वर्ल्ड कप के आगे के कार्यक्रम को लेकर टीमें हैं परेशान!
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एक महीने से भी ज्यादा समय तक चले लीग चरण के मुकाबले के बाद 8 टीमों ने वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में प्रवेश कर लिया है। टूर्नामेंट के दोनों ही ग्रुप में शीर्ष पर रहने वाली टीमें अजेय रहते हुए क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं थी। हालांकि पूल-बी में लीग चरण के अंतिम दिन से पहले तक 2 टीमों का चयन नहीं हो पाया था। लीग चरण के अंतिम दिन 2 टीमें वेस्टइंडीज और पाकिस्तान अंतिम आठ में पहुंचने में कामयाब रही। अंतिम-8 में जगह बनाने वाली पूल-ए से न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका और बांग्लादेश हैं जबकि पूल-बी से भारत, दक्षिण अफ्रीका, पाकिस्तान और वेस्टइंडीज की टीमें हैं।
टूर्नामेंट के नॉकआउट दौर के मुकाबले बुधवार यानी 18 मार्च से शुरू होंगे। पहला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका और श्रीलंका के बीच सिडनी में खेला जाएगा। जबकि दूसरा मुकाबला 19 मार्च को भारत और बांग्लादेश के बीच मेलबर्न में खेला जाएगा। इसके अलावा 20 को ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान की टीमें एक-दुसरे के आमने-सामने होंगी। टूर्नामेंट का चौथा क्वार्टर फाइनल मुकाबला मेजबान न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाना है।
सभी 8 टीमें अपने-अपने मुकाबलों की तैयारियों में जुट गईं है और उन्हें यह मालूम है कि एक मैच में मिली हार से उनका सफर खत्म हो जाएगा, लेकिन सभी टीमें आगे के मैचों के लिए अजीब ढंग तैयार किए गए कार्यक्रम को लेकर बेहद परेशान हैं और यह समस्या किसी और से नहीं बल्कि मेजबानों ने दी है। हालांकि इन टीमों के पास इस समस्या का कोई निजात भी नहीं है।
चौथा क्वार्टर फाइनल खेलने वाली टीम को होगी परेशानी!
क्रिकेट के 11वें वर्ल्ड कप का आयोजन करा रहे ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड ने नॉकआउट दौर के मुकाबले के लिए रिजर्व डे भी रखा है। इन दिनों ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में बारिश हो रही है। लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश में इतनी बारिश हुई कि टॉस भी नहीं कराया जा सका और दोनों टीमों को अंक बांटने पड़े। इसके अलावा दोनों देशों में बारिश के कारण कई मैच बुरी तरह से प्रभावित भी हुए।
आयोजकों को यह मालूम था कि टूर्नामेंट के दौरान बारिश का खतरा बना रहेगा, इसे देखते हुए उन्होंने हर नॉकआउट दौर के मुकाबले के लिए एक रिजर्व डे भी रखा। लेकिन कुछ मैच ऐसे भी हैं जो किसी भी टीम के लिए आगे के बड़े मैचों से पहले तैयारियों में बाधा डाल सकती हैं।
अगर हम क्वार्टर फाइनल मुकाबले की बात करें तो पहले 3 मुकाबलों में भाग लेने वाली टीम को कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि सेमीफाइनल मुकाबले 24 और 26 मार्च को खेले जाएंगे। पहले 3 क्वार्टर मुकाबले 18, 19 और 20 को होंगे, अगर इनमें से कोई भी मैच रिजर्व डे में खींचता है तो भी उनके पास सेमीफाइनल मैच की तैयारी के लिए काफी वक्त मिल जाएगा। लेकिन 21 मार्च को न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मैच अगर रिजर्व डे में जाता है तो यह मैच 22 को खेला जाएगा। इसके बाद 23 को टीमें सेमीफाइनल खेलने के लिए ऑकलैंड या सिडनी रवाना होंगी। यात्रा के चक्कर में तैयारियों पर फर्क पड़ना लाजिमी है और अगले दिन सेमीफाइनल में खेलने को उतरना पड़ेगा। ऑकलैंड में मैच खेलना पड़ा तो टीमों को साढ़े छह सौ किमी का सफर करना होगा।
फाइनल से पहले सेमीफाइनल कार्यक्रम ने भी फंसाया
वर्ल्ड कप के निर्णायक मुकाबलों के लिए कार्यक्रम बनाते समय आयोजक गफलत में पड़ गए। उन्होंने नॉकआउट दौर के मुकाबले के लिए टीमों के पास तैयारियों के लिए ज्यादा वक्त नहीं दिया। भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी कार्यक्रम की आलोचना कर चुके हैं।
क्वार्टर फाइनल मुकाबले के बाद सभी टीमें जल्दी-जल्दी सेमीफाइनल के लिए अपनी तैयारियों शुरू कर देंगी। कार्यक्रम में गफलत सिर्फ क्वार्टर फाइनल तक ही नहीं है, यही स्थिति सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान भी बनी रहेगी।
पहला सेमीफाइनल मुकाबला न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में 24 मार्च को खेला जाएगा जबकि दूसरा सेमीफाइनल 26 को सिडनी में होगा। दोनों मुकाबलों के लिए भी रिजर्व डे रखे गए हैं। लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले के दौरान होगी। अगर बारिश के कारण यह मैच रिजर्व डे पर खींचता है तो मुकाबला 27 को खेला जाएगा जबकि फाइनल मुकाबला 29 को खेला जाना है।
27 को दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेलने के बाद टीमें अगले दिन मेलबर्न के लिए रवाना होंगी जहां खिताबी मुकाबला खेला जाएगा। सिडनी से मेलबर्न की दूरी लगभग एक हजार किमी तक की है। ऐसे में जिस भी टीम को दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेलना होगा उसे मनाना होगा कि मैच रिजर्व डे तक न खींचे जिससे उसे तैयारियों के लिए एक अतिरिक्त दिन मिल जाए।