न शास्त्री, न गांगुली, गैरी कर्स्टन फिर से बनेंगे टीम इंडिया के कोच!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह क्रिकेटर कोई और नहीं टीम इंडिया को 1983 का वर्ल्ड कप दिलाने वाले महान ऑलराउंडर कपिल देव हैं। कपिल देव का कहना है कि टीम इंडिया सुपरस्टार्स से भरी है और इन्हें दिग्गज कोच की जरूरत नहीं है।
बतौर कपिल देव टीम इंडिया के पास महेंद्र सिंह धोनी, विराट कोहली, रोहित शर्मा, सुरेश रैना जैसे कई अनुभवी क्रिकेटर हैं। बता दें कि इस वक्त टीम इंडिया के लिए एक नए कोच की तलाश चल रही है। कोच पद के लिए सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ और रवि शास्त्री जैसे भारतीय नाम प्रमुख रुप से चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ विदेशी खिलाड़ी भी शामिल हैं।
गैरी कर्स्टन को फिर से कोच बनाने के मूड में बीसीसीआई!
सूत्रों के अनुसार बीसीसीआई अध्यक्ष जगमोहन डालमिया और सचिव अनुराग ठाकुर के समक्ष टीम इंडिया का बांग्लादेश दौरे पर जाने से पूर्व कोच पद तय करना बड़ा चुनौती है। वर्ल्ड कप 2015 के साथ ही डंकन फ्लेचर का करार पूरा हो चुका है।
ऐसे में 7 जून को बांग्लादेश दौरे पर जाने से पहले बीसीसीआई को टीम इंडिया का कोच हर हाल में बनाना ही होगा। गांगुली, द्रविड़ और शास्त्री के अलावा टीम इंडिया को 2011 का वर्ल्ड कप दिलाने वाले गैरी कर्स्टन का नाम भी सुर्खियों पर है।
इस बीच रिपोर्ट के मुताबिक, गांगुली ने बीसीसीआई के समक्ष बतौर कोच के लिए कम से कम 4 साल के अनुबंध की बात कही है। वहीं शास्त्री भी 18 माह से कम के अनुबंध के लिए तैयार नहीं हैं।
एक खबर यह भी कि बीसीसीआई ने दूसरी बार कोच बनाने के लिए एक बार फिर से गैरी कर्स्टन से संपर्क साधा है। वह इस समय आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के कोच हैं। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व टेस्ट स्टार और कोच कर्स्टन का भारतीय खिलाड़ियों के साथ मधुर संबंध हैं।
उनकी कोचिंग में ही टीम इंडिया 28 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बनने में सफल रही। साथ ही टेस्ट क्रिकेट में पहली बार नंबर वन टीम भी बनी। अगर वह फिर से कोच बनते हैं उन्हें 2 कप्तानों के साथ कोचिंग करनी होगी। इस समय विराट कोहली टेस्ट टीम के कप्तान हैं जबकि महेंद्र सिंह धोनी वनडे और ट्वंटी-20 क्रिकेट टीम के कप्तान हैं।
कर्स्टन के अलावा टॉम मूडी भी कोच बनने की कतार में शामिल हैं। बीसीसीआई को कोच चुनने के मामले में दो चीजों में से एक चीज तय करना होगा, गांगुली या शास्त्री में से कोई या फिर एक विदेशी लो-प्रोफाइल उम्मीदवार को कोच बनाया जाए।
हाल ही इंग्लैंड ने श्रीलंका और कोलकाता नाइटराइडर्स के हेड कोच ट्रेवर बेलिस को कोच नियुक्त किया है।