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Wriddhiman Saha Controversy: साहा को धमकाने वाले बोरिया मजूमदार पर लग सकता है दो साल का बैन
Sun, 24 Apr 2022 10:44 AM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Sun, 24 Apr 2022 10:44 AM IST
सार
बोरिया मजूमदार ने साहा को एक इंटरव्यू के लिए मना करने पर धमकाया था। इसके बाद साहा ने उनके साथ बातचीत के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर शेयर किए थे।
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ऋद्धिमान साहा और बोरिया मजूमदार
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ऋद्धिमान साहा को एक इंटरव्यू के लिए धमकाने वाले पत्रकार बोरिया मजूमदार पर बीसीसीआई दो साल का बैन लगा सकता है। बीसीसीआई ने इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की समिति का गठन किया था। समिति ने इस मामले में मजूमदार के दोषी पाया है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। साहा को भारत की टेस्ट टीम से बाहर किए जाने पर मजूमदार ने उनसे इस मामले पर बात करनी चाही थी, लेकिन उनके मना करने पर मजूमदार भड़क गए थे और कभी इंटरव्यू न करने की धमकी दी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब बोरिया मजूमदार पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है। उन्हें किसी भी स्टेडियम के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। बीसीसीआई से जुड़े किसी कार्यक्रम में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, सभी खिलाड़ियों को भी बोरिया मजूमदार के साथ बात करने से मना किया जाएगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब बोरिया मजूमदार पर दो साल का बैन लगाया जा सकता है। उन्हें किसी भी स्टेडियम के अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी। बीसीसीआई से जुड़े किसी कार्यक्रम में उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा। वहीं, सभी खिलाड़ियों को भी बोरिया मजूमदार के साथ बात करने से मना किया जाएगा।
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क्या है मामला?
बीसीसीआई की तरफ से 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया गया था। लेकिन इसमें अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली। इसके बाद एक पत्रकार ने साहा को व्हाट्सएप मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की, जिसपर साहा ने कोई जवाब नहीं दिया और फिर उन्हें पत्रकार की तरफ से अंजाम भुगतने की धमकियां दी गई। साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
पत्रकार ने क्या कहा था?
पत्रकार ने साहा को मेसेज करते हुए लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।" बाद में पत्रकार ने लिखा था, "आपने फोन नहीं किया। मैं फिर कभी आपका इंटरव्यू नहीं करूंगा। मैं अपमान नहीं सहता और मैं इसे याद रखूंगा। ऐसा आपको नहीं करना चाहिए था।"
साहा ने इस बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किए थे। इसके बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने साहा का समर्थन किया और बीसीसीआई से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। बीसीसीआई ने तीन सदस्यों की समिति बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच की। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि बोरिया मजूमदार वो पत्रकार थे, जिन्होंने साहा को धमकी दी थी। जांच समिति ने उन्हें दोषी पाया है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बीसीसीआई की तरफ से 19 फरवरी को श्रीलंका के खिलाफ टी-20 और टेस्ट सीरीज के लिए भारतीय टीम का एलान किया गया था। लेकिन इसमें अनुभवी विकेटकीपर ऋद्धिमान साहा को जगह नहीं मिली। इसके बाद एक पत्रकार ने साहा को व्हाट्सएप मैसेज कर इंटरव्यू की मांग की, जिसपर साहा ने कोई जवाब नहीं दिया और फिर उन्हें पत्रकार की तरफ से अंजाम भुगतने की धमकियां दी गई। साहा ने पूरी बात का स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की।
पत्रकार ने क्या कहा था?
पत्रकार ने साहा को मेसेज करते हुए लिखा "मेरे साथ एक इंटरव्यू करिए, यह काफी अच्छा होगा। अगर आप लोकतांत्रिक रहना चाहते हैं तो मैं दबाव नहीं बनाऊंगा। वो एक विकेटकीपर चुनते हैं, जो सबसे बेहतर होता है। आप 11 पत्रकार चुनने की कोशिश करते हैं, जो मेरे हिसाब से सही नहीं है। उसे चुनिए जो सबसे ज्यादा आपकी मदद कर सकता है।" बाद में पत्रकार ने लिखा था, "आपने फोन नहीं किया। मैं फिर कभी आपका इंटरव्यू नहीं करूंगा। मैं अपमान नहीं सहता और मैं इसे याद रखूंगा। ऐसा आपको नहीं करना चाहिए था।"
साहा ने इस बातचीत के स्क्रीनशॉट अपने ट्विटर अकाउंट पर साझा किए थे। इसके बाद क्रिकेट जगत के कई दिग्गजों ने साहा का समर्थन किया और बीसीसीआई से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। बीसीसीआई ने तीन सदस्यों की समिति बनाई, जिसने पूरे मामले की जांच की। इसी दौरान यह खुलासा हुआ कि बोरिया मजूमदार वो पत्रकार थे, जिन्होंने साहा को धमकी दी थी। जांच समिति ने उन्हें दोषी पाया है और अब उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।