Boxing Day Test: कप्तान रहाणे ने इन दो युवा खिलाड़ियों को दिया जीत का श्रेय, तारीफ में पढ़े कसीदे
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मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार जीत दर्ज कर बॉक्सिंग डे टेस्ट अपने नाम करते हुए अजिंक्य रहाणे ने दुनिया के सामने अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया। उन्होंने मुश्किल वक्त में टीम की कमान संभालने के बाद युवा खिलाड़ियों की मदद से ऑस्ट्रेलिया को दूसरे टेस्ट में चारों खाने चित कर दिया। मेलबर्न में चौथे दिन मात्र 70 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मेहमान टीम ने शुरुआत में ही दो विकेट गंवा दिए, लेकिन एक बार फिर से रहाणे और युवा शुभमन गिल ने पारी को संभालते हुए 51 रनों की अटूट साझेदारी की और मैच को अपने नाम करने में सफल रहे।
एडिलेड में पहले टेस्ट की दूसरी पारी में 36 रन पर सिमटने और आठ विकेट से मैच गंवाने के बाद भारतीय टीम पर काफी दबाव था। वहीं विराट कोहली और मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी और स्टार खिलाड़ियों के भारत रवाना होने के बाद टीम की मुश्किलें और बढ़ गई थीं। ऐसे में युवा खिलाड़ियों को साथ लेकर अपनी कप्तान में मैच जीतना और सीरीज में वापसी करना रहाणे के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसका उन्होंने बखूबी सामना किया।
गिल और सिराज को श्रेय
मेलबर्न में मैच जीतने के बाद कप्तान रहाणे ने पूरी टीम को बधाई दी और उनपर गर्वान्वित हुए। उन्होंने कहा, 'मुझे सभी खिलाड़ियों पर गर्व है। मैं सिराज और गिल को श्रेय देना चाहूंगा जिन्होंने जबरदस्त जीवटता का प्रदर्शन किया। एडीलेड में मिली हार के बाद ऐसा प्रदर्शन देखना सुखद था।’ उन्होंने कहा कि नए खिलाड़ियों के लिए लगातार अनुशासित प्रदर्शन कर पाना आसान नहीं होता लेकिन गिल और सिराज ने दिखाया कि यह कैसे किया जाता है।
रहाणे ने कहा, ‘शुभमन के प्रथम श्रेणी करियर और उसके खेल के बारे में हम सभी जानते हैं। उसने इस स्तर पर अपने स्वाभाविक शॉट्स जिस तरह से खेले, उसकी परिपक्वता भी पता चलती है।’ उन्होंने कहा, ‘सिराज ने भी बताया कि वह अनुशासन के साथ गेंदबाजी कर सकता है। नए खिलाड़ियों के लिए यह मुश्किल होता है और ऐसे में ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अनुभव काम आता है।’
पांच गेंदबाजों को लेकर उतरने का फैसला सही
यह पूछने पर कि मैच से पहले टीम ने क्या बात की, रहाणे ने कहा, ‘हमने मैदान पर जोश और जज्बे के साथ खेलने पर जोर दिया। एडीलेड में एक घंटे के खराब खेल से हम हार गए। अभी भी बहुत कुछ सीखना है।’ उन्होंने यह भी कहा कि पांच गेंदबाजों को लेकर उतरने का उनका फैसला सही रहा। यह रणनीति कारगर रही। हम एक हरफनमौला को लेकर खेलना चाहते थे और रविंद्र जडेजा ने वह काम बखूबी किया।’