पाकिस्तान की गेंदबाजी आक्रमण की धार रहे मोहम्मद आमिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। उन्होंने 28 वर्ष की उम्र में एक शानदार करियर को विवादों और आरोपों के साये में अलविदा कहा। 2019 में काम के बोझ का हवाला देकर टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले आमिर ने इस बार पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड, टीम प्रबंधन और कोचिंग स्टाफ पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाकर सभी फॉर्मेट से अनिश्चितकालीन ब्रेक ले लिया।
मोहम्मद आमिर: 17 साल की उम्र में डेब्यू, फिर पांच साल का बैन और 28 साल में संन्यास, कुछ ऐसा रहा करियर
17 साल में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
पाकिस्तान क्रिकेट के लिए 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू करने वाले आमिर अपनी स्विंग और रफ्तार के लिए पहचाने जाते थे। शुरुआती साल में ही उन्होंने एक के बाद एक कई रिकॉर्ड बना डाले थे। उन्होंने 2009 आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। इसके बाद उन्होंने गेंदबाजी के साथ ही बल्लेबाजी में भी अर्धशतकीय पारियों की बदौलत सुर्खियों बटोरी और रिकॉर्ड बुक में शामिल हुए। उनके लिए 2009 के आखिरी तक सब कुछ सही चल रहा था और वह पाकिस्तान क्रिकेट के चमकते सितारे बन चुके थे। लेकिन 2010 के बाद से उनका करियर एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया जहां से उनके साथ सिर्फ संघर्ष और मानसिक तनाव ही साथ रहे।
स्पॉट फिक्सिंग में पांच साल के लिए बैन
आमिर को अगस्त 2010 में मैच फिक्सिंग के मामले में दोषी पाया गया, जिसे उन्होंने खुद स्वीकार किया। इसके लिए उनपर पांच साल का प्रतिबंध लगाया गया और तीन महीने के लिए उन्हें जेल में भी रहना पड़ा। हालांकि उन्हें कम उम्र का फायदा मिला और साथ खिलाड़ियों सलमान बट्ट और मोहम्मद आसिफ की तुलना में कम सजा मिली।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी और चैंपियंस ट्रॉफी और टी-20 वर्ल्ड कप के हीरो
पांच साल तक क्रिकेट से दूर रहने के बाद उन्होंने मार्च 2015 में घरेलू क्रिकेट से वापसी की और अगस्त से उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने की मंजूरी मिल गई। इसके बाद उन्होंने पाकिस्तान सुपर लीग में हैट्रिक ली, फिर एशिया कप और 2016 में टी-20 वर्ल्ड कप का हिस्सा बने। 2017 में उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया और पाकिस्तान को उसका पहला खिताब दिलाने में अहम योगदान दिया, फाइनल में उन्होंने रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे भारत के शीर्ष बल्लेबाजों को सस्ते में आउट कर सुर्खियां बटोरी।
एशिया कप में संघर्ष
हालांकि इसके बाद वह 2018 में एशिया कप में फ्लॉप रहे और आलोचनाएं झेली, फिर 2019 में वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की तरफ से सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी के बाद आमिर हालांकि उस लय में नहीं दिखे जैसे पहले थे, लेकिन बावजूद इसके सरफराज अहमद और उस वक्त के प्रबंधन ने खूब मौके दिए और उनका अधिक से अधिक इस्तेमाल किया।