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एशेजः अंपायरों के एक और फैसले ने लिया विवाद का रूप
इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 05 Aug 2013 01:55 PM IST
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एशेज सीरीज हो और उसमें विवाद न हो ऐसा हो नहीं सकता। अब तक अंपायरों के खराब फैसलों के कारण यह सीरीज चर्चा में रही है, लेकिन अंपायरों के एक और अजीबोगरीब फैसले ने विवाद का रूप ले लिया है।
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सीरीज के पहले दो मैच जीतकर मेजबान इंग्लैंड 2-0 से आगे है। तीसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया अच्छी स्थिति में दिख रहा है। मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन अंपायरों ने खराब रोशनी के कारण खेल को समय पूर्व रोक दिया जिस कारण खिलाड़ियों को मैदान से बाहर जाना पड़ा।
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जिस समय मैच रोका गया उस समय ऑस्ट्रेलिया अपनी दूसरी पारी खेल रहा था और क्रीज पर कप्तान माइकल क्लार्क (30) और रेयान हैरिस (0) बल्लेबाजी कर रहे थे। ऑस्ट्रेलिया की कुल 331 रनों की बढ़त हो गई थी।
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लेकिन अंपायर मौरियस एर्सुमस और टोनी हिल ने स्थानीय समय 4:26 बजे मैच को रोक देने का निर्णय लिया। बारिश के कारण मैच में खलल पड़ने की वजह से खेल 5:38 तक खेला जाना था। लेकिन अंपायरों ने एक और विवादित फैसला लेते हुए खेल को समय से पूर्व रोक दिया।
अंपायरों के इस फैसले से दर्शकों में खासी नाराजगी देखी गई। कंगारू कप्तान क्लार्क ने भी दोनों अंपायरों से लंबी बहस भी की। मैच के पांचवें दिन भी बारिश की संभावना जताई गई है। ऐसे में मैच ड्रॉ की ओर बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया इस मैच में बेहद मजबूत स्थिति में दिख रहा है लेकिन बारिश उसकी उम्मीदों पर पानी फेर सकती है।
हालांकि खेल रोके जाने से पहले अंपायरों ने इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक से पूछा कि क्या वह दोनों छोर से स्पिन गेंदबाजी कराने को तैयार हैं, जिस पर कुक ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद अंपायर ने मैच रोक दिया।
हालांकि विपक्षी कप्तान क्लार्क ने अंपायरों से ऐसा करने से मना किया। उन्होंने पूछा कि वे खेल रोकने के लिए इतनी जल्दी क्यों कर रहे हैं।
अंपायरों का यह फैसला इसलिए चौंकाता है कि खराब रोशनी के मामले में अंपायर बल्लेबाजों की राय लेते हैं कि क्या वे इतनी कम रोशनी में खेलना चाहते हैं। लेकिन अक्टूबर 2010 के बाद नियम में बदलाव आ गया जिसमें अंपायर अपने स्तर पर ऐसा फैसला ले सकते हैं।
अंपायर एर्सुमस ने इस फैसले पर अपनी सफाई देते हुए कहा है कि पिछले कुछ सालों में खेल की परिस्थितियां बदल गई हैं इसलिए ऐसा निर्णय लिया गया है।