फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   CBI closes 2019 IPL betting cases over lack of evidence

IPL Betting: 2019 आईपीएल में सट्टेबाजी को लेकर सीबीआई ने दी बड़ी जानकारी, 2022 में दर्ज की थी दो एफआईआर

Tue, 02 Jan 2024 03:45 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Tue, 02 Jan 2024 03:45 PM IST
सार

सीबीआई ने जानकारी मिलने पर 2022 में दो एफआईआर दर्ज की थी। इस मामले में पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। इस वजह से अब जांच बंद कर दी गई है।

विज्ञापन
CBI closes 2019 IPL betting cases over lack of evidence
आईपीएल में सट्टेबाजी के दो मामलों पर जांच बंद कर दी गई है - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

आईपीएल 2019 में फिक्सिंग से जुड़े दो मामलों में सीबीआई ने अपनी जांच बंद कर दी है। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कथित फिक्सिंग से जुड़े दोनों मामलों को सबूतों के अभाव में बंद कर दिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। सीबीआई को जानकारी मिली थी कि क्रिकेट सट्टेबाजी में शामिल व्यक्तियों का एक नेटवर्क पाकिस्तान से मिल रहे इनपुट के आधार पर आईपीएल मैचों के नतीजों को प्रभावित कर रहा है। 
विज्ञापन


सीबीआई ने यह जानकारी मिलने के बाद मई 2022 में सात लोगों के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थी। पहली एफआईआर दिल्ली के रोहिणी स्थित दिलीप कुमार तथा हैदराबाद के रहने वाले गुर्रम वासु और गुर्रम सतीश के खिलाफ दर्ज की गई थी। दूसरी एफआईआर में राजस्थान के सज्जन सिंह, प्रभु लाल मीणा, राम अवतार और अमित कुमार शर्मा को आरोपी के रूप में नामित किया गया था।
विज्ञापन


लगभग दो साल की जांच के बाद सीबीआई उनके खिलाफ मामला आगे चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं जुटा पाई। अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने 23 दिसंबर को विशेष अदालत में अपनी रिपोर्ट दायर कर दी है, जिसमें आरोपों और मामले में जांच का विस्तृत विवरण दिया गया है। इसके साथ ही मामले को बंद करने की सिफारिश की गई है और इसके कारण भी बताए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी की रिपोर्ट को स्वीकार करने या फिर आगे जांच का आदेश देने का फैसला अब अदालत को करना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने इन लोगों पर इस आरोप में मामला दर्ज किया था कि वे 10-13 साल से अधिक समय से अपने खातों से संदिग्ध नकद लेनदेन के साथ रैकेट चला रहे थे। पाकिस्तानी मोबाइल नंबर के जरिए पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में थे और पाकिस्तान से इनपुट प्राप्त कर जनता को सट्टेबाजी के लिए प्रेरित करके धोखा दे रहे थे। रैकेटर्स ने अज्ञात बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी पहचान और अपने केवाईसी दस्तावेजों का उपयोग करके बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) बनाए थे।

दिलीप कुमार के कई बैंक खाते थे, जिनमें 2013 से 43 लाख रुपये से अधिक की घरेलू नकदी जमा की गई थी। गुर्रम सतीश के छह बैंक खातों में 2012-20 के दौरान 4.55 करोड़ रुपये (घरेलू) और 3.05 लाख रुपये (विदेशी) नकद जमा किए गए थे। गुर्रम वासु के मामले में, इसी अवधि के दौरान राशि 5.37 करोड़ रुपये जमा की गई थी। इस लेनदेन को समझाने के लिए कोई व्यावसायिक तर्क नहीं था।


दिल्ली-हैदराबाद रैकेट से संबंधित एफआईआर में आरोप लगाया गया है, "जानकारी से पता चलता है कि व्यक्तियों का यह नेटवर्क वर्ष 2019 में आयोजित इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के दौरान क्रिकेट सट्टेबाजी में शामिल था। इसमें शामिल व्यक्ति क्रिकेट सट्टेबाजी का रैकेट चला रहे हैं, आम जनता को सट्टेबाजी के लिए प्रेरित करके धोखाधड़ी कर रहे हैं और इस तरह जनता से उनकी मेहनत की कमाई को धोखा दे रहे हैं और विभिन्न बैंक खातों के संचालन में अपनी पहचान छिपाने में भी शामिल हैं। जानकारी से पता चलता है कि व्यक्तियों का यह नेटवर्क वर्ष 2019 में दिल्ली और अन्य स्थानों पर चल रहे इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मैचों के दौरान क्रिकेट सट्टेबाजी में शामिल था।"

अंत में सीबीआई को इन लोगों के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिला और अब अधिकारियों ने जांच बंद करने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed