टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण, जिन्हें दुनिया ‘वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण’ के नाम भी जानती है, 1 नवंबर को 42 साल के हो गए। 21वीं सदी में टीम इंडिया के सबसे कलात्मक बल्लेबाजों में एक वीवीएस ने कई बार टीम के लिए संकटमोचक बन कर उभरे हैं। मुश्किल की घड़ी में मैच बचाने और जितान में लक्ष्मण का बड़ा योगदान रहा है। आइए देखते हैं कि इस हैदराबादी हीरो की टॉप पारियां जिन्होंने मैच का रुख ही पलट दिया:
Birthday Special: वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण की सबसे स्पेशल पारियां
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वीवीएस लक्ष्मण
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69 Vs ऑस्ट्रेलिया, 2004 (मुंबई)
सीरीज हार चुकी टीम इंडिया इस टेस्ट में भी पहली पारी में 99 रन से पिछड़ रही थी। इस मैच में भारत ने तेंदुलकर और लक्ष्मण की पारियों के बदौलत 205 रन बनाए। 107 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कंगारू टीम 93 रनों पर ही सिमट गई इस मैच के तीसरे दिन 20 विकेट गिरे और मैच 3 ही दिन में समाप्त हो गया।
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51 Vs साउथ अफ्रीका, 1996 (अहमदाबाद)
1996 ने अपने डेब्यू टेस्ट में लक्ष्मण ने बताया कि वो किस श्रेणी के बल्लेबाज हैं। पहली पारी में 21 रन की बढ़त बाद भारत ने एक वक्त 91 पर 5 विकेट गंवा दिए थे। इसके बाद लक्ष्मण और कुंबले ने कमान संभाली और टीम की नैया पार लगाई। अंत में भारत ने 190 रन बनाए, जिसमें लक्ष्मण ने सर्वाधिक 51 रनों की पारी खेली। 171 रनों का पीछा करने उतरी अफ्रीकी टीम जवागल श्रीनाथ और अनिल कुंबले के धार के आगे मात्र 105 रनों पर ढेर हो गई।
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91 Vs न्यूजीलैंड, 2010 (अहमदाबाद)
भारत ने यह मैच हार के मुंह से निकाला। एक वक्त पर दूसरी पारी में क्रिस मार्टिन की आग उगलती गेंदो के आगे 15 पर आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी और 65 पर छठा विकेट भी गिर गय था। मगर यहां से लक्ष्मम और भज्जी ने जिम्मा संभाला और टीम के लिए मैच बचाया। हालांकि भज्जी के सैंकड़े के आग लक्ष्मण के 91 रन कुछ कम लगें, मगर संयम और धैर्य से भरपूर इस पारी ने टीम के लिए मैच निकाला।
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73 Vs साउथ अफ्रीका, 2006 (जोहानेसबर्ग)
वनडे सीरीज 4-0 से हारने के बाद टीम इंडिया के सामने जोहानेसबर्ग के मैदान पर टेस्ट जीतने की चुनौती थी। इस मैदान पर भारत कभी नहीं जीता था। भारत ने प्रोटियास को पहली पारी में 84 पर समेट कर 165 रनों की बढ़त ले ली। दूसरी पारी में लक्ष्मण ने कमान हाथ में ली और जहीर खान के साथ 70 रन जोड़े। अंत में भारत के पक्ष में नतीजा आया और टीम ने मैच 123 रनों से जीत लिया।