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सचिन और सहवाग पर होगा दारोमदार
नागपुर/एजेंसी
Updated Tue, 11 Dec 2012 09:33 PM IST
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भले ही टीम इंडिया के सबसे अनुभवी बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग अभी अपने फार्म से जूझ रहे हों लेकिन अगर उनके इस मैदान पर पूर्व के रिकॉर्ड को देखें तो चौथे टेस्ट में उनसे एक बढ़िया पारी की उम्मीद जरूर की जा सकती है। यहां के विदर्भ क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले चौथे और अंतिम टेस्ट में इन दोनों पर टीम को सीरीज में बराबरी दिलाने का पूरा दारोमदार होगा।
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अगर इंग्लैंड को भारतीय जमीन पर 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट सीरीज जीतने से रोकना है तो फिर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनके साथियों को हर हाल में नागपुर टेस्ट जीतना होगा। नागपुर में अब तक खेले गए तीनों टेस्ट मैचों में परिणाम निकला है जिनमें से दो भारत ने जीते हैं और एक दक्षिण अफ्रीका के हिस्से में गया है।
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सहवाग का इस मैदान पर जबर्दस्त रिकॉर्ड है और उन्होंने यहां तीन मैचों में 71.40 के प्रभावशाली औसत से सर्वाधिक 357 रन बनाए हैं जिनमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं। सचिन ने इस मैदान में तीन मैचों में दो शतकों और एक अर्धशतक की मदद से 289 रन बनाए हैं। यहां उनका औसत 57.80 है। टीम इंडिया को उम्मीद रहेगी कि नागपुर में उसके ये दोनों सबसे अनुभवी बल्लेबाज चल निकलें जिससे भारत बराबरी हासिल कर सके।
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भारत ने नवंबर 2008 में यहां आस्ट्रेलिया को 172 रन से और नवंबर 2010 में न्यूजीलैंड को एक पारी और 198 रन से हराया था। लेकिन फरवरी 2010 में उसे दक्षिण अफ्रीका से पारी और छह रन से हार का सामना करना पड़ा था। कप्तान धोनी भी इस मैदान पर तीन मैचों में तीन अर्धशतकों की मदद से 240 रन बना चुके हैं।
गेंदबाजों में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा यहां 11 विकेट ले चुके हैं जबकि लेफ्ट आर्म स्पिनर प्रज्ञान ओझा ने एक मैच में पांच विकेट लिए हैं। भारत उम्मीद कर सकता है कि अश्विन और ओझा की जोड़ी यहां अहमदाबाद जैसा कमाल करके दिखाए। हालांकि इंग्लैंड के आफ स्पिनर ग्रीम स्वान और लेफ्ट आर्म स्पिनर मोंटी पनेसर की खतरनाक जोड़ी भी यहां की परिस्थितियों का फायदा उठा सकती है।