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टीम इंडिया का नया कोच: श्रीलंका के महेला जयवर्धने समेत इन तीन दिग्गजों का नाम रेस में सबसे आगे, जानिए इनकी खासियत
Sat, 18 Sep 2021 01:22 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sat, 18 Sep 2021 01:22 PM IST
सार
बीसीसीआई टी-20 विश्व कप के बाद नए कोच को लेकर आवेदन लेना शुरू करेगा। विश्व कप के बाद मौजूदा मुख्य कोच रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
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लक्ष्मण और कुंबले कोच की दौड़ में सबसे आगे हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
टी-20 विश्व कप के बाद अनिल कुंबले, वीवीएस लक्ष्मण या माहेला जयवर्धने को भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाया जा सकता है। विश्व कप के बाद रवि शास्त्री का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। ऐसे में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने नए कोच को ढूंढने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
न्यूज एजेंसी ने बीसीसीआई के हवाले से खबर दी है कि कुंबले या लक्ष्मण से पद को लेकर संपर्क साधा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में भी यह भी बताया गया है कि श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धन से भी बोर्ड ने कोच बनने के लिए संपर्क किया था। आइये जानते हैं रेस में शामिल तीनों दिग्गजों की खासियत...
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न्यूज एजेंसी ने बीसीसीआई के हवाले से खबर दी है कि कुंबले या लक्ष्मण से पद को लेकर संपर्क साधा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट में भी यह भी बताया गया है कि श्रीलंका के पूर्व कप्तान महेला जयवर्धन से भी बोर्ड ने कोच बनने के लिए संपर्क किया था। आइये जानते हैं रेस में शामिल तीनों दिग्गजों की खासियत...
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अनिल कुंबले
2017 में कुंबले ने हेड कोच के पद से इस्तीफा दिया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
मुख्य कोच की रेस में कुंबले का नाम सबसे आगे है। उन्हें 2016 में भी टीम का कोच नियुक्त किया गया था। हालांकि, कोहली से अनबन के बाद उन्होंने 2017 में पद से हटने का फैसला किया था।
कुंबले की सबसे बड़ी खासियत है उनकी लीडरशिप क्वालिटी और टीम को अनुशासन में रखना है। यही कारण था कि 2017 में उनकी देखरेख में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि, फाइनल में टीम पाकिस्तान से हार गई थी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था और एक भी मैच नहीं गंवाया।
कुंबले की देखरेख में टेस्ट टीम भी मजबूत हुई थी। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने 17 में से केवल एक ही टेस्ट गंवाया था। 2017 में जब कुंबले ने कोच पद छोड़ा था, तब उन्होंने कहा था कि अंत और बेहतर हो सकता था।
इसी अंत को बेहतर करने के लिए उन्हें एक बार फिर जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कुंबले ने भारत के लिए 132 टेस्ट में 619 विकेट और 271 वनडे में 337 विकेट लिए थे। वे 2020 आईपीएल से पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच भी हैं।
कुंबले की सबसे बड़ी खासियत है उनकी लीडरशिप क्वालिटी और टीम को अनुशासन में रखना है। यही कारण था कि 2017 में उनकी देखरेख में टीम इंडिया चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी। हालांकि, फाइनल में टीम पाकिस्तान से हार गई थी, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम ने शानदार प्रदर्शन किया था और एक भी मैच नहीं गंवाया।
कुंबले की देखरेख में टेस्ट टीम भी मजबूत हुई थी। उनके कार्यकाल के दौरान भारत ने 17 में से केवल एक ही टेस्ट गंवाया था। 2017 में जब कुंबले ने कोच पद छोड़ा था, तब उन्होंने कहा था कि अंत और बेहतर हो सकता था।
इसी अंत को बेहतर करने के लिए उन्हें एक बार फिर जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। कुंबले ने भारत के लिए 132 टेस्ट में 619 विकेट और 271 वनडे में 337 विकेट लिए थे। वे 2020 आईपीएल से पंजाब किंग्स फ्रेंचाइजी के मुख्य कोच भी हैं।
वीवीएस लक्ष्मण
लक्ष्मण को बल्लेबाजी का काफी अनुभव है।
- फोटो : सोशल मीडिया
वेरी-वेरी स्पेशल नाम से मशहूर लक्ष्मण को भी टीम इंडिया का मुख्य कोच बनाया जा सकता है। वे क्रिकेट सुधार समिति के सदस्य भी रह चुके हैं। उन्होंने ही सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली के साथ मिलकर कुंबले को मुख्य कोच के लिए चुना था। अब वे खुद इस रेस में आ गए हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि बीसीसीआई प्रमुख गांगुली ने खुद उन्हें संपर्क किया है।
