वाशिंगटन सुंदर ने ब्रिस्बेन में जिस तरह से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गेंद और बल्ले से शानदार खेल दिखाते हुए अपना टेस्ट डेब्यू किया है, उसने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया है। सुंदर ने स्टीव स्मिथ के रूप में जहां अपना पहला टेस्ट विकेट हासिल किया वहीं गाबा की खतरनाक पिच पर बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाकर सबका दिल जीत लिया।
सुंदर पहले से टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं थे लेकिन तीसरे टेस्ट में रविचंद्रन अश्विन के चोटिल होने और फिर आखिरी टेस्ट में बनी विपरीत परिस्थितियों ने उन्हें डेब्यू करने का मौका दे दिया। सुंदर के टेस्ट करियर की शुरुआत की कहानी जितनी मजेदार है उतनी ही दिलचस्प उनकी जिंदगी की कहानी भी है।
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वाशिंगटन सुंदर
- फोटो : instagram@washisundar555
अपने खेल से शोर मचाने वाले सुंदर एक कान से सुन नहीं सकते हैं जिसका जिक्र उन्होंने खुद एक इंटरव्यू में किया था। हालांकि उन्होंने अपनी इस कमजोरी को कभी अपने सपनों के बीच नहीं आने दिया और हमेशा से मौके का फायदा उठाते रहे।
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वाशिंगटन सुंदर
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तमिलनाडु के इस खिलाड़ी के जीवन की एक और दिलचस्प चीज है इसका नाम- वाशिंगटन। उनके नाम को सुनते ही लोगों को लगता है कि उनका अमेरिका से कोई संबंध है या उनके पिता इस शहर को बहुत पसंद करते हैं। हालांकि ऐसा कुछ भी नहीं हैं।
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वाशिंगटन सुंदर
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वाशिंगटन सुंदर के पिता एम. सुंदर ने एक अखबार से बातचीत करते हुए इस राज से पर्दा उठाया था। उन्होंने कहा था, 'मैं एक हिंदू परिवार से आता हूं। मेरे घर से कुछ ही दूरी पर पूर्व फौजी रहा करते थे, जिन्हें क्रिकेट का बेहद शौक था। वो हमारा खेल देखने के लिए मरीना ग्राउंड में आया करते थे। उनका नाम था पीडी वाशिंगटन और इसी वजह से उन्होंने अपने बेटे का भा नाम वाशिंगटन रखा।
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वाशिंगटन सुंदर
- फोटो : ट्विटर
दरअसल सुंदर के पिता बचपन में काफी गरीब थे, इस दौरान वाशिंगटन ही उनके लिए स्कूल के कपड़े, किताबें लाते थे। उनकी फीस भी पीडी वाशिंगटन ही भरते थे। एम. सुंदर ने कहा कि दोनों के बीच काफी गहरा रिश्ता था। जब उनका चयन रणजी संभावितों में हुआ, तो वे सबसे खुश इंसान थे।