किसानों और केंद्र सरकार के बीच चले आ रहे घमासान पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने एक बार फिर अपनी बात रखी है। हरफनमौला खिलाड़ी ने कहा कि वह शांतिपूर्ण परिणाम के लिए पूरी तरह आशाविंत है। युवी ने ट्वीट किया, 'भारत के गौरवांवित नागरिक होने के नाते चलिए हम सब इस मुश्किल हालात में साथ खड़े रहे। ऐसी कोई परेशानी नहीं होती, जिसका सामाधान नहीं निकल सकता। हमारे किसान देश के अन्नदाता है और मैं आश्वसत हूं कि जल्द ही शांतिपूर्ण हल निकल आएगा।
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युवराज सिंह
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अपना घर-द्वार छोड़कर सड़क पर आंदोलन में बैठे किसानों के चलते युवराज सिंह ने अपना जन्मदिन भी नहीं मनाया था। 12 दिसंबर को वह 39 साल के हुए थे। तब भी उन्होंने ट्वीट कर कहा था, 'इस साल मैं अपना जन्मदिन मनाने की बजाय हमारे किसानों और सरकार के बीच चल रही बातचीत में जल्द समाधान के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। हमारे किसान हमारे राष्ट्र की जीवनरेखा हैं।'
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किसानों को संबोधित करते योगराज सिंह
- फोटो : फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
किसानों के समर्थन में युवराज के पिता योगराज सिंह ने हिंदू धर्म और हिंदू महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। सिंघु बॉर्डर जाकर धरने को संबोधित करते हुए इस बयान पर काफी विवाद मचा था। युवी ने पिता की उस टिप्पणी पर से खुद को पूरी तरह अगल-थलग भी कर लिया था। इस बीच सचिन तेंदुलकर-रोहित शर्मा समेत कई क्रिकेटर्स भी सोशल मीडिया पर अपना-अपना पक्ष रख रहे हैं।
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रिहाना
- फोटो : सोशल मीडिया
रिहाना और ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन को लेकर सोशल मीडिया के जरिए भारत पर निशाना साधने की कोशिश की। इसके बाद से भारत के तमाम दिग्गज हस्तियों ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें जवाब दिए हैं। सचिन तेंदुलकर ने कहा कि भारत की संप्रभुता से समझौता नहीं किया जा सकता है। टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने कहा असहमति के वक्त में हम सभी एकजुट रहें। कोच शास्त्री ने कहा कि यह हमारा आंतरिक मामला है। इसे हम बातचीत से सुलझा लेंगे।