{"_id":"63bbf4a45f9e78625450112a","slug":"coverage-of-rishabh-pant-car-accident-was-not-good-government-gave-strict-instructions-to-tv-channels","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Guidelines: 'ऋषभ पंत की कार दुर्घटना का कवरेज ठीक नहीं था', सरकार ने टीवी चैनलों को दिए सख्त निर्देश, जानें","category":{"title":"Cricket News","title_hn":"क्रिकेट न्यूज़","slug":"cricket-news"}}
Guidelines: 'ऋषभ पंत की कार दुर्घटना का कवरेज ठीक नहीं था', सरकार ने टीवी चैनलों को दिए सख्त निर्देश, जानें
Mon, 09 Jan 2023 04:35 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Mon, 09 Jan 2023 04:35 PM IST
सार
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट चैनलों को जारी परामर्श में पंत की कार दुर्घटना, शवों की व्यथित करने वाली तस्वीरों के प्रसारण और पांच साल के बच्चे की पिटाई के कवरेज का हवाला दिया और कहा कि इस तरह की रिपोर्टिंग ठीक नहीं है।
विज्ञापन
ऋषभ पंत
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार ने सोमवार को क्रिकेटर ऋषभ पंत की सड़क दुर्घटना और कुछ अन्य अपराध की खबरों की टेलीविजन कवरेज को 'अप्रिय' और 'दिल दहला देने वाला' करार दिया। साथ ही टीवी चैनलों को इससे संबंधित कानून के तहत निर्धारित कार्यक्रम संहिता का सख्ती से पालन करने को भी कहा है।
विज्ञापन
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने सभी निजी सैटेलाइट चैनलों को जारी परामर्श में पंत की कार दुर्घटना, शवों की व्यथित करने वाली तस्वीरों के प्रसारण और पांच साल के बच्चे की पिटाई के कवरेज का हवाला दिया और कहा कि इस तरह की रिपोर्टिंग ठीक नहीं है। सरकार ने कहा- टेलीविजन चैनलों ने व्यक्तियों के शवों और आसपास खून के छींटे, घायल व्यक्तियों के चित्र/वीडियो दिखाए हैं। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित लोगों को बेरहमी से पीटे जाने के शॉट्स करीब से दिखाए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकार ने कहा- एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटने का और उसके लगातार रोने और चीखने के शॉट्स को लंबे समय तक दिखाया गया, जो कि गलत और भयावह है। इस दौरान शॉट्स को न ही धुंधला किया गया और न ही किसी प्रकार की सावधानी बरती गई। यह भी कहा गया है कि प्रसारकों ने सोशल मीडिया से वीडियो क्लिप और तस्वीरें ली हैं। साथ ही इन क्लिप्स को प्रोग्राम कोड का पालन करते हुए नहीं दिखाया गया।
मंत्रालय ने टेलीविजन चैनलों को केबल टेलीविजन नेटवर्क (विनियमन) अधिनियम के तहत निर्धारित प्रोग्राम कोड के अनुरूप अपराध, दुर्घटनाओं और हिंसा की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए अपने सिस्टम में बदलाव लाने और उसे मजबूत करने की सलाह दी है।