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Amar Ujala Samvad 2023: भारतीय टीम का कप्तान बदलने की जरूरत नहीं; सहवाग बोले- एक मैच से आकलन न करें
Mon, 19 Jun 2023 01:22 PM IST
शक्तिराज सिंह
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: शक्तिराज सिंह
Updated Mon, 19 Jun 2023 01:22 PM IST
सार
रोहित शर्मा बतौर भारतीय कप्तान दो आईसीसी ट्रॉफी जीतने का मौका गंवा चुके हैं। हालांकि, सहवाग का मानना है कि हमें एक मैच के आधार पर टीम इंडिया का कप्तान बदलने की जरूरत नहीं है।
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रोहित शर्मा और वीरेंद्र सहवाग
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग अमर उजाला संवाद का हिस्सा बने। इस दौरान उन्होंने भारतीय क्रिकेट से जुड़े कई विषयों पर बात की। सहवाग ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भारत की हार के लिए बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन और अश्विन को टीम में नहीं शामिल करने के फैसले को जिम्मेदार ठहराया। इसके साथ ही उन्होंने कप्तान रोहित शर्मा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि एक मैच के आधार पर रोहित की कप्तानी का आकलन करने की जरूरत नहीं है। वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की हार पर सहवाग ने कहा कि बल्लेबाजों ने 15-20 रन बनाने के बाद अपने विकेट फेंक दिए और पहली पारी में ही टीम पिछड़ गई। इसी वजह से भारत को हार झेलनी पड़ी। अश्विन को टीम से बाहर करने का फैसला भारी पड़ गया, लेकिन यह अकेले रोहित का फैसला नहीं था। यहां पूरे टीम मैनेजमेंट से गलती हुई। टॉस जीतकर गेंदबाजी लेने के फैसले पर सहवाग ने कहा कि मैं भी रोहित की जगह होता तो यही फैसला लेता। टेस्ट मैच में कप्तान के साथ कोच और सीनियर खिलाड़ी पिच देखते हैं और फैसला करते हैं। भारतीय टीम ने सोचा होगा कि अगर पहले सत्र में तीन-चीर विकेट मिल जाएंगे तो मैच खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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कप्तान बदलने के फैसले पर सहवाग ने कहा कि एक मैच के आधार पर आंकलन न करें। टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले भारतीय टीम अपने घर में टेस्ट सीरीज जीती है। भारत दो बार ऑस्ट्रेलिया जाकर टेस्ट सीरीज जीता है। बाहरी टीमों के लिए भारत में खेलना मुश्किल होता है। कितनी टीमें ऐसी हैं, जो भारत आकर टेस्ट सीरीज जीती हैं। ऐसे में हमें भी बाहर जाकर सीरीज जीतने में परेशानी होती है, लेकिन इससे कप्तान बदलने का फैसला नहीं होना चाहिए।
आईपीएल को लेकर सहवाग ने कहा कि यह भारत के आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाने की वजह नहीं है। आप मैच खेल रहे थे, मैच से बेहतर प्रैक्टिस क्या होगी। वहां, पर आपने ज्यादा दबाव लिया। आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम नॉकआउट मैच हार रही है। 2011 विश्व कप के लिए हमने 2008 से ही हर मैच को नॉकआउट मानकर खेलना शुरू किया था। इस बार भी भारत को ऐसे ही प्रैक्टिस करनी चाहिए। इससे नॉकआउट मैच का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
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विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में भारत की हार पर सहवाग ने कहा कि बल्लेबाजों ने 15-20 रन बनाने के बाद अपने विकेट फेंक दिए और पहली पारी में ही टीम पिछड़ गई। इसी वजह से भारत को हार झेलनी पड़ी। अश्विन को टीम से बाहर करने का फैसला भारी पड़ गया, लेकिन यह अकेले रोहित का फैसला नहीं था। यहां पूरे टीम मैनेजमेंट से गलती हुई। टॉस जीतकर गेंदबाजी लेने के फैसले पर सहवाग ने कहा कि मैं भी रोहित की जगह होता तो यही फैसला लेता। टेस्ट मैच में कप्तान के साथ कोच और सीनियर खिलाड़ी पिच देखते हैं और फैसला करते हैं। भारतीय टीम ने सोचा होगा कि अगर पहले सत्र में तीन-चीर विकेट मिल जाएंगे तो मैच खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
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कप्तान बदलने के फैसले पर सहवाग ने कहा कि एक मैच के आधार पर आंकलन न करें। टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल से पहले भारतीय टीम अपने घर में टेस्ट सीरीज जीती है। भारत दो बार ऑस्ट्रेलिया जाकर टेस्ट सीरीज जीता है। बाहरी टीमों के लिए भारत में खेलना मुश्किल होता है। कितनी टीमें ऐसी हैं, जो भारत आकर टेस्ट सीरीज जीती हैं। ऐसे में हमें भी बाहर जाकर सीरीज जीतने में परेशानी होती है, लेकिन इससे कप्तान बदलने का फैसला नहीं होना चाहिए।
आईपीएल को लेकर सहवाग ने कहा कि यह भारत के आईसीसी ट्रॉफी नहीं जीत पाने की वजह नहीं है। आप मैच खेल रहे थे, मैच से बेहतर प्रैक्टिस क्या होगी। वहां, पर आपने ज्यादा दबाव लिया। आईसीसी टूर्नामेंट में भारतीय टीम नॉकआउट मैच हार रही है। 2011 विश्व कप के लिए हमने 2008 से ही हर मैच को नॉकआउट मानकर खेलना शुरू किया था। इस बार भी भारत को ऐसे ही प्रैक्टिस करनी चाहिए। इससे नॉकआउट मैच का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।