अब कप्तान कोहली और कोच शास्त्री झेलेंगे CoA के ‘बाउंसर’, चयन समिति भी सवालों के घेरे में
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क्रिकेट विश्व कप में सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के हाथों शर्मनाक हार के बाद भारतीय टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त प्रशासकों की समिति (सीओए) ने कोच रवि शास्त्री और कप्तान विराट कोहली के इंग्लैंड से लौटने के बाद क्रिकेट विश्व कप में टीम के प्रदर्शन की समीक्षा करने का फैसला किया है।
भारत को सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड ने 18 रन से हराया जबकि ग्रुप चरण में भारतीय टीम शीर्ष पर रही थी। विनोद राय की अध्यक्षता वाली सीओए में डायना एडुल्जी और लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) रवि थोडगे भी हैं। यही नहीं, चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद से भी बात की जाएगी। टीम रविवार को मुंबई रवाना होगी।
हार के बाद से पूरे विश्व कप और सेमीफाइनल में टीम मैनेजमेंट की ओर से अपनाई गई रणनीतियों की खामियों को लेकर विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं। सीओए प्रमुख राय ने सिंगापुर से कहा कि कप्तान कोहली, कोच शास्त्री और चयन समिति से बात की जाएगी। भारत का अभियान अभी खत्म हुआ है। कहां, कब और कैसे जैसे सवालों का मैं आपको कोई जवाब नहीं दे सकूंगा।
कप्तान और कोच के ब्रेक से लौटने के बाद बैठक जरूर होगी। मैं तारीख और समय नहीं बता सकता लेकिन हम उनसे बात करेंगे। हम चयन समिति से भी बात करेंगे।’-विनोद राय, सीओए प्रमुख
धोनी मामले में बांगड़ की भूमिका
14 : जुलाई को इंग्लैंड से स्वदेश रवाना होगी भारतीय क्रिकेट टीम
समझा जाता है कि धोनी को नीचे भेजने का फैसला बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ का था। यह भी पूछा जाएगा कि सहायक कोच के इस फैसले का मुख्य कोच ने विरोध क्यों नहीं किया। धोनी जैसे अनुभवी बल्लेबाज को निचले क्रम में भेजा, जबकि युवा ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को नॉकआउट मुकाबले में उन पर वरीयता दी गई। यह वही धोनी हैं जो 2011 विश्व कप के फाइनल में अपने आपको बल्लेबाजी क्रम में अपने को फॉर्म में चल रहे युवराज से ऊपर लेकर आए थे और विश्व कप जिताया था।
रायडू पर देने होंगे चयन समिति को जवाब
माना जा रहा है कि समीक्षा के दौरान सबसे बड़ा मामला अंबाती रायडू का चयन न करने का उठेगा। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज तक उनका नंबर चार पर चयन तय था। फिर उनको नजरंदाज क्यों कर दिया गया। चयनकर्ताओं से यह भी जवाब मांगा जाएगा कि विश्व कप को ध्यान में रखते हुए स्थापित मध्यक्रम क्यों नहीं दिया गया। मौजूदा चयन समिति बीसीसीआई की आमसभा की बैठक तक बनी रहेगी। ऐसे में प्रसाद को चयन बैठकों में अधिक सक्रिय रहने की सलाह दी जा सकती है। बताया जाता है कि मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद को शरणदीप सिंह और देबांग गांधी से चयन को लेकर खास इनपुट नहीं मिल रहे थे। प्रसाद को थोड़ी राहत गगन खोड़ा और जतिन परांजपे के आने के बाद मिली है।
ये उठ रहे हैं सवाल
- आखिरी सीरीज तक अंबाती रायडू का चयन तय था लेकिन अचानक वह चौथे नंबर की दौड़ से बाहर कैसे हो गए।
- रायडू का नाम रिजर्व में भी था लेकिन दो खिलाड़ियों के चोटिल होने पर भी उन्हें नहीं बुलाया गया। जिसके बाद उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूपों को अलविदा कह दिया।
- टीम में तीन विकेटकीपर (धोनी, ऋषभ और दिनेश कार्तिक) क्यों लिए गए। दिनेश कार्तिक की क्या जरूरत थी जो लंबे समय से फॉर्म में नहीं थे।
- सेमीफाइनल में महेंद्र सिंह धोनी जैसे अनुभवी बल्लेबाज को सातवें नंबर पर क्यों उतारा गया। जबकि टीम ने महज पांच रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे
- मध्यक्रम में प्रयोगों का सिलसिला विश्व कप में क्यों जारी रहा। राहुल के ओपनिंग पर जाने के बाद इस क्रम को म्यूजिकल चेयर क्यों बना दिया गया।