लक्ष्मण के पास मैच को जल्द परख लेने की खासियत है। वे स्थिति के मुताबिक फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। 2013 में आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर पद संभालने के बाद से उन्होंने टीम में कई सुधार किए। उनकी सकारात्मक सोच टीम के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
कोलकाता में 2000/01 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 281 रन की पारी को कौन भूल सकता है। इसी के बाद उन्हें संकटमोचक की उपाधि दी गई थी। अब अपने कोचिंग से वे टीम इंडिया के लिए यही रोल निभा सकते हैं।
लक्ष्मण को बल्लेबाजी में भी महारत हासिल है। यह अनुभव भी टीम के बल्लेबाजों के लिए काम आ सकता है। लक्ष्मण ने टेस्ट में 134 मैचों में 8781 रन और 86 वनडे में 2338 रन बनाए थे।
लक्ष्मण के पास मैच को जल्द परख लेने की खासियत है। वे स्थिति के मुताबिक फैसले लेने के लिए जाने जाते हैं। 2013 में आईपीएल फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर पद संभालने के बाद से उन्होंने टीम में कई सुधार किए। उनकी सकारात्मक सोच टीम के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।
कोलकाता में 2000/01 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनकी 281 रन की पारी को कौन भूल सकता है। इसी के बाद उन्हें संकटमोचक की उपाधि दी गई थी। अब अपने कोचिंग से वे टीम इंडिया के लिए यही रोल निभा सकते हैं।
लक्ष्मण को बल्लेबाजी में भी महारत हासिल है। यह अनुभव भी टीम के बल्लेबाजों के लिए काम आ सकता है। लक्ष्मण ने टेस्ट में 134 मैचों में 8781 रन और 86 वनडे में 2338 रन बनाए थे।
महेला जयवर्धने
जयवर्धने मुंबई के भी कोच रह चुके हैं।
- फोटो : सोशल मीडिया
श्रीलंका के महान बल्लेबाजों में शामिल जयवर्धने भी भारतीय कोच की रेस में शामिल हैं। वे 2017 से आईपीएल फ्रेंचाइजी मुंबई इंडियंस के कोच हैं। उनकी देखरेख में टीम तीन बार (2017, 2019 और 2020) आईपीएल चैंपियन बन चुकी है। इसके अलावा वे 2015 में इंग्लैंड क्रिकेट टीम के बैटिंग कंसलटेंट भी रह चुके हैं।
इसके अलावा जयवर्धने इसी साल श्रीलंकन नेशनल अंडर-19 टीम के कंसलटेंट भी नियुक्त किए गए हैं। उनकी तुलना भारत के नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) के डायरेक्टर राहुल द्रविड़ से की जाती है।
जयवर्धने अपनी प्लानिंग और मैदान पर उसे लागू करने के लिए जाने जाते हैं। वे बुरे वक्त में भी अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं। यही वजह है कि मुंबई की टीम उनका काफी सम्मान करती है।
जयवर्धने ने करियर में 149 टेस्ट और 448 वनडे खेले थे। टेस्ट में उनके नाम 11814 रन और वनडे में 12650 रन हैं। इसके अलावा 55 टी-20 में जयवर्धने ने 1493 रन बनाए हैं।
उन्होंने 2019 में भी भारतीय टीम के कोच पद के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, तब शास्त्री को ही दोबारा मुख्य कोच चुना गया था। यह देखने वाली बात होगी कि जयवर्धने बीसीसीआई का ऑफर स्वीकार करते हैं या नहीं।
इसके अलावा जयवर्धने इसी साल श्रीलंकन नेशनल अंडर-19 टीम के कंसलटेंट भी नियुक्त किए गए हैं। उनकी तुलना भारत के नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनसीए) के डायरेक्टर राहुल द्रविड़ से की जाती है।
जयवर्धने अपनी प्लानिंग और मैदान पर उसे लागू करने के लिए जाने जाते हैं। वे बुरे वक्त में भी अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हैं। यही वजह है कि मुंबई की टीम उनका काफी सम्मान करती है।
जयवर्धने ने करियर में 149 टेस्ट और 448 वनडे खेले थे। टेस्ट में उनके नाम 11814 रन और वनडे में 12650 रन हैं। इसके अलावा 55 टी-20 में जयवर्धने ने 1493 रन बनाए हैं।
उन्होंने 2019 में भी भारतीय टीम के कोच पद के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, तब शास्त्री को ही दोबारा मुख्य कोच चुना गया था। यह देखने वाली बात होगी कि जयवर्धने बीसीसीआई का ऑफर स्वीकार करते हैं या नहीं।
कोच बनने पर लक्ष्मण, जयवर्धने और कुंबले को छोड़ना पड़ेगा पद
जयवर्धन, कुंबले और लक्ष्मण में से जो भी कोच बनता है, उसे बाकी पदों से इस्तीफा देना होगा। लक्ष्मण हैदराबाद के मेंटर हैं, जबकि जयवर्धने मुंबई और कुंबले पंजाब के कोच हैं। ऐसे में अगर इन्हें रवि शास्त्री की जगह कोच बनाया जाता है तो आईपीएल से इन्हें हटना पड़ेगा। बीसीसीआई के नियम के मुताबिक, भारतीय टीम का मुख्य कोच कोई और क्रिकेट की जिम्मेदारी नहीं ले सकता।
टी-20 विश्व कप के बाद से आवेदन की शुरुआत
बीसीसीआई टी-20 विश्व कप के बाद नए कोच को लेकर आवेदन लेना शुरू करेगा। इसके बाद क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) इनमें से चुने गए कुछ लोगों का इंटरव्यू लेती है। उनकी सिफारिश पर प्रशासकों की समिति (सीओए) कोच नियुक्त करती है।
टी-20 विश्व कप के बाद से आवेदन की शुरुआत
बीसीसीआई टी-20 विश्व कप के बाद नए कोच को लेकर आवेदन लेना शुरू करेगा। इसके बाद क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) इनमें से चुने गए कुछ लोगों का इंटरव्यू लेती है। उनकी सिफारिश पर प्रशासकों की समिति (सीओए) कोच नियुक्त करती है।