एक खिलाड़ी जो विशुद्ध रूप से एक बल्लेबाज था, लेकिन उसकी पहचान बल्लेबाजी की वजह से नहीं हुई। दुनिया ने उसे जबरदस्त फील्डर के तौर पर जाना। जिसका नाम दिमाग में आते ही याद आती है मैदान पर उसकी रफ्तार, जिसके साथ वह गेंद पर झपट्टा मारता रहता।
मोहम्मद कैफ: चीते जैसा फुर्तीला वह खिलाड़ी जो बल्लेबाजी नहीं बल्कि फील्डिंग के लिए टीम में था
दुनिया का सबसे महान फील्डर जोंटी रोड्स को कहा जाता है। हमने उन्हें मैदान पर फील्डिंग करते हुए नहीं देखा। उनके जमाने के लोग बताते हैं कि रोड्स इतने फुर्तीले थे कि बिजली को भी शर्म आ जाए। साल 2000 में भारतीय टीम का हिस्सा बने कैफ ने युवराज सिंह के साथ मिलकर टीम की फील्डिंग में रफ्तार भर दिया।
कैफ की पीढ़ी ने जोंटी रोड्स को मैदान पर कूदते हुए देखा था। इसलिए कैफ उसे अपने अंदर भरकर टीम इंडिया तक ले लाए। तब के इलाहाबाद में (अब प्रयागराज) जन्मे कैफ को साल 2000 में श्रीलंका में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई और उन्होंने टीम इंडिया को विश्व चैंपियन बनाया। इस टीम में युवराज सिंह, अजय रात्रा और रितेंदर सिंह सोढ़ी जैसे नाम शामिल थे।
कैफ के कैच ने पाकिस्तान से मैच छीन लिया
साल 2004, भारतीय टीम सीरीज खेलने पाकिस्तान पहुंची। तब दोनों देश एक दूसरे की जमीन पर क्रिकेट खेलने आया-जाया करते थे। भारतीय टीम पाकिस्तान जाती, क्रिकेट का रोमांच दोनों देश के क्रिकेटप्रेमियों के दिलो-दिमाग पर छा जाता और जबरदस्त मुकाबले होते।
पाकिस्तान के खिलाफ पहला वन-डे मैच कराची में खेला गया। इंजमाम उल हक ने शतक जड़ा, द्रविड़ शतक से चूके, लेकिन इस मैच को हमेशा के लिए लोगों के दिलों में बसा गया कैफ का एक अद्भुत कैच, जिसने मैच का पासा पलट दिया था।
कैफ ने वो कैच कितने अहम मौके पर लपका था, इस बात का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि टीम इंडिया के द्वारा बनाए गए 349 रन के विशाल स्कोर को पाकिस्तान पार करने के करीब पहुंच चुका था। पाकिस्तान को जीत के लिए आठ गेंदों में 10 रन की दरकार थी। शोएब मलिक और मोईन खान क्रीज पर मौजूद थे। ऐसे अहम मौके पर आया कैफ का वो अद्भुत कैच।
जहीर खान की गेंद को शोएब ने हवा में उठाकर खेला, गेंद थोड़ी सी लॉन्ग ऑन की दिशा में आसमान में लहरा गई। ऐसा लगा कि नो मैन्स लैंड में टप्पा खा जाएगी। लॉन्ग ऑन पर हेमांग बदानी फील्डिंग कर रहे थे और लॉन्ग ऑफ पर कैफ। दोनों ने ही गेंद को लपकने के लिए दौड़ लगाई और हेमांग बदानी पहले गेंद के पास पहुंचकर भी नहीं पहुंच पाए और वो स्किड करके गेंद को रोकने की कोशिश में जुट गए।
तभी बिजली की तरह दौड़कर गेंद तक पहुंचे कैफ ने नीचे गिर रहे बदानी के सिर के ऊपर से गेंद को लपक लिया। कैफ जमीन पर गिरे, लेकिन गेंद को हाथ छिटकने नहीं दिया। ये सब कुछ पलक झपकने भर के समय में हो गया। कैफ आज 39 साल के हो गए।
साल 2000 में वन-डे डेब्यू करने वाले कैफ ने 125 एकदिवसीय मैच खेले जिनमें 32.01 की औसत से 2753 रन बनाए। उनका सर्वोच्च स्कोर 111 रहा। उन्होंने अपने वन-डे करियर में दो शतक और 17 अर्धशतक लगाए। कैफ ने भारत के लिए 13 टेस्ट खेले। टेस्ट में कैफ का औसत 32.84 का रहा जिसकी मदद से उन्होंने 22 पारियों में 624 रन बनाए हैं। इसमें उनके नाम एक शतक और तीन अर्धशतक हैं।
कैफ को आज भी जब टीवी पर कमेंट्री करते हुए देखता हूं, तो उनकी दो तस्वीरें दिमाग में उभर आती हैं। पहली तस्वीर, पाकिस्तान के खिलाफ लपका हुआ उनका शानदार कैच और दूसरी तस्वीर नेटवेस्ट ट्रॉफी के फाइनल में जीत के बाद जहीर के उपर कूदते मोहम्मद कैफ। हैप्पी बर्थडे कैफू...