2007 वर्ल्ड टी-20 का फाइनल। आमने-सामने चिर प्रतिद्वंद्वी भारत और पाकिस्तान। आखिरी ओवर में पाकिस्तान को जीत के लिए 13 रन की दरकार थी। ऐसी विषम परिस्थितियों में युवा कप्तान धोनी ने गेंद एक ऐसे मीडियम पेसर को थमाई, जिन्होंने न तो इतने बड़े मंच पर कभी गेंदबाजी की थी और न ही ऐसे दबाव को झेला था। शुरुआती दो गेंदों में सात रन देने के बाद अब आखिरी चार बॉल्स पर छह रन बनाने आसान थे, स्ट्राइक पर खुद पाकिस्तानी कप्तान मिसबाह-उल-हक थे।
भारत को जिताया था विश्व कप, अब खाकी वर्दी में सड़कों पर उतरकर कोरोना वायरस से लड़ रहा है जंग
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लक्ष्य आसान लग रहा था, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। तीसरी गेंद पर मिसबाह ने एक बेहद लापरवाही भरा शॉट खेलकर अपना कैच श्रीसंत को थमा दिया। पाकिस्तान ने मैच गंवा दिया। भारत ने पहला टी-20 विश्व कप जीत लिया और जोगिंदर शर्मा मैच के हीरो बन गए। रातों-रात स्टार बनने के बाद यह खिलाड़ी फिर कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला, उन्हें हरियाणा पुलिस में नौकरी मिल गई और आज वो डीएसपी के पद पर कार्यरत हैं।
टी-20 फाइनल के बाद जोगिंदर का करियर जरूर खत्म हो गया। मगर स्पोर्ट्स कोटे से पुलिस अधिकारी बनने के बावजूद वह देश और समाज की सेवा कर रहे हैं। दुनिया भर में कोरोना वायरस के हाहाकार के बाद भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद मोदी की अपील पर हुए 21 दिन के लॉकडाउन को सफल बनाने के लिए जोगिंदर सड़कों पर लोगों की मदद कर रहे हैं।
जोगिंदर हरियाणा की सड़कों पर निकल रहे लोगों को घर वापस भेज रहे हैं। जोगिंदर शर्मा ने ट्वीट कर लोगों से अपील करते हुए लिखा, 'रोकथाम कोरोना वायरस का एकमात्र इलाज है, चलो एक साथ रहें और इस महामारी से लड़ें...कृपया हमारे साथ सहयोग करें. जय हिंद'। एक ओर जहां कोरोना की वजह से दुनियाभर में क्रिकेट प्रतियोगिताएं रद्द हो रहीं हैं तो वहीं दूसरी ओर जोगिंदर जैसे जांबाज अपने नए रोल को बखूबी निभा रहे हैं।
*Prevention is the only cure for Coronavirus,Let’s be together and fight with this Pandemic situation..Please cooperate with us* Jai Hind pic.twitter.com/Cl36TanfJP
जोगिंदर शर्मा का करियर
भारत के लिए महज 4 वन-डे और 4 टी-20 मैच खेलने वाले जोगिंदर शर्मा ने इंटरनेशनल क्रिकेट में महज पांच विकेट ही अपने नाम किए थे। 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में उन्हें अधिक खेलने का मौका नहीं मिला। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने आखिरी ओवर में दो विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई तो वहीं फाइनल में भज्जी के इनकार के बाद आखिरी ओवर में उन्होंने टीम इंडिया को चैंपियन बना दिया।