon, 03 Jun 2013 10:28 PM IST
कोलकाता
कोलकाता Updated Mon, 03 Jun 2013 10:28 PM IST
विज्ञापन
dalmiya try to clean up ipl

बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने बढ़ते भ्रष्टाचार और रंगीन पार्टियों से बदनाम हुई आईपीएल की छवि को साफ सुथरा बनाने को अपनी प्राथमिकताओं में बताया।

विज्ञापन


आईसीसी और बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष तथा बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) के मौजूदा अध्यक्ष डालमिया ने कहा, 'भारतीय क्रिकेट की विश्वसनीयता को बहाल करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
विज्ञापन


बोर्ड के वर्किंग ग्रुप के प्रमुख बने डालमिया ने सोमवार शाम कोलकाता में प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों के सवालें का जवाब दिया। डालमिया ने आईपीएल की छवि सुधारने के लिए चीयरलीर्ड्स पर बैन लगाने की बात कही। साथ ही मैच के बाद होने वाली पार्टियों को बंद करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आईपीएल में उन्हें पार्टी व चीयरलीडर्स पसंद नहीं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही डालमिया ने यह भी बताया कि मैच के दौरान होने वाले स्ट्रैटजिक टाइम आउट को बंद किया जाएगा।

इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि संजय जगदाले और अजय शिर्के से इस्तीफा वापस लेने को कहा गया है उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। उनके पास इस्तीफे पर फैसला करने के लिए 24 घंटे का समय है।

डालमिया ने कहा, ‘मौजूदा स्थिति मेरे लिए एक बड़ी चुनौती है कि आईपीएल में स्पॉट फिक्सिंग के विवाद से भारतीय क्रिकेट की छवि को जो धक्का पहुंचा है उसे कैसे साफ-सुथरा किया जाए। अंतरिम अध्यक्ष बनना कोई व्यक्तिगत जीत नहीं है बल्कि क्रिकेट को साफ सुथरा करने के लिए उन्हें एक मौका मिला है। मैं अपनी प्राथमिकता बता चुका हूं क्योंकि मेरे पास ज्यादा समय नहीं बचा है। मुझे तेजी से काम करना है और लोगों के सामने यह साबित करना है कि क्रिकेट एक साफ सुथरा खेल है।’

डालमिया को रविवार को बीसीसीआई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन के जांच पूरी होने तक कुछ समय के लिए पद से अलग होने के बाद अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। श्रीनिवासन अपने दामाद गुरुनाथ मैयप्पन के खिलाफ सट्टेबाजी के आरोपों की जांच पूरी होने तक अध्यक्ष पद से अलग हुए हैं।

डालमिया ने साथ ही कहा कि उनकी नियुक्ति साबित करती है कि वह निर्दोष थे और उन्हें बेहद गलत तरीके से बीसीसीआई से हटाया गया था। उन्होंने कहा, ‘मेरी नियुक्ति का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे मेरा निर्दोष होना साबित होता है। मेरे खिलाफ जो भी आरोप लगाए गए थे मैं उनसे हमेशा सफलतापूर्वक बाहर निकला।’

2006 में डालमिया पर बीसीसीआई ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 1996 वर्ल्ड कप के दौरान कोष में हेराफेरी की थी। बोर्ड ने उन्हें फिर बर्खास्त कर दिया था लेकिन 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। डालमिया ने कहा कि उनकी इस नियुक्ति ने स्पष्ट कर दिया है कि बोर्ड की नजर में उनकी छवि साफ है। बकौल डालमिया, ‘मैंने बीसीसीआई से इस्तीफा दे चुके सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के से अनुरोध किया है कि वे बोर्ड में वापस लौट आएं और हमारे साथ मिलकर काम करें। दोनों ने कहा है कि वे इस बारे में सोचेंगे।’


साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि आईसीसी में बीसीसीआई का प्रतिनिधित्व कौन करेगा, इसका फैसला लिया जाएगा। मैं भी जा सकता हूं यह मेरी इच्छा पर निर्भर करेगा।

कप्तान धोनी की क्रिकेटर और बिजनेसमैन की भूमिकाओं को लेकर हितों के टकराव के मामले में पूछे गए एक सवाल पर उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